MBBS क्या है ? MBBS डॉक्टर कैसे बने ? How to become a doctor in Hindi

 MBBS डॉक्टर कैसे बने, डॉक्टर बनने के लिए क्या करें पूरी जानकारी

MBBS एक ऐसा कोर्स जो शायद आपकी जिन्दगी बदल के रख देगा। एक ऐसा कोर्स को जो आपको एक अच्छे पद पर पहुचायेगा। आज हम हमारे इस लेख में इस कोर्स के बारे मे पुरी जानकारी देने जा रहे है जिसे आप आसानी से समझ सकेंगे तो आप इस लेख को अन्तः तक पढे़।

अगर आपने कभी भी जीवन एक बार डॉक्टर बनने का सपना देखा है या देख रहे है तो आपको इस बात का जरूर ध्यान रखना होगा की आपको किसी प्रकार का डाॅक्टर बनना है, कहने का मतलब यह है की आपको किस रोग से सम्बंधित विशेषज्ञ बनना है। डाॅक्टर बनने के लिए आपको कई तरह से कोर्सेज करने की जरूरत होती है जिसमे से एक कोर्स है MBBS ओर आज हमारे इस लेख मे इसी कोर्स के बारे मे आपको बता रहे है जो की इस प्रकार है।

क्या होता है MBBS?

एक ऐसा कोर्स होता है जो जिसे कर के आप डाॅक्टर बन सकते है ओर साथ एक विश्ष्ठि प्रकार की पहचान समाज मे पा सकते है। एक विद्यार्थी कक्षा 10 व कक्षा 12 पास करने के बाद इस असमंजस मे पड जाता है कि उसको आगे क्या करना हर विद्यार्थी के लिए यह एक परीक्षा की घडी होती है की उसको जीवन मे क्या करना है और आगे वह क्या करना चाहते है। एक स्टूडेंट डॉक्टर बनना चाहता है तो उसे कक्षा 12 से ही तैयारी करनी पडती है ओर साथ ही विद्यार्थी के लिए जरूरी होता है की वै विज्ञान विषय मे अपनी रूची बनाये।

विज्ञान ही एक डॉक्टर का मूल आधार है साथ ही विज्ञान मे कुछ ऐसे अन्य विषय जैसे बायोलोजी, रसायन विज्ञान इत्यादी विषयो को पढने की जरूरत रहती है।

MBBS का FULL FORM Bachelor of medicine and bachelor of surgery होता हैं। MBBS मेडिकल डिग्री का एक बैचलर कोर्स होता हैं। इस कोर्स में अभ्यर्थियों को सामान्यतः 5.5 वर्ष का समय लगता हैं। जिन छात्रों ने कक्षा 12 में बायोलॉजी, केमेस्ट्री, ओर फिजिक्स जैसे विषयों को पढ़ा हैं वो छात्र इस कोर्स को काफी पसन्द करते हैं।

MBBS के लिए योग्यता

इस कोर्स को को करने के लिए अभ्यर्थियों के पास कुछ जरूरी योग्यता होनी आवश्यक है जो की निम्न है।

अगर आप इस कोर्स में प्रवेश लेने की सोच रहे है तो आपको कक्षा 12 मे विज्ञान विषय मे 50 प्रतिशत से अधिक अंक होना जरूरी है और कक्षा 12 मे विज्ञान में फिजिक्स, केमिस्ट्री, और बायोलॉजी जैसे विषयों का होना जरूरी होता है।

छात्रों को इस कोर्स में प्रवेश के लिए जो आयु की योग्यता होनी चाहिए वो कुछ यह है जिसमे छात्रो की आयु कम से कम 17 वर्ष और अधिकतम उम्र 25 वर्ष से ज्यादा न होनी चाहिए।

इस कोर्स में अगर छात्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से है तो उसके लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाती है।

अगर आप कक्षा 12 के बाद इस कोर्स में प्रवेश लेने की सोच रहे है तो आपको इसके लिए नीट का एग्जाम क्वालीफाई करना पडता है जिसमे बाद आप इस कोर्स मे प्रवेश से सकते है।

