पौधों की नर्सरी बिजनेस शुरू कर कमाएं लाखों | Plant Nursery Business

प्लांट नर्सरी बिजनेस की जानकारी – हमारी धरती हरी-भरी और पेड़ पौधों से सजी कितनी अच्छी लगती है ना! पेड़ और पौधे हमारे वातावरण को तो स्वच्छ रखते ही है साथ ही वे हमें मानसिक शांति भी प्रदान करते है। लेकिन आज बढ़ते व्यवसायीकरण और शहरीकरण के चलते आबो-हवा प्रदूषित हो गयी है, इसके कारण हमारी सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव हो रहा है। आज लोगों में अस्थमा, त्वचा रोग और एलर्जिक रायनाइटिस जैसी बीमारियाँ घर कर रही है, वो भी सिर्फ इसलिए की वायु शुद्ध ना होकर कार्बन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड आदि विषैली गैसों से परिपूर्ण है।

इन सबसे निपटने के लिए सरकार तो जरूरी कदम उठा ही रही है साथ ही लोगों में भी जागरूकता आई है, वे अब अपने घर और आसपास के वातावरण को शुद्ध करने के लिए गमलों में ही इंडोर और आउटडोर पौधों को लगा रहे है, इसलिए आजकल इनका चलन बढ़ सा गया है।

बिजनेस करने वालों के लिए पौधों की नर्सरी का बिजनेस एक अच्छा बिजनेस साबित हो सकता है, जिससे वे अच्छी कमाई के साथ प्रकृति की देखभाल में भी अपना सहयोग दे सकते है। तो आइये जानते है पौधों की नर्सरी का बिजनेस शुरू करने की पूरी जानकारी:

कैसे शुरू करें प्लांट नर्सरी बिजनेस :

पौधों या प्लांट नर्सरी बिजनेस को चाहे तो आप अपने घर के गार्डन से भी शुरू कर सकते है या फिर कोई जमीन ले वहां से, लेकिन जहां तक हो इस बिजनेस को किराये या खरीदी हुई जमीन से शुरू करना बेहतर होगा। इससे आप वहां अपने खुद के पौधे अधिक मात्रा में उगा कर, उन्हें आसानी से अपