ट्रेवल एजेंसी का बिजनेस कैसे शुरू करे Travel Agency Business Information in Hindi

ट्रेवल एजेंसी का बिजनेस कैसे शुरू करे – Travel and tourism का योगदान दुनिया के अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा है। और इसमें रोज़गार के ज़्यादा अवसर भी पैदा हो रहे है। World travel and tourism council (WTTC) के आंकड़ा के मुताबिक वर्ष 2017 में ग्लोबल GDP में Travel and tourism का योगदान 10.4% रहा वहीं 313 मियलियन रोज़गार के अवसर पैदा हुए जो कुल रोज़गार का 9.9% है। वर्तमान समय में भारत में ट्रैवल एजेंसी का बिजनेस बहुत तेज़ी फल फूल रहा है। और ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा हो रहे हैं।वहीं भारत की बात करें तो भारत में GDP ग्रोथ मे travel and tourism का योगदान 8% तक सालाना हो सकता है।

भारत में ज्यादा आबादी होने के साथ साथ यहां पर्यटक स्थान भी ज़्यादा है जिससे यहां, रोज़गार के अवसर ज़्यादा पैदा हो रहे हैं। इसके साथ साथ भारत अपने सुंदर पर्यटक स्थलों होने के कारण यह विदेशी पर्यटक को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। और ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में विदेशी पर्यटक भारत आते रहते हैं। हम कहीं भी नए जगह जाने का या घूमने का प्लान करते हैं तो हमे सबसे पहले रहने सहने की और ट्रेवलिंग इत्यादि के व्यवस्था को लेकर चिंता होती है।

क्योंकि आप कहीं भी नए जगह घूमने या हनीमून इत्यादि पे जाना चाहते है तो आपको वहां के बारे ज्यादा आईडिया नही होता है और रहने सहने के व्यवस्था को लेकर परेशानी उठानी परती है लेकिन अब आपको इस परेशानी से निज़ात दिलाने के लिए जगह जगह ट्रेवलिंग एजेंसी खुल रहे है। जो आपको ऐसी सुविधा देती है जिसके तहत आप कहीं भी जाने से पहले आप अपने बज़ट के अनुसार आप अपना पूरा कार्यक्रम तैयार कर सकते हैं।

क्या होता है ट्रेवल एजेंसी-

ट्रेवल एजेंसी एक ऐसा माध्यम है जिसके तहत ट्रेवलिंग और कहीं घूमने फिरने इत्यादि से सबंधित हर तरह की सुविधाएं प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत रेल टिकट, बस टिकट, हवाई टिकट, कार रेंट, बस रेंट, होटल बुकिंग, टूर पैकेज, इत्यादि जैसी सर्विस दी जाती है। कुछ ट्रेवल एजेंसी एयर एम्बुलेंस जैसी सुविधा भी देती है।

ऐसे करें शुरुआत

ट्रेवल एजेंसी शुरू करने के लिए आपको एक जगह होना चाहिए। आप चाहे तो घर से भी स्टार्ट कर सकते हैं। लेकिन किसी मार्केट में करें तो ज़्यादा बेहतर होगा।जहां आपके ऑफलाइन भी ज्यादा कस्टमर बनेंगे और उसके साथ दूसरा काम भी कर सकते हैं जैसे जैसे पैन कार्ड बनाना, आधार कार्ड बनाना, ऑनलाइन पासपोर्ट अप्लाई करना इत्यादि। इसके अलावा आपको एक कंप्यूटर या लैपटॉप, प्रिंटर इत्यादि होने चाहिए, इसके बाद आपको कंपनी का नाम रजिस्टर कर एक वेबसाइट और मोबाइल एप्प बनवाना होगा।

आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण

ट्रेवल बिज़नेस शुरू करने के लिए कुछ कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको कुछ चीज़ों की लाइसेंस और पंजीकरण की जरूरत पड़ती है। जो निम्न लिखित हैं

• सबसे पहले आपको ये चुनाव करना होगा के आप किस टाइप का कम्पनी खोलने जा रहे हैं जैसे, प्राइवेट लिमिटेड, LLP, OPC, या LLC।

• पैन नंबर और GST के लिए अप्लाई करना

• सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रेवल एजेंट बने, जिसे Ministry of tourism द्वारा मान्यता दी जाती है।

• IATA ( The International air transport association) के एजेंट बने। IATA एक वर्ल्ड Airlines का पार्ट है। जो पूरी दुनिया के लगभग 240 Airlines को संचालित करती है जो कुल Air traffic का 84% है।

