CS (कंपनी सेक्रेटरी) कैसे बने पूरी जानकारी

CS कैसे बनें? || How To Become a CS?|| Company Secretary Kaise Bane || पूरी जानकारी

अगर आपने कभी ऐसा सुना है की किसी भी संस्था मे सबसे बडा अधिकारी होता है जो सब कूछ मैनेज करता है। कंपनी में भी ऐसे ही होता है जो की पुरी कंपनी का काम संभालता है उसे हम कंपनी सेक्रेटरी (कंपनी सचिव ) कहते है।

कंपनी सेक्रेटरी कैसे बने क्या होता है ( What is Company Secretary )

कंपनी में एक सेक्रेटरी एक प्रबंधक का कार्य करता है जिसमे वह कंपनी के हर छोटे से बडे काम कें प्रबंधक का कार्य करता है। एक निजी कंपनी मे यह पद बहुत ही सम्मानजनक होता है। कंपनी सेक्रेटरी को हिन्दी मे कंपनी सचिव कहते है। इस पद पर कार्य करने वाला हर व्यक्ति का प्रमुख कार्य कंपनी के Board of Director व कंपनी मे मध्य तालमेल बैठाने का होता है। एक कंपनी सचिव कंपनी के Board of Director के अधीन कार्य करता है। इसके अलावा एक कंपनी सचिव एक कार्य यह भी होता है की व कंपनी के शेयर होल्डर्स व कंपनी के मध्य सामंजस्य बिठाना भी होता है। एक कंपनी सेक्रेटरी के कार्य क्षेत्र होते है, क्या लाभ होता, एक कंपनी सेक्रेटरी की सैलेरी क्या होती है आदी के बारे मे पढेंगे। अत आप इस लेख को अन्त तक पढे।

भारत मे एक कंपनी सेक्रेटरी अपनी कंपनी की कानूनी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने का कार्य मुख रूप से करता है। यदि आपको भी लगता है की आपको भी एक कम्पनी सचिव बनना है तो आप आसानी से बन सकते है। कंपनी मे ऐसे अहम पद के लिए कार्य करने हेतु एक सामान्य नागरिक को कडी परीक्षा से गुजरना पडता है । कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए एक सामान्य विद्यार्थी को कंपनी सेक्रेटरी का कोर्स करना पडता है। भारत मे दि इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया नामक संस्था इस कोर्स को करवाती है जिस भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था से किया जा सकता है।

कंपनी सेक्रेटरी कैसे बने ( How to Become Company Secretary )

अगर आप भी अपना करियर कंपनी सेक्रेटरी के फील्ड में बनाने की सोच रह है तो यह आपके लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है। इस के लिए आपको कुछ परीक्षाओ को पास करना पडता है साथ अगर आप कंपनी सेक्रेटरी बनने की चाहत रखते है तो आपको कक्षा 12 से ही तैयारी रखनी पडती है। कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए जिन परीक्षाओ को पास करना पडता है उनके बारे मे हम आपको इस पोस्ट मे आगे बताने जा रहे है जिसे समझ कर आप आसानी से कंपनी सेक्रेटरी बनने की प्रक्रिया को पास कर सकते है ओर अपने सपनो का पुरा कर सकते है।

कंपनी सेक्रेटरी ( कंपनी सचिव ) बनने के लिए आवश्यक योग्यता ( Eligibility to become a Company secretary )

आपको कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए कुछ आवश्यक योग्यता को पूरा करना पडता है जिसके बाद आप इस पद पर पहुच पाते है ओर अपने सपनो को एक नई उडान दे पाते है।

  • अगर आप कक्षा 12 के बाद कंपनी सेक्रेटरी बनने की सोच रहे है तो आपके लिए एक अच्छी बात है की आप अपने शिक्षा के शुरूआती दौर मे ही अपने सपनो को उडान देने की सोच रहे है। कक्षा 12 के बाद आप इस कोर्स को आसानी से कर सकते है जिसमे वाणिज्य, कला ओर विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी भाग ले सकते है।
  • अगर आप कंपनी सचिव के कोर्स को स्नातक के बाद करना चाहते है तो भी आप इस कोर्स को कर सकते है। इस कोर्स के लिए अगर चाहे तो graduate के बाद भी इस कोर्स को कर सकते है और graduate कोर्स में पढ़ते भी इस का कोर्स कर सकते है।
  • भारत में कंपनी सचिव कोर्स को करने के लिए भारतीय के साथ ही विदेशो के विद्यार्थी भी इस कोर्स को कर सकते है।
  • कंपनी सचिव बनने के लिए यह जरूरी नही की आपने कक्षा 12 व graduate किस विषय मे किया है, अगर आपने कक्षा 12 कला, वाणिज्य या विज्ञान वर्ग से किया है तो भी आप इस कोर्स मे प्रवेश ले सकते है।

कंपनी सचिव बनने के लिए किये जाने वाले कोर्स ( Important Courses to become a Company Secretary )

भारत में कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए कुछ जरूरी परीक्षाओ का पास करना जरूरी होता है जिसे आप नीचे पोस्ट मे समझ सकते है।

कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए भारत में भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ( The Institute of Company Secretary in India ) द्वारा एक कोर्स करना पडता है जो की लगभग 2 साल का होता है जिसमे 3 मुख्य चरण होते है। यह एक प्रवेश परीक्षा ( Entrance Exam ) होती है अगर आप इस परीक्षा को क्वालीफाई कर देते है तो उसके बाद आपको इस कोर्स को करने के लिए प्रवेश दिया जाता है। कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए परीक्षा के 3 चरणो से गुजरना पडता है जो की निम्न प्रकार है।