नीट की परीक्षा पास करने के बाद छात्रो को उनकी वरियता के अनुसार काॅजेल दिये जाते है जहा वे इस कोर्स की पुरी पढाई करते है।

नीट की परीक्षा पास करने के बाद छात्रो को उनकी वरियता के अनुसार कोई भी काॅलेज और विश्वविद्यालय मिल सकती है फिर चाहे वो प्राईवेट काॅलेज हो या सरकारी।

अगर कोई छात्र अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति से है तो उसके भी बाहरवी कक्षा के प्रतिशत मे छूट दी जाती है जैसे अगर उनके कक्षा 12 में 40 प्रतिशत है तो उनको भी MBBS में प्रवेश दिया जा सकते है, यह पूरा निर्धारित करता है NEET बोर्ड पर की वे किस तरह छात्रो को चुनाव करते है।

इस परीक्षा में जो सभी सिलेबस दिया जाता है वह मेडिकल से सम्बंधित ही होता है।

MBBS कोर्स करने की अवधि

अगर कोई विद्यार्थी इस कोर्स को करना चाहता है तो उनको यह जानना जरूरी है की वह कब तक इस कोर्स को पूरा करेंगे और इसके दौरान आप किस किस प्रक्रिया से गुजरेंगे।

इस कोर्स को करने लिए सबसे पहले NEET की परीक्षा को पास करना जरूरी होता है ओर उसके बाद छात्रो को काॅलेज दी जाती है जहा व लगभग 4 साल से अधिक तक का समय बिताते है ओर का कोर्स करते है।

कोर्स की इस अवधि के दौरान छात्रो को मुख्यतः 2 स्टेप्स से गुजरना पडता है जिसमे पहले 4 साल छात्रो को कालेज मे पढने व सिखाया और अंतिम के एक साल छात्रो को इंटर्नशिप के जरिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है।

अगर आप नीट क्लाईफाई नही कर पाते है ओर विदेश से इस कोर्स को करना चाहते है आपको यह जरूरी होता है की वहा पर भी आपको लगभग 5 साल की पढाई करनी पडती है और उसके बाद आपको भारत में आपको CAT (Common aptitude test) देना पडता है ओर उसके बाद भारत मे डाॅक्टर से सम्बंधित कार्य कर सकते है या किसी भी सरकारी अस्पतालों में या प्राइवेट अस्पतालों में जाॅइन कर सकते है।

विदेश में अगर आप इस कोर्स को करते है तो आपको भारत मे CAT (Common aptitude Test) पास करना जरूरी होता है अन्यथा आपकी डिग्री कोई काम की नही है।

किस तरिके से होती है की MBBS पढाई

हाल ही में इस कोर्स के सिलेबस मे हाल ही में परिर्वतन किया गया है ओर इस नये पाठ्यक्रम को नये सत्र से लागू किया जायेगा ऐसा बताया जा रहा है। इस कोर्स में छात्रों को हर तरह की विशेषता से सम्बंधित थोडी थोडी पढाई कराई जाती है जेसे हड्डी रोग, हद्रय रोग इत्यादी । वर्तमान मे जो नया सेेलेबस बनाया गया है उसका उद्देश्य सिर्फ एक ही है जिसमे छात्रो को स्नातक लेवल से ही इस काबिल बनाया जायेगा जिसे छात्र इस कोर्स के बाद ही रोगियो के ईलाज करने मे सक्षम होंगे। इस नये सेलेबस मे स्नातकोतर के भी कुछ विषयो को इसमे जोडा गया है जिससे की छात्रो को शुरूआती दौर मे ही इसका अच्छा ज्ञान होगा।