• ट्रेडमार्क पंजीकरण करें।

• ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन का मेंबर बने।

• IRCTC का Authorized एजेंसी लें।

कैसे लें IRCTC का Authorized Agency

IRCTC का Authorized Agency लेने के लिए सबसे पहले, IRCTC के ऑफिशियल साइट पे जा कर रजिस्ट्रेशन करे, जहां पे आप को 10,000 रजिस्ट्रेशन के चार्ज और 100 रुपया स्टंप पेपर के लगेंगें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरा करने के बाद डाक्यूमेंट्स देने पड़ेंगे।
आवश्यक डाक्यूमेंट्स

• पैन कार्ड
• एड्रेस प्रूफ
• मोबाइल नंबर
• वैलिड ईमेल id
• डिजिटल सिग्नेचर फॉर्म
• 2 फ़ोटो
• रजिस्ट्रेशन फॉर्म

IRCTC का Authorized एजेंसी लेने पे मिलने वाले सुविधा।

• अधिकतम रेलवे ticket बुकिंग
• हवाई टिकट बुकिंग
• बस टिकट बुकिंग
• कैब या टैक्सी बुकिंग
• टूर या छुट्टियों के पैकेज
• होटल बुकिंग
• डोमेस्टिक मनी ट्रांसफर
• मोबाइल और DTH रिचार्ज
• IRCTC द्वारा संचालित रेल टूर पैकेज

ट्रेवेल एजेंसी का बिजनेस आप 3 तरीके से कर सकते

1. दूसरे कंपनी के साथ टाई अप कर- 

ये ट्रेवल एजेंसी खोलने का सबसे आसान तरीका है। इसमें आप अपने कंपनी का नाम रजिस्टर करने और वेबसाइट बनवाने के बाद और कुछ कानूनी प्रक्रिया को पूरी करने बाद। आप किसी दूसरे बड़े कंपनी के साथ जैसे, मेक माय ट्रिप, यात्रा डॉट कॉम, मुसाफिर, अकबर ट्रेवल, इत्यादि जैसे कंपनी के साथ आप टाई अप कर एक ट्रैवल एजेंट की तरह काम कर सकते हैं। इसमे आपको एक हज़ार से दो हज़ार तक लग सकता है। बाकी कुछ कंपनियां टाई अप के वक़्त कुछ सिक्योरिटी मनी रखवा लेती है। जब आप उसके साथ बिज़नेस करेंगे तो आप का ये पैसा मेक अप हो जाएगा। 

इस प्रक्रिया में सारा काम आपके कंपनी द्वारा होगा लेकिन किसी भी पर्यटक का सारा प्रबंधन जैसे यात्रा, रहने का इंतेज़ाम, साथ घुमाने वाला आदमी इत्यादि सब वो करेगा जिस जिस ट्रेवल कंपनी के साथ आप टाई अप है। कमाई के स्रोत- जब आप अपने कंपनी से टाई अप किये हुए कंपनी द्वारा कुछ भी टिकट बुक करते है, या पर्यटक स्थलों के भ्रमण का कोई पैकेज बुक करते है तो आपको कंपनी द्वारा कमीशन मिलता है।

2. दूसरे कंपनी से बिना टाई अप किये हुए (Own Business)-

इस प्रकिर्या में खुद का बिजनेस होता है। इसमे किसी दूसरे बड़ी कंपनियों के साथ टाई अप नहीं करना होता है, लेकिन इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए लंबी प्रक्रिया है। इसमें आपको खर्च भी भी ज़्यादा आएगा। इस प्रक्रिया में पूरा प्रबंधन और प्लानिंग खुद का करना होता है।
इस तरह तैयार करें पूरा प्लान- 

• सबसे पहले बिजनेस प्लान तैयार करे जैसे टाइम मैनेजमेंट, बिज़नेस का खर्च, मैन पावर मैनजमेंट, टाइम मैनेजमेंट, रिसोर्स मैनेजमेंट इत्यादि।

• मार्केट रिसर्च करें। के आपको किन किन स्थानों पे काम करने हैं।

• अगर आप शिमला या कश्मीर या कोई हिल स्टेशन जैसी जगहों का पैकेज तैयार करने के लिए आपको उन जगहों पे जा कर वहां के होटलों से, कैब कंपनी से, रिप्रेजेंटेटिव कंपनी से मतलब वैसी कंपनी जो पर्यटक को घुमाने के लिये आदमी मुहैय्या कराती है। इन सब से आपको डीलिंग करना होगा।

