पॉलीटेक्निक कोर्स क्या है कैसे करें पूरी जानकारी

अगर हमसे कभी कोई छोटे पर पूछता था, बड़े होकर क्या बनोगे, तो हम सब झट से जवाब देते थे, कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई पायलट, कोई टीचर, व ऐसे ही बहुत सारे जवाब सुनने को मिलते है,

आज वर्तमान में 10th और 12th पास करने पर सबसे पहला सवाल यही पूछा जाता है, की आगे क्या करना है, और ये सुनते ही हम सब सभी के मन में एक ही सवाल उठता है, की आगे क्या किया जाए जिससे हम एक बेहतर कल को देख सके।

सबकी अपनी रुचि(interest) और अपनी कौशल(skill) होती है, और अनुसार हम सब कुछ करना भी चाहते है, कोई कुछ राय देता है तो कोई कुछ, कोई कहता है तैयारी कर लो, कोई पॉलीटेक्निक कर लो, अब पॉलीटेक्निक बहुत लोग ने कभी सुना ही नही होता है, की क्या होता है, तो आज वो सभी लोग जो पॉलीटेक्निक के बारे में जानना चाहते है, पॉलीटेक्निक है क्या, कैसे होता है, क्या सब्जेक्ट है, पॉलीटेक्निक करने के क्या फायदे आदि के बारे में जान सकेंगे, और अपने कैरियर के सही चुनाव करने में मदद पा सकेंगे।

पॉलीटेक्निक क्या है, Eligibility(योग्यता), Admission(प्रवेश) , subject क्या है, पॉलीटेक्निक की fee क्या है,, पॉलीटेक्निक करने के फायदे, पॉलीटेक्निक के exam(परीक्षा)

पॉलीटेक्निक क्या है?  

पॉलीटेक्निक एक डिप्लोमा कोर्स है, जो 10th और 12th के बाद किया जाता है, जिसके द्वारा कोई भी छात्र अपने रुचि व पसंद से इंजिनीरिंग की किसी भी फील्ड में जैसे mechanical engineering (मेकैनिकल इंजीनियरिंग) , civil engineering (सिविल इंजीनियरिंग), electrical engineering (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग), chemical engineering (केमिकल इंजीनियरिंग) व अन्य से डिप्लोमा कर सकते हैं व इस डिप्लोमा को करने के बाद चाहे तो इंटर्नशिप कर सकते है, या बी टेक (b.tech) के 2nd year में सीधे admission ले सकते है, इस फील्ड में अपना कैरीयर बना सकते है, यह डिप्लोमा कोर्स 3 सालो का होता है, जिसमे प्रैक्टिकल तरह से सिखाया जाता है।

पॉलिटेक्निक को समझने के लिए इसके अर्थ को भी देख लेते है।

पॉलीटेक्निक का शाब्दिक अर्थ-

पॉलीटेक्निक दो शब्दों में मिलकर बना है, पॉली व टेक्निक, जिसमे पॉली का अर्थ है बहुत सारी और टेक्निक का अर्थ है कला या प्रैक्टिकल करके सीखना।अर्थात बहुत सारी कलाओ का प्रैक्टिकल तौर पर ज्ञान कराना या सिखाना, जिससे छात्र अपने भविष्य और कैरियर को उज्ज्वल बना सके।

पॉलीटेक्निक के लिए योग्यता (Eligibility for polytechnic)

किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए सबसे पहले हमें उस कोर्स के योग्य( eligible) होना जरूरी है, बिना योग्यता के हम किसी भी कोर्स में एडमिशन नही ले सकते है। अतः पॉलीटेक्निक में एडमिशन के लिए निन्न योग्यता होना जरूरी है-

* अभ्यर्थी का 10th या 12th पास होना अनिवार्य है।
* अभ्यर्थी का academic मे कम से कम 35% मार्क होना चाहिए।
* साइंस, मैथ और इंग्लिश सब्जेक्ट होना अनिवार्य है।

पॉलीटेक्निक में Admission (प्रवेश) कैसे होता है-

अन्य सभी कोर्स की तरह पॉलिटेक्निक में भी एक क्रमबद्ध (systematic) तरह से एडमिशन को किया जाता है।

* 10th या 12th क्लास पास करे।
* पॉलिटेक्निक का एडमिशन फॉर्म फील करे।
* पॉलिटेक्निक का प्रवेश(entrance) एग्जाम दे।
* कॉउंसिल में शामिल होकर एडमिशन कराए।

10th या 12th क्लास पास करे-

पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए सबसे मुख्य योग्यता में दसवीं या बहरहवी का पास होना अनिवार्य है, इसमें रुचि(interest) लेने वाले छात्र 10th पास करके इस डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए प्रवेश फॉर्म भरते है, व कुछ छात्र 12th पास करने के बाद पॉलिटेक्निक के एडमिशन फॉर्म भरते है। ज्यादातर छात्र 10th पास करते ही पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए रुचि लेते है, जिससे उनका 3 साल की बचत होती है, छात्रों को कोशिश करनी चाहिए कि बेहतर से बेहतर मार्क 10th या 12th क्लास मे ले आये, जिससे आगे पॉलिटेक्निक में एडमिशन में आसानी होगी।

पॉलिटेक्निक का प्रवेश(entrance) फॉर्म भरे-

10th पास करते ही अभ्यर्थी जिनका रुझान पॉलिटेक्निक कोर्स में होता है, उनको एडमिशन के लिए एंट्रेंस फॉर्म फील करना होता है व फॉर्म में अपना अकादमिक(academic) और कुछ फैमिली से जुड़ी, कुछ पहचान से जुड़ी जानकारियां देनी होती है और फॉर्म की फीस 200 से 300 अपनी अपनी कैटेगरीज(ST/SC/OBC/जनरल व अन्य) के अनुसार देनी होती है और अपने मार्कशीट की फोटोकॉपी भी जमा करनी होती है, सभी जानकारियां बताई जाती है।

पॉलिटेक्निक का एंट्रेंस (entrance) एग्जाम दे-

फॉर्म भरने के बाद ही एंट्रेंस एग्जाम के पहले एडमिट कार्ड आपको दिया जाता है, जिसे लेकर ही एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री दी जाती जाती है, जो आपकी पहचान को बताती है, प्रवेश परीक्षा की डेट के अनुसार जिस अभ्यर्थी का सेंटर जिस भी कॉलेज में गया होगा, वह जाकर उस अभ्यर्थी को एग्जाम देना होना है, पॉलिटेक्निक के एंट्रेंस एग्जाम ऑफलाइन ही होते है, इसमें 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) होते है व इसकी समय सीमा 3 घण्टे होती है।

कॉउंसलिंग में शामिल होकर प्रवेश ले-

पॉलिटेक्निक का एंट्रेंस एग्जाम में जब अभ्यर्थी पास हो जाये, तो अभ्यर्थियों के लिए उनके रैंक के अनुसार अलग अलग दिन कॉउंसलिंग कराई जाती है, जिसमे छात्रों को उनके रैंक के अनुसार कॉलेज एलॉट (रैंक के अनुसार कॉलेज में सीट देना) किया जाता है और एडमिशन फीस जमा की जाती है।

छात्रों को उनके रैंक के अनुसार सरकारी और प्राइवेट कॉलेज की सीट दी जाती है, सरकारी कॉलेज के लिए रैंक अच्छी होना जरूरी है व बाद वाली रैंक को उनके अनुसार प्राइवेट कॉलेज की सीट दी जाती है। मुख्य रूप से ये 4 स्टेप होते है, जो पॉलिटेक्निक में एडमिशन के लिए अभ्यर्थी द्वारा किए जाते है।

पॉलिटेक्निक कोर्स में कौन कौन से सब्जेक्ट(subject) होते है-

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स के सब्जेक्ट जिन्हें छात्र अपनी रुचि के अनुसार ले सकते है, और अपनी पसंदीदा फील्ड में और बेहतर करने के लिए उस कला को प्रैक्टिकल तरह से सीखकर अपने भविष्य को बेहतर बनाते है, ये सब्जेक्ट (विषय) इस प्रकार है-

* सूचना प्रौद्योगिकी
* सिविल इंजीनियरिंग
* मैकेनिकल इंजीनियरिंग
* केमिकल इंजीनियरिंग
* कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग
* आर्किटेक्चरल असिस्टेंटशिप
* इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
* इंस्ट्रूमेंटेशन और नियंत
* रासायनिक अभियांत्रिकी
* डेयरी इंजीनियरिंग
* कपड़ा प्रौद्योगिकी
* कपड़ा रसायन
* ग्लास और सिरेमिक इंजिनीरिंग
* प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी
* चमड़ा प्रौद्योगिकी
* आंतरिक सजावट और डिजाइन
* कृषि अभियांत्रिकी
* फैशन डिजाइनिंग और गारमेंट टेक्नोलॉजी
* पेंट टेक्नोलॉजी
* पुस्तकालय और सूचना विज्ञान
* गृह विज्ञान
* सामग्री प्रबंधन
* वाणिज्यिक अभ्यास
* जन संचार
* फार्मेसी
* प्लास्टिक और मोल्ड प्रौद्योगिकी
* कपड़ा डिजाइन
* होटल प्रबंधन और खानपान सेवा
* विमान रखरखाव
* वैमानिकी
* आधुनिक कार्यालय प्रबंधन और सचिवीय अभ्यास

ये डिप्लोमा इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग दोनों सब्जेक्ट(विषय( मे होता है, जिसे हज़ारो छात्र हर साल करते है।

पॉलिटेक्निक कोर्स की फीस-

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा में अभ्यर्थी के रैंक के अनुसार उन्हें कॉलेज दिए जाते है, सबसे अच्छी रैंक वालो को सरकारी कॉलेज, उसके बाद कि रैंक वालो को अर्धसरकारी कॉलेज, और इससे भी बाद वाली रैंक के अभ्यर्थी को प्राइवेट कॉलेज की सीट दी जाती है, इन तीनो कॉलेज में सरकारी कॉलेजों की फीस सबसे कम होती है, और सब से सबसे ज्यादा फीस प्राइवेट कॉलजो की होती है, जो इस प्रकार है-