MBBS की फिस क्या होती है।

इस कोर्स के लिए फीस का निर्धारण दो फैक्टर करते है जिसमे पहला है की आप इस कोर्स को देश मे किसी भी संस्थान से करते है या विदेश मे किसी संस्थान से। अगर आप इस कोर्स को देश के किसी भी सरकारी संस्थान से करते है तो आपको इस के लिए खर्चा कम सालाना 30,000 से 70,000 तक हो सकते है और अगर आप इस कोर्स को प्राइवेट से करते है देश मे तो यह खर्चा बढकर 12,00,000 – 15,00,000 के मध्य या इससे ज्यादा भी हो सकता है। अगर आप इस कोर्स को विदेश से करते है तो इस कोर्स के लिए फिस अनुमानत 25,00,000 से 30,00,000 के मध्य सालाना हो सकती है। कोर्स को करने बाद छात्रो को 1 साल का इंटरशिप कोर्स करना पडता है जिसमे देश मे कुछ काॅलेज तो ऐसे जो आपको यह कोर्स मुफ्त मे कराते है और कुछ कॉलेजों को इसके लिए आपको एक निश्चित राशि फिस के तौर पर देनी पडती है।

MBBS करने के बाद छात्रो के लिए स्काॅप 

एक बार अगर आप इस कोर्स को कर लेते है तो फिर आपके मन मे यह सवाल जरूर आता है इसके बाद क्या करेंगे। तो आईये जानिये की इस कोर्स के बाद बाद आप क्या कर सकते है। आज के समय में सर्जरी की काफी डिमांड बढ़ रही है जिस वजह से करने वाले छात्रो की भी मांग बढ रही है। इस कोर्स को करने के बाद आप एक सर्जन भी सकते है या किसी रोग या बिमारी से सम्बंधित कोई स्पेशलिस्ट।

कुछ ऐसे क्षेत्र जहा आप इस कोर्स को करने के बाद कार्य कर सकते है।

सरकारी अस्पताल

प्राईवेट अस्पताल

प्रयोगशाला

बायोमेडिकल कम्पनियां

मेडिकल काॅलेज

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

फार्मास्यूटिकल

बायोटक्नोलोजी इत्यादी

करने के बाद अन्य पद जिसपे आप कार्य कर सकते है।

जूनियर डाॅक्टर

जूनियर फिजिशीयन

जूनियर सर्जन

मेडिकल प्रोफेसर

वैज्ञानिक

MBBS के बाद डाॅक्टर कैसे बन

अगर आप डॉक्टर बनने की सोच रहे है और आप MBBS भी कर रहे है तो आपको कोई ज्यादा दिक्कतो का सामना नही करना पडेगा क्योंकि इस कोर्स के बाद आपको सिर्फ एक सामान्य टेस्ट देना पडेगा ओर अगर आप उसे क्वालीफाई कर लेते है तो आप एक डाॅक्टर के पद पर बैठ सकते है।

मेडिकल लाईन से जुडे अन्य कोर्स

इन कोर्सेज को कर के आप आसानी मेडिकल लाईन मे अपना केरियर बना सकते है।

MBBS (Bachelor of medicine and bachelor of surgery)

BDS (Bachelor of dental surgery)

BHMS (Bachelor of homeopathic medicine and surgery)

BAMS ( Bachelor of Ayurvedic medicine and surgery )

MD (Doctor of medicine)

MS (Master in surgery)

DM (Doctorate in medicine)

B.PHARMA (Bachelor of pharmacy)

B.SC Nursing

BPT (Physiotherapy)

BOT (Occupational therapy)

BUMS (Unani medicine)

D. PHARMA 2 years

AYURVEDIC, SIDDHA MEDICINE

BMLT (Bachelor of medical lab technician)

MBBS के लिए महत्वपूर्ण Colleges

करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण काॅलेज निम्न है।

Jawaharlal Institute of Postgraduate Medical Education and Research, Puducherry

All india institute of medical and science (AIIMS)

Armed force medical college

University of delhi

Grand medical college, Mumbai etc

इन कॉलेजों के नाम हमने अपनी व्यक्तिगत रिचर्स के आधार पर बनाये है आप इनमे अपने अनुसार कोई भी College इसके अलावा कोई भी काॅलेज से MBBS कर सकते है।

निष्कर्ष

हमने हमारे इस लेख मे MBBS कैसे करे इसके बारे मे पढा साथ ही MBBS के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए और इसके बाद के स्काॅप के बारे मे भी पढा। आपको अगर कोई और जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट कर के बता सकते है।

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