शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर कैसे बनाएं | Career in Education

Career Guide | Career as a Teacher कैसे बनाएं शिक्षा के क्षेत्र में करियर व पाएं जॉब  

Teaching Me Career Kaise Banaye – शिक्षा का क्षेत्र, एक ऐसा क्षेत्र जिसमे आप एक गुरु की तरह होते हैं। लोग आपको को एक गुरुजी के रूप में देखते हैं। आज हम हमारे इस लेख में आपको शिक्षा से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी बताएंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि आप शिक्षा के क्षेत्र में कैसे अपना कैरियर बना सकते हैं। अतः आप इस लेख को अंत तक पढ़े ताकि आपको इससे जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त हो सके।

Table of Contents

क्या हैं शिक्षा का क्षेत्र

इस क्षेत्र में आप किसी भी निजी व सरकारी स्कूल में एक शिक्षक के तौर पर काम कर सकते हैं। शिक्षा का क्षेत्र काफी dynamic होता हैं जिसमे आपको हर रोज एक नए चैलेंज से गुजरना पड़ता हैं। शिक्षा के क्षेत्र का मतलब सिर्फ इससे ही नही हैं की आप स्कूल में एक शिक्षक के रूप में कार्य करे, इसके अलावा भी आप काफी सारे कार्य कर सकते है जैसे किसी निजी संस्थान में पढ़ाई करवाते हैं या खुद का कोई निजी शिक्षण संस्थान भी खोल सकते हैं जहा आप विद्यार्थियों को पढ़ाई करवा सके।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु

अगर आप भी शिक्षा के क्षेत्र में कुछ करना चाहते हैं या करने की सोच रहे हैं तो आपको यह जानना बेहद जरूरी हैं कि आप उस क्षेत्र में क्या – क्या कर सकते हैं। क्या आज भी इस क्षेत्र में उतने ही स्कोप हैं जितने पहले थे? शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु

  • शिक्षा का क्षेत्र काफी dynamic होता है, आप इस बात को इस तरह से समझ सकते हैं एक शिक्षक स्कूल में भी पढ़ाता हैं और एक शिक्षण संस्थान ( coaching ) में भी। एक शिक्षक कई अलग – अलग विषयो के बारे में पढ़ा सकता हैं।
  • शिक्षा के क्षेत्र में आप एक तृतीय श्रेणी शिक्षक से लेकर कॉलेज के प्राचार्य के पद तक भी जा सकते हैं।
  • शिक्षा के क्षेत्र में आप प्राइवेट या सरकारी संस्थानों में अपना कैरियर बना सकते हैं।
  • शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा खुद का एक निजी संस्थान भी खोल सकते हैं।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़ने के फायदे

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े वैसे तो कई फायदे हैं परंतु यहा हम आपको शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ मुख्य फायदे बताने जा रहे हैं।

  • अगर आप शिक्षक के रूप में कार्य करते हैं तो यह एक अच्छी बात हैं कि यहां काफी स्वतंत्र होकर काम कर सकते हैं, अन्य क्षेत्रों में देखा जाए तो वहां आपको कुछ अन्य प्रोटोकॉल को फॉलो करना पड़ सकता है पर इस क्षेत्र में आप काफी स्वतंत्र हैं।
  • शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में एक अच्छा खासा कैरियर बना सकते हैं।
  • शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों में आपको काफी प्रसिद्धि मिलती हैं इसका मतलब इस क्षेत्र में आपका मान-सम्मान काफी बढ़ जाता हैं।
  • शिक्षा का क्षेत्र काफी आर्थिक लाभ देने वाला क्षेत्र भी होता हैं।
  • शिक्षा का क्षेत्र एक dynamic फील्ड हैं जिसमे आप कई अलग – अलग तरह के काम कर सकते हैं।

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शिक्षा के क्षेत्र से कैसे जुड़े?

अगर आप शिक्षा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए यह अच्छा मौका साबित हो सकता हैं। इस क्षेत्र में आपको कई सारे अवसर मिलते हैं। शिक्षा क्षेत्र से जुड़ने के बारे में जानने से पहले आपको यह जानना जरूरी हैं कि आप इस में क्या क्या कार्य कर सकते हैं।

  • शिक्षा के क्षेत्र में आप उन सभी पदों पर जा सकते हैं जिसमे आप एक शिक्षक ओर एक गुरु के रूप कार्य करने की सोच रखते हैं।
  • शिक्षा के क्षेत्र में आप एक शिक्षक, एक व्याख्याता, एक प्राचार्य के तौर पर कार्य कर सकते है।
  • शिक्षा के क्षेत्र में आप निजी संस्थानों में भी कार्य कर सकते हैं जिसमे प्राइवेट ट्यूटर शामिल हैं।

निजी और सरकारी शिक्षा क्षेत्र में अंतर

अगर आप भी शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर चाहते हैं परंतु आप इस बात से परेशान हैं कि आप निजी क्षेत्र में जाये या सरकारी क्षेत्र में तो आपकी यह परेशानी भी हम दूर कर देते हैं। हमारे इस लेख में हम निजी और सरकारी शिक्षा क्षेत्र के बारे में बता रहे हैं।

  • निजी क्षेत्र में आप एक निजी स्कूल , कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ा सकते हैं, वही सरकारी स्कूल और कॉलेज में आपको सरकारी स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को पढ़ाने का मौका मिलता हैं।
  • निजी स्कूल में अध्यापकों को उतनी सैलरी नहीं मिल पाती जितनी एक सरकारी स्कूल के अध्यापकों को मिलती हैं।
  • निजी स्कूल में आप पर काम का काफी दबाव रहता हैं वही सरकारी स्कूल में काम का दबाव कम रहता हैं।
  • निजी क्षेत्र में आप निजी कोचिंग संस्थान में भी पढ़ा सकते हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में एक शिक्षक के कार्य

वैसे तो एक शिक्षक के कई कार्य होते हैं परंतु विशेषः शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कार्यो के बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं जो की निम्न हैं।

  • एक शिक्षक का मुख्य कार्य होता हैं विद्यार्थियों को शिक्षा देना फिर चाहे वो सरकारी संस्थान में हो या निजी संस्थान में।
  • एक शिक्षक स्कूल, कॉलेज में शिक्षा देने ले साथ विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करता हैं।
  • एक शिक्षक भारत के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए शिक्षा जैसा महादान देता हैं।
  • एक शिक्षक शिक्षा के अलावा भी कई कार्य करता हैं जैसे जनगणना, महामारी इतियादी कार्यो में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता हैं।
  • देश के किसी कोने में होने वाले चुनावों में भी एक शिक्षक ही अपना महान योगदान देता हैं।

प्राइवेट शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े कुछ अन्य पहलू

अगर आप भी प्राइवेट शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपको यह जानना बेहद जरूरी होता हैं कि एक निजी शिक्षा के क्षेत्र में क्या होता हैं।

  • निजी शिक्षा के क्षेत्र में आपको एक अवसर मिलता हैं कि आप किसी भी निजी और सरकारी स्कूल, कॉलेज ओर विश्वविद्यालय में अपना कैरियर बना सकते हैं।
  • निजी क्षेत्र में आप किसी भी कोचिंग संस्थान में भी पढ़ा सकते हैं जिसमे आप चाहे तो खुद भी पढ़ा सकते हैं और कोचिंग संस्थान भी खोल सकते हैं।
  • आप खुद का कोचिंग सेंटर भी खोल सकते हैं अगर आप चाहे तो।
  • आप निजी क्षेत्र में खुद का अच्छा करियर बना सकते हैं।
  • अगर आपने कॉलेज व्याख्यता के लिए एग्जाम क्वालीफाई किया हैं तो आप प्राइवेट कॉलेज में( ही पढ़ाई भी करवा सकते हैं।
  • शिक्षा का निजी क्षेत्र काफी dynamic माना जाता हैं जहाँ आप अलग अलग संस्थानों में अलग विषयो में पढ़ा सकते हैं।
  • कुछ अन्य मायने में शिक्षा में क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं।

कैसे बने शिक्षक ( How to become a teacher )

अगर आप भी शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और एक शिक्षक बनना चाहते हैं तो आपको कुछ विशेष प्रकार की डिग्री करने की आवशयकता होती हैं। इसके साथ ही आपको कुछ विशेष बातो का ध्यान रखना पड़ता हैं जो कि कुछ इस प्रकार हैं।