• बस कंपनी वाले से संपर्क बनाए

• कार रेंटेर वाले कंपनी से संपर्क बनाए

• कानूनी प्रक्रिया को पूरा करें जो ऊपर दी गई है।

• अपने ट्रेवल एजेंसी को मार्केट में ऑनलाइन ऑफ़लाईन दोनो ज़्यादा से ज़्यादा ब्रांड करे।

कमाई कैसे होगी  जब आप खुद होटल बुकिंग, बस सर्विसेज, कार रेंट इत्यादि जैसी सुविधा कस्टमर को मुहैय्या कराते हैं सब पे आपका कमीशन होता है। जब किसी भी दूसरे कंपनी से रेट फिक्स करें तो ऐसा रेट रखे जिससे आप कस्टमर को ये दिखा सके के आप उनको डिस्काउंट दे रहे हैं।

3. दूसरे बड़ी कंपनी का फ्रेंचाइज़ी लेकर-

फ्रेंचाइजी का मतलब होता है किसी दूसरे बड़े कंपनी के नाम पे व्यापार करना, हर बड़ी कंपनी अपना प्रोडक्ट ज़्यादा से ज़्यादा सेल करने के लिए ज़्यादा शहरों में अपना ऑफिस खोलती है। ऐसे में आप भी चाहें तो किसी ट्रेवल कंपनी का फ्रेंचाइज़ी लेकर अपना बिज़नेस स्टार्ट कर सकते हैं।
किसी कंपनी का फ्रेंचाइजी लेने के लिए आपको 2 लाख से 10 लाख तक लग सकते हैं।

किसी कंपनी का फ्रेंचाइज़ी लेकर काम करने पे आपको उस कंपनी के बने बनाए ग्राहक मिलते है। भारत में फ्रेंचाइजी का ग्रोथ रेट 30 से 35% प्रति वर्ष है। और सालाना कारोबार 3000 करोड़ से भी ज़्यादा का है। किसी भी कंपनी का फ्रेंचाइज़ी लेने के लिए कंपनी के मुख्य शर्तों का पालन करना होता है, जैसे उचित स्थान का होना, सिक्योरटी मनी का होना, बिज़नेस आईडिया होना इत्यादि।

बिजनेस को ज़्यादा से ज़्यादा कैसे बढ़ाएं

किसी भी बिजनेस को शुरू करने के बाद सबसे बड़ा चैलेंज होता है मार्केट में बिज़नेस को आगे बढ़ना ननलिखि बातों पे ध्यान देकर आप अपने बिज़नेस को बढ़ा सकते है-

• एजेंसी द्वारा दी जाने वाली सर्विस और टूर पैकेज पे मिलने वाली डिस्काउंट को ज़्यादा से ज़्यादा हाईलाईट करें।

• सोशल मीडिया पे ज़्यादा से ज़्यादा प्रचार प्रसार करे, खुद को सोशल मीडिया पे ज़्यादा व्यस्त रखें।

• वक्त वक्त पे ग्राहक ज़्यादा से ज़्यादा ऑफर देते रहे।

B2B को बढ़ावा दे, B2B का मतलब होता है business to business यानी आप अपने से छोटे एजेंसी वाले से और एजेंट से ज़्यादा से ज़्यादा पैकेज सेल करवाए।

• अपने ग्राहक के साथ अच्छा संबंध बना कर रखे, जितने भी नए ग्राहक आए उनका नंबर रख ले और वक़्त वक़्त पे उनके इच्छा अनुसार उनको ऑफर इत्यादि वाले मैसेज करते रहें।

• वेबसाइट अच्छा रखा, जिन पर्यटक स्थलों का पैकेज सेल कर रहे हैं उन जगहों का फोटो कलेक्शन अच्छा रखे।

इस बिजनेस के द्वारा अन्य स्रोतों से कमाई

• पैन कार्ड बनाना
• आधार कार्ड बनाना
• ऑनलाइन पासपोर्ट अप्लाई
• मनी ट्रांसफर
• मोबाइल और DTH रिचार्ज
• एडुकेशन और जॉब से संबंधित ऑनलाइन वर्क
आप अपने बिज़नेस के साथ उपयुक्त दिए हुए कामों को करके के आप अपने कमाई को बढ़ा सकते हैं।

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