  • फाउंडेशन कोर्स ( Foundation Course ) : अब अगर आपने कंपनी सचिव बनने का सोच ही लिया है तो आपको इस परीक्षा मे बैठने मे देर नही करना चाहिए। फाउंडेशन कोर्स एक तरह की परीक्षा ( Entrance Exam ) होती है जो की हर साल जून व दिसम्बर में भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ( The Institute of Company Secertry In India – ICSI )  द्वारा आयोजित करवाई जाती। इस परीक्षा के लिए कोई भी आवेदन कर सकता है जो कक्षा 12 पास हो। इस परीक्षा मे बैठने के लिए कोई जरूरी नही है की आप कला, वाणिज्य या विज्ञान वर्ग से हो।
  • एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम ( Executive Program ) : अगर आप फाउंडेशन कोर्स यानी प्रवेश परीक्षा को पास कर लेते है तो आप इस कोर्स के अगले चरण मे पहुच जायेंगे जिसमे आपको व्यवहारिक ज्ञान की ट्रेनिंग दी जायेगी।
  • प्रोफेशनल प्रोग्राम ( Professional Program ) : इस परीक्षा के तीसरे चरण में आपकी एक फाईनल परीक्षा होगी जिसे प्रोफेशनल परीक्षा के नाम से जाना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप खुद को एक कंपनी सेक्रेटरी कह सकते है।

कंपनी सचिव (सेक्रेटरी) के कार्य ( Work of Company Secretary )

  • कार्य के डिक्टेशन लेना एवं उस कार्य की रिपोर्ट को कम्प्यूटर पर रुपान्तरित (ट्रांसक्राइव) करना।
  • कार्यपालिका व कार्य को समाचार पत्रो मे संपादित करना
  • कंपनी मे आने व जाने वाली डाक को मैनेज करना।
  • कंपनी के रिकार्ड को प्रबंधन करना
  • कार्य को मशीनों द्वारा संचालित करना
  • कंपनी मे आने जाने वाले माल की समय सारणी बनाना
  • कंपनी में होने वाली मीटिंग की व्यवस्था करना और साथ ही उनके बैठने व जलपान की व्यवस्था करना।
  • कंपनी में होने वाली बैठक के दस्तावेजों को एकत्रित करना।
  • कंपनी के लिए कानूनी कार्य देखना और मैनेज करना।
  • कंपनी मे होने वाली भर्तियों का आयोजन करवाना व साक्षात्कार आयोजित करवाना।

कम्पनी सचिव के गुण ( character of Company Secretary )

  • अनुकूलनीयता : एक सचिव के पास कंपनी व बाहर के हर प्रकार के व्यक्तियों एवं परिस्थितियों तथा समस्याओं के प्रति अनुकूलता दिखा सकेे।
  • सहयोग भावना : एक कंपनी सचिव में सहयोग की भावना जरूर होनी चाहिए ताकि व कम्पनी के लोगो के साथ सहयोग से काम कर सके।
  • शिष्टाचार : एक कंपनी सचिव को शिष्टाचार पूर्ण व्यवहार करना आना चाहिए ताकि व संगठन के सभी सदस्यों तथा बाहर से आने वाले आगंतुकों को उचित महत्व दिया जा सके।
  • निष्ठा : एक कंपनी सचिव निष्ठावान भी होना चाहिए।
  • समय पालन : एक कंपनी सचिव के पास समय पालन करने की क्षमता भी होना चाहिए।
  • चातुर्य : एक कंपनी सचिव कुशल एवं चार्तुय होना चाहिए ताकि कम्पनी मे होने वाले अपराधो से बच सके।
  • मधुर वाणी : कंपनी सचिव मधुर वाणी वाला भी होना चाहिए ताकि कम्पनी कर्मचारियो के साथ तालमेल बना के बैठ सके।
  • संतुलन : कंपनी सचिव के पास फैसले लेने का संतुलन होना चाहिए।

कंपनी सेक्रेटरी बनने के लाभ ( Benefits of Company Secretary )

कंपनी सचिव बनने के बाद कंपनी में सेक्रेटरी के पद पर कार्य कर सकते है ओर इतना ही नही आप अगर चाहे तो खुद की कंपनी भी बना सकते है। कंपनी सेक्रेटरी बनने के बाद आप समाज में प्रतिष्ठा भी पा सकते है। कंपनी सेक्रेटरी एक बडी कंपनी मे भी कार्य कर सकता है तो खुद की कंपनी के लिए भी कार्य कर सकता है।

कंपनी सचिव की सैलेरी ( Salary of a Company Secretary )

कंपनी सेक्रेटरी का कार्य काफी जिम्मेदारी वाला कार्य होता है। कंपनी सेक्रेटरी को अपने कार्य के प्रति काफी संवेदनशील होता है। कंपनी सेक्रेटरी कंपनी का महत्वपूर्ण अंग होता है। अगर आप किसी सरकारी या प्राइवेट कंपनी में सचिव का कार्य करते है ओर फ्रेशर के तौर पर कार्य करते है तो एक कंपनी सेक्रेटरी की सैलरी 4 से 5 लाख सालाना हो सकती है। अगर एक कंपनी सेक्रेटरी के पास 3 – 5 का अनुभव है तो आपको 12 से 15 लाख तक की सैलेरी हो सकती है। अगर आप एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य करते है तो आपको 20 से 25 लाख तक की सैलेरी हो सकती है।

निष्कर्ष

कंपनी सेक्रेटरी का कार्य काफी जोखिम भरा होता है। आप कंपनी सेक्रेटरी कैसे बन सकते है इसके बारे मे हमने समझा ओर देखा। उम्मीद करते है की आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर आपको कोई ओर जनाकारी चाहिए तो आप हमे कमेंट कर बता सकते है।

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