शिक्षक बनने के लिए योग्यता

  • शिक्षक बनने के लिए क्वालिफिकेशन भी काफी मायने रखती हैं अगर आप निजी स्कूल में शिक्षक बनने की सोच रहे हैं तो आप कक्षा 12 पास होना चाहिए , अगर आप सरकारी स्कूल में शिक्षक बनना चाहते हैं तो आपका स्नातक होना जरुरी होता हैं।
  • शिक्षक बनने के बाद भी मुख्य मांग होती हैं विषय की कि आप किस विषय को पढ़ाने में रुची रखते हैं। जिस विषय मे आप रुची रखते हैं उस विषय के बारे में आपको अच्छा ज्ञान होना जरूरी होता हैं।
  • वैसे तो शिक्षक बनने के लिए को आयु की आवश्यकता नही होती परन्तु एक शिक्षक को बनने की आयु 18 साल से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
  • शिक्षक बनने के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्यता कम से कम स्नातक होना चाहिए।
  • शिक्षक बनने के लिए आपको बी.एड क्वालीफाई करना जरूरी होता है।
  • अगर आप कॉलेज में शिक्षक बनने की सोच रहे है तो आपको NET ( National Eligiblity Test )  का एग्जाम क्वालीफाई करना आवश्यक होता है।

शिक्षक बनने के बाद किस क्षेत्र मे कार्य कर सकते है।

  • प्ले स्कूल
  • नर्सरी स्कूल
  • प्राथमिक / माध्यमिक स्कूल
  • विश्वविद्यालय मे प्रोफसर
  • विशेष स्कूल
  • शिक्षण संस्थान / कोचिंग सेन्टर
  • शिक्षा काउंसलर
  • लेक्चलर

जरूरी योग्यता

अगर आप एक शिक्षक बनने की सोच रहे है तो आपको इसकी योग्यताओ के बारे मे जानना जरूरी है।

  • उम्मीदवार जो एक शिक्षक बनने की सोच रहे है तो आपका स्नातक होना जरूरी होता है साथ B.ed or D.ed होना जरूरी होता है।
  • आवेदन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व अधिकतम आयु 45 होनी चाहिए।
  • आवेदक को शिक्षक बनने के लिए T.E.T की परीक्षा पास करना जरूरी होता है।

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शिक्षक बनने के लिए कोई विशेष कौशल

शिक्षक बनने के लिए आवेदन के पास कुछ विशेष कौशल के होने की आवश्यकता होती है।

  • विशेष विषय का ज्ञान : अगर आपको शिक्षक बनने की होड मे हो तो आपको किसी विशेष विषय का ज्ञान होना जरूरी होता है।
  • शिक्षक का  धैर्यवान होना : अगर आप शिक्षक बनने की सोच रहे है तो आपको धेर्यवान होना जरूरी होता है।
  • लेखन शैली : शिक्षक को लेखन शैली में विशेष योग्यता होना जरूरी होता है।
  • रचनात्मक होना : शिक्षक को रचनात्मक होना जरूरी होता है।
  • अध्यापन मे रूची : शिक्षक को अध्यापन मे रूचि होनी चाहिए।

शिक्षक बनने के लिए कुछ मुख्य एग्जाम

अगर आप शिक्षक बनने से पहले यह जानना चाहते है कि आपको कौनसे एग्जाम देने पडते है तो यहा देख सकते है।

  • B.ed : B.ed का पूरा नाम Bachelor in Education होता है। आज के समय मे यह कोर्स विद्यार्थियो मे काफी पाॅप्यूलर है। शिक्षक बनने से पहले आपको यह कोर्स करना जरूरी होता है जो की एक आवश्यक योग्यता भी मानी जाती है।
  • BTC : इस कोर्स का पुरा Basic Certificate Training नाम है। यह एक दो साल का कोर्स होता है जिस अगर विद्यार्थी चाहे तो कर सकते है। इस कोर्स को आप स्नातक करने के बाद भी कर सकते है।
  • NTT : इस कोर्स का पूरा नाम Nursery Teacher Training होता है। इस कोर्स मे प्रवेश आपको बाहरवी कक्षा मे नम्बर के आधार पर दिया जाता है अगर आपके कक्षा 12 मे नम्बर अच्छे है तो आप इस परीक्षा मे प्रवेश ले सकते है।
  • BPED : इस कोर्स का पूरा नाम Bachelor in physical education होता है। इस 2 साल के कोर्स को करने के बाद स्नातक स्तर पर Physical education पढा सकते है।
  • JBT : इस कोर्स का पुरा नाम Junior teacher training है। इस कोर्स को आप बाहरवी स्तर के कक्षा के बाद कर सकते है। इस कोर्स को करने के बाद विद्यार्थी के लिए Primary teacher के योग्य हो जाता है।
  • TET : इस परीक्षा का पूरा नाम Teacher Eligibility Test होता है। कुछ राज्यो मे इस परीक्षा को पास अनिवार्य नही है परन्तु कई राज्या मे इस कोर्स को करना जरूरी होता है।
  • UGC Net : इस परीक्षा का आयोजन UGC (University Grant commission) द्वारा करवाया जाता है। इस परीक्षा मे 2 पेपर होते है जिसमे एक सामान्य अध्ययन का पेपर होता है तो दूसरा आपके पसंदीदा विषय का।

शिक्षक की सैलेरी

अगर आप एक शिक्षक या व्याख्याता की सैलरी के बारे मे जानने के लिए बैताब है तो आपको बता देते है की एक शिक्षक की सैलरी 22,000 से 45,000 के मध्य होती है वही एक व्याख्याता की सैलरी 65,000 से 85,000 तक होती है।

शिक्षक कोर्स के लिए भारत के प्रमुख संस्थान

आजकल के युवाओं को सबसे ज्यादा चिंता कॉलेज में एडमिशन को लेकर रहती है क्योंकि उन्हें थोड़ा डर रहता है अगर उन्होंने किसी गलत यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन ले लिया तो उनका पूरा भविष्य खराब हो जाएगा।  इसलिए अगर आप As A Teacher अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो हम आपको भारत की कुछ टॉप यूनिवर्सिटीज और कॉलेज के बारे में जानकारी देंगे जिनमें आप एडमिशन लेकर शिक्षा के क्षेत्र अपना करियर बना सकते हैं-

  •  लखनऊ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश
  •  हिंदू कॉलेज,दिल्ली
  •  अलीगढ़ मुस्लिम विद्यालय, उत्तर प्रदेश
  •  राजस्थान यूनिवर्सिटी,राजस्थान
  •  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय,दिल्ली
  •  जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय,दिल्ली
  •  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय,आगरा

प्राइवेट स्कूल के टीचर सरकारी संस्थानों में कैसे पढ़ा सकते हैं?

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की है जिसमें उन्होंने कहा है कि प्राइवेट स्कूल के टीचर भी अब सरकारी संस्थानों में पढ़ा सकते हैं लेकिन इसके नियम क्या है इसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें अगर आप सरकारी संस्थानों में पढ़ाना चाहते हैं तो आप गेस्ट फैकल्टी के तौर पर पढ़ा सकते हैं लेकिन इसके लिए कुछ प्रक्रियाओं से होकर आपको गुजर ना होगा तभी जाकर आप सरकारी संस्थानों में पढ़ा पाएंगे।

सरकार द्वारा चयन की प्रक्रिया संस्थानों पर ही छोड़ दीं हैं अर्थात आप जिस भी सरकारी संस्थान में पढ़ाना चाहते हैं सबसे पहले आपको वहां इस बात का पता करना होगा कि वहां पर कौन से विषय के टीचर की पोस्ट खाली है। आपको जिस भी सरकारी संस्थान में टीचर की जॉब करनी है वहां पर जाकर सबसे पहले वहां के प्रधानाचार्य से बातचीत करनी होगी प्रधानाचार्य एक कमेटी तैयार करेंगे जिसमें प्रधानाचार्य और दो वरिष्ठ अध्यापक होंगे इसके बाद आपकी योग्यता जाति जाएगी अगर आप उसमें पास हो जाते हैं तो आप उस संस्थान में टीचर के तौर पर पढ़ा सकते हैं।