सरकारी कॉलेजों की फीस-

सरकारी कॉलेज में फीस 8000 से लेकर अधिक से अधिक 10,000 होती है, स्कॉलरशिप्स होने पर यह फीस रिफंडेबल भी हो जाती है, पूरी फीस जिसमे कॉलेज फीस, ट्यूशन फीस, सिक्योरिटी फीस होती है,जो स्कालरशिप होने से रिफंडेबल हो जाती है इन सबको छोड़कर बिल्डिंग फंड को लेते हुए एक सेमेस्टर की कुल फीस 4 से साढ़े 4 हज़ार लगभग आती है, तो ऐसे एक साल में फीस 8 से 9 हजार लगभग हो जाती है।

सरकारी कॉलेजों में हॉस्टल फीस के लगभग एक महीने के 1200 से 1500 लगते हैं जिससे सालाना देखे तो 15000 से 18000 लगभग फीस होती है।

और अगर अपना खर्च जोड़े तो महीने का 1500 से 1800 होता है, तो सालाना 18000 से 20000 के लगभग होगा।

इस आधार पर सरकारी कॉलेजों के एक साल का खर्च लगभग 50000 पड़ेगा, अर्थात सरकारी कॉलेजों से इस आधार पर पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा करने का कुल खर्च डेढ़ लाख के लगभग पड़ सकता है, और अगर स्कोलरशिप लग गयी तो ये खर्च कम हो सकता है, सरकारी कॉलेजों से ये डिप्लोमा सबसे सस्ता पड़ता है।

अर्ध सरकारी कॉलेजो से पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की फीस-

सरकारी कॉलेजों के बाद अभ्यथियों को अर्ध सरकारी कॉलेजो की सीट दी जाती है,अर्ध सरकारी कॉलेज में एक साल की फीस 18 से 20,000 तक हो सकती है, सभी अर्ध सरकारी कॉलेज अपनी फीस अलग अलग रखते है, ये कॉलेज की फीस सरकारी कॉलेजो से कुछ ज्यादा होती है।

हॉस्टल फीस लगभग सरकारी कॉलेजों के जैसे है सालाना 18000 से 20000 तक लग जाती है, निजी खर्च यहां भी 20000 सालाना पड़ता है, इसमें हमारे अपने खर्च होते है।

अतः अर्ध सरकारी कॉलेज से पॉलिटेक्निक कोर्स का सालाना 50000 के आसपास पड़ता है, और पूरा कोर्स देखे तो कुल होने वाला खर्च 160,000 से 170,000 के लगभग का पड़ता है।

प्राइवेट कॉलेज से पॉलिटेक्निक की फीस-

प्राइवेट कॉलेज की फीस तीनो में सबसे ज्यादा होती है, इसकी में वजह यहा ज्यादा से ज्यादा दी जाने वाली सुविधा (facility) है इन कॉलेजों में पूरे कोर्स की ट्यूशन फीस एवं अन्य फीस को लेते हुए 40,000 से 50,000 तक भी पड़ सकती है, 

प्राइवेट कॉलेज में सुविधाओं को देखते हुए सलाना फीस 40 से 48 या 50 हजार के लगभग भी पड़ सकती है।आपका निजी खर्च एवं खानपान का खर्च थोड़ा अधिक हो सकता है, जो लगभग 40 हजार तक सालाना पड़ सकता है।

प्राइवेट पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा कोर्स का पूरा खर्च कुल 3 साल का खर्च, एक से डेढ़ लाख लगभग हर साल पड़ता है, जिससे इस कोर्स का पूरा खर्च लगभग चार लाख तक पड़ सकता है।

पॉलिटेक्निक कोर्स करने के फायदे-

10th और 12th के बाद करने से सीधे b.tech की सेकेण्ड ईयर में admission हो जाता है, 10th बाद पॉलिटेक्निक करने से 3 साल की बचत होती है, 12th बाद करने 1 साल की।

B.tech की तुलना में इसकी फीस कम होती है, जिससे छात्रों को इकोनोमिकल परेशानी नही होती है।
कोर्स पूरा होने पर जॉब कर सकते है। पॉलिटेक्निक में छात्रों को प्रैक्टिकल तरीके से सीखाया जाता है।

इस तरह पॉलिटेक्निक, पॉलिटेक्निक एडमिशन, फीस, पॉलिटेक्निक विषय( subject) पॉलिटेक्निक के फायदे ये सभी जानकारियां हिंदी में हमने देने की कोशिश की है।

और पॉलिटेक्निक से जुड़ी एग्जाम डेट और नई अपडेट को नीचे दिए लिंक से जानने की कोशिश करे।

https://jeecup.nic.in
https://www.sarkariresult.com/2021/up-polytechnic-jeecup-2021/

Thank you 

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