Pollution Check Center kaise Khole – वाहन प्रदूषण जांच केंद्र कैसे खोले 2022

शहरों और गांवों में बढ़ती वाहनों की आबादी के कारण  प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है जिस वजह से सरकार के द्वारा वाहन चालकों के लिए नियम और भी कड़े कर दिए गये है जिसके अनुसार वाहन चालकों को अपने पास वाहन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज रखने ही होंगे जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वाहन प्रदूषण सर्टिफिकेट तक आते है । ऐसे में [PUC Center] Vahan Pradushan Janch Kendra खोलना काफी मुनाफे का बिजनेस माना जाता है। आपने कई वाहन प्रदूषण जांच केंद्र के बाहर गाड़ियों की लंबी लंबी लाइनें देखी ही होगी। आज Pollution Check Center kaise Khole इसी के बारे में हम आपको पूरी जानकारी देने वाले है।  

वाहन प्रदूषण जाँच केंद्र क्या है (Pollution Check Center kaise Khole)

आपने कई बार सड़क किनारे या पेट्रोल पंप के पास एक पीले रंग की केबिन देखी ही होंगी इसे ही वाहन प्रदूषण जांच के केंद्र कहते है। इस जगह वाहनों के प्रदूषण की जाँच की जाती है और प्रदूषण जांच केंद्र से सभी वाहन चालकों को प्रदूषण सर्टिफिकेट दिया जाता है। वाहन चालकों के लिए प्रदूषण सर्टिफिकेट बेहद ही जरूरी होता है । अगर ये सर्टिफिकेट वाहन चालकों के पास नही होगा तो उन्हें 10 हजार रुपये के  जुर्माना देने के साथ ही साथ कानूनी दंड का भी सामना करना पड़ सकता है।

अतः जिस तरह वाहन चालकों के लिए  ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी होता है वैसे ही प्रदूषण सर्टिफिकेट भी अहम है।  प्रदूषण सर्टिफिकेट केवल वाहन प्रदूषण जांच केंद्र से ही बन सकता है। इससे पता चल जाता है कि कौन कौन से वाहन वातावरण को प्रदूषित कर रहे है। वाहन चालकों को प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने के लिये कम से कम 50 रुपये से 200 रुपये तक देना पड़ सकता है। प्रदूषण सर्टिफिकेट के लिए लगने वाली राशि अलग अलग राज्यों में भिन्न हो सकती है। इसके साथ ही साथ प्रदूषण सर्टिफिकेट 6 महीने से लेकर एक साल तक के लिए बनवाये जा सकते है ।

वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए पात्रता

Vahan Pradushan Janch Kendra खोलने के लिए आपके पास कुछ जरूर सर्टिफिकेट होने अनिवार्य है , जिसके आधार पर आप एक वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोल सकते है :

  1. ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट
  2. मोटर मैकेनिक सर्टिफिकेट
  3. ऑटो मैकेनिक्स सर्टिफिकेट
  4. स्कूटर मैकेनिक्स सर्टिफिकेट
  5. डीजल मैकेनिक सर्टिफिकेट
  6. इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से प्रमाणित सर्टिफिकेट

प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए आवश्यक उपकरण

अगर आप भी प्रदूषण जांच केंद्र खोलना चाहते है तो इसके लिए कुछ जरूरी उपकरण आपके पास होने चाहिये तभी आप इसके लिए पात्र माने जाएंगे जैसे अच्छी इंटरनेट स्पीड के साथ एक कंप्यूटर या लैपटॉप, यूएसबी वेब कैमरा, स्मोक एनालाइजर , इंकजेट प्रिंटर और साथ ही साथ इन सभी चीजों को चलाने के लिए पावर सप्लाई की भी जरूरत पड़ती है।

वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने से पहले कुछ बातों के बारे में आपको जान लेना बेहद ही जरूरी होता है। इसके लिये कुछ नियम और शर्ते भी बनाई गई है जिसका पालन आपको करना होता है –

  1. प्रदूषण जांच केंद्र के केबिन का कलर पीले रंग का ही होना चाहिये।
  2. केबिन की लंबाई 2.5 मीटर और चौड़ाई 2 मीटर और ऊंचाई भी 2 मीटर होनी चाहिए।
  3. वाहन प्रदूषण जांच केंद्र के लाइसेंस के लिए आपको सिक्योरिटी शुल्क के रूप में 5 हजार और लाइसेंस शुल्क के तौर पर 5 हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है। मतलब यह है कि इसके लाइसेंस में आपको 10 हजार रुपये देने पड़ सकते है। यह राशि भिन्न भिन्न राज्यों के हिसाब से अलग अलग भी हो सकती है।
  4. केबिन में आपको बड़े अक्षरों में बिल्कुल साफ साफ दिखे इस तरीके से अपना लाइसेंस नंबर दर्ज करवाना होता है।
  5. आपको अपने एरिया के आरटीओ (RTO) ऑफिस से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होता है।
  6. आप अगर चाहें तो किसी भी पेट्रोल पंप या ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के नजदीक अपना वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोल सकते है ताकि ज्यादा से ज्यादा वाहन आपके यहाँ पर आया करे।
  7. जितने भी वाहनों को आप अपने जांच केंद्र से प्रदूषण सर्टिफिकेट जारी करेंगे उन सभी के रिकॉर्ड आपको अपने  पास कम से कम 1 साल तक रखने ही होंगे।
  8. जिस व्यक्ति के नाम पर प्रदूषण जांच केंद्र का लाइसेंस प्राप्त हुआ है सिर्फ वही व्यक्ति इसे चला सकता है अर्थात एक व्यक्ति के नाम से सिर्फ एक ही प्रदूषण जाँच केंद्र चल सकता है।
  9. वाहन प्रदूषण जाँच केंद्र के लाइसेंस को हर साल रिन्यू करवाना पड़ता है।
  10. प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने के बाद आपको वाहनों पर सरकार द्वारा जारी किये गये स्टीकर लगाने होते है और प्रिंटेड सर्टिफिकेट भी देने होते है। 

वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने में कितना इन्वेस्टमेंट करना पड़ता है

जहाँ तक इन्वेस्टमेंट की बात है तो आपको इसके लिए जगह की जरूरत पड़ती है और आवश्यक उपकरण लेने की भी आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए  लाइसेंस लेने में भी आपको खर्च करना पड़ता है। इसके लिए आपको 40 से 50 हजार तक इन्वेस्ट करना पड़ सकता है।

वाहन प्रदूषण जाँच केंद्र खोलने के लिए लाइसेंस में कितना खर्च लगता है

इसके लिए लगने वाली राशि राज्यों के हिसाब से भिन्न भिन्न हो सकती है । उदहारण के लिए कुछ राज्यों में लाइसेंस के लिए लगने वाली राशि के बारे में नीचे हम आपको बताने जा रहे है :

राज्यों के नाम सिक्युरिटी शुल्क लाइसेंस शुल्क
दिल्ली NCR 5000 5000
कलकत्ता 10,000 10,000

प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए क्या करना पड़ेगा?

Vahan Pradushan Janch Kendra खोलने के लिए आपको एक जगह  की जरूरत पड़ती है जहां आपका केबिन बनेगा इसके अलावा आपको इसमें लगने वाले आवश्यक उपकरण लेने होंगे। प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए आपको ज्यादा निवेश करने की जरूरत नही पड़ती है। अधिकतम खर्चा सिर्फ लाइसेंस लेने के लिए ही करना पड़ता है। प्रदूषण जाँच केंद्र खोलने के लिए जरूरी लाइसेंस के लिए , अपने एरिया के आरटीओ ऑफिस में जाकर या फिर वाहन प्रदूषण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी लाइसेंस के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है। 

वाहन प्रदूषण जाँच केंद्र खोलने के लिए आवेदन कैसे करें

अगर आप भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलना चाहते है तो इसके लिए आवेदन किन्हीं दो तरीकों से किया जा सकता है जिसके बारे में आगे हम आपको बताने वाले है –

ऑफलाइन आवेदन  : अगर आप वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए लाइसेंस हेतु ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको आरटीओ ( RTO ) कार्यालय से संपर्क करना होगा। आपको 10 रुपये के स्टाम्प पेपर के साथ आवेदन फॉर्म को संलग्न करके यहाँ जमा करना होता है। स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र बनवाना होगा जिसमें सारे नियम और शर्ते लिखी होंगी। आरटीओ कार्यालय से ही आपको वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए लाइसेंस मिल जाएगी। 

ऑनलाइन आवेदन : अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से वाहन प्रदूषण जाँच केंद्र खोलने के लिये लाइसेंस प्राप्त करना चाहते है तो इसके लिए सबसे पहले आपको  इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा या फिर आप इस लिंक parivahan.gov.in पर क्लिक करके भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने हेतु लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते है। यहाँ पर आपको  रेजिस्टर न्यू /ओल्ड पीयूसी सेंटर का ऑप्शन मिलेगा । इसके नीचे आपको एक फॉर्म दिखेगा , जिसमें आपको पूछी गई जानकारियां भरनी है जो कि निम्नलिखित है :

सबसे पहले आवेदक को सेंटर की डिटेल्स भरनी होती है जिसमें 

  1. स्टेट
  2. ऑफिस
  3. PUC सेंटर नेम
  4. PUC एप्लीकेशन आईडी
  5. ऑथोराइसड पर्सन नेम
  6. इसके बाद आपको PUC सेंटर का एड्रेस पिन कोड के साथ भरना होता है।
  7. अब आगे जिस व्यक्ति के नाम पर PUC सेंटर लेना है उस ऑथोराइसड पर्सन की कांटेक्ट डिटेल्स भरनी होती है जिसमे व्यक्ति का मोबाइल नम्बर, ऑफिस नंबर और ईमेल आईडी है।
  8. एक बार पुनः फॉर्म में भरी गई सारी जानकारियों को रिचेक कर ले ।
  9. इसके बाद आपको यूजर नेम और पासवर्ड बनाने का विकल्प मिलता है। पासवर्ड बनाने के बाद इसे फिर से एक बार कन्फर्म कर लें और दिया गया सिक्योरिटी कोड डालकर रजिस्टर कर लें।

इस तरह से आप वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने हेतु लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

मुनाफा कितना मिलता है

वाहन प्रदूषण जाँच के केंद्र खोलने में आपको बहुत ज्यादा मुनाफा होता है। सरकार ने वाहन चालकों के लिये नियमों को काफी कड़ा बना दिया है जिसके अंतर्गत वाहन चालकों के पास वाहन से संबंधित सारे दस्तावेजों के साथ ही साथ वाहन प्रदूषण सर्टिफिकेट भी होना अनिवार्य है। जिस वजह से कई वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर वाहनों की लाइनें भी लगी रहती है। अतः यह काफी फायदे का बिजनेस है जिससे आप एक महीने में 30 से 40 हजार तक कमा सकते है। 

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