सरकारी संस्थानों में टीचर की जॉब करने के लिए आपके पास B.Ed की डिग्री होना जरूरी है सबसे पहले अगर आप लेवल फर्स्ट और लेवल सेकंड के तौर पर ज्वाइन करते हैं तो आपको प्रति घंटा 300 और अधिकतम महीने के ₹21000 तक सैलरी के तौर पर मिल सकते हैं। वहीं अगर आप सेकंड ग्रेड लेवल के टीचर के तौर पर ज्वाइन करते हैं तो आप को अधिकतम ₹25000 महीने के मिलेंगे।

फर्स्ट ग्रेड के टीचर के तौर पर ज्वाइन करते हैं तो आपको अधिकतम ₹30000 मिलते हैं लेकिन इसमें आपकी योग्यता अधिक होनी चाहिए तभी जाकर आप का चयन इसमें होगा। जिन लोगों ने B.P. Ed (Bachelor of Physical Education) का कोर्स कर रखा है वह बतौर पीटीआई भी ज्वाइन कर सकते हैं इनकी सैलरी भी महीने की 21000 तक रहती हैं।

ऑनलाइन शिक्षक कैसे बने?

जबसे कोरोना महामारी पूरे विश्व भर में आई है तब से शिक्षा पूरी तरीके से बदल चुकी है जहां पहले बच्चों को ऑफलाइन शिक्षा दी जाती थी वहीं अब यह ऑनलाइन ट्रांसफर हो चुकी है। जब से शिक्षा ऑनलाइन हुई तब से शिक्षकों की संख्या में इजाफा हुआ है और शिक्षकों की मांग बढ़ी है।

आज बेहद ही कम पैसे में एक टीचर अपनी एजुकेशन के झरने को स्टार्ट कर सकता है जहां पहले बड़ी-बड़ी स्कूल और अपार्टमेंट केवल शिक्षा के लिए खरीदे जाते थे उन सभी का खर्चा बच चुका है और मात्र कुछ उपकरणों की मदद से एक टीचर पूरे भारतवर्ष के बच्चों के साथ जुड़ सकते हैं।

ऐसा नहीं है की ऑनलाइन टीचर बनने के लिए आपके पास कोई विशेष योग्यता होनी चाहिए जो योग्यता ऑफलाइन पढ़ाई में होती है उसी तरीके से उन्हीं डिग्रियों की मदद से आप ऑनलाइन भी पढ़ा सकते हैं हालांकि कुछ टीचर ऐसे होते हैं जो केवल बारहवीं तक ही पढ़े हुए रहते हैं लेकिन उनके पास अच्छा एक्सपीरियंस रहता है और वह बारहवीं तक के आईआईटी तक के बच्चों को पढ़ाने की क्षमता रखते हैं।

अब सबसे अहम बात यह आती है कि ऑनलाइन शिक्षक बनने के बाद आपकी सैलरी कितनी रहेगी क्योंकि सामान्य तौर पर ऑफलाइन शिक्षक 15000 से लेकर ₹100000 तक की सैलरी प्राप्त करते हैं लेकिन ऑनलाइन में या तो आप अपना स्वयं का सेट अप तैयार कर सकते हैं या फिर आप दूसरे कोचिंग संस्थानों के लिए प्रति घंटे चार्ज के हिसाब से पढ़ा सकते हैं।

आप चाहे तो यूट्यूब या फिर अन्य प्लेटफार्म पर अपना चैनल बनाकर बच्चों को शिक्षा दे सकते हैं लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करना चाहते हैं तो भारत में कुछ पॉपुलर ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म है जिन से जुड़कर आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा बच्चों से जुड़ सकते हैं इन प्लेटफार्म के नाम हैं :Tutor me,Udemy, Unacademy, Byju’s.

हालांकि इन संस्थानों से जुड़ना इतना आसान काम नहीं है जिस तरह हम ऑनलाइन एजुकेशन के लिए पहले इंटरव्यू देते हैं उसी तरीके से यहां पर भी आपका इंटरव्यू लिया जाता है इसके बाद अगर आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपको इस जॉब के लिए रखा जाएगा और आपकी सैलरी भी ऑफलाइन की तुलना में काफी अच्छी रहेगी।

निष्कर्ष

हमारे इस लेख मे हमने शिक्षक बनने से सम्बंधित पुरी जानकारी प्रदान की है जिसमे यह भी बताया गया है की एक शिक्षक बनने के लिए क्या योग्यता आवश्यकता होती है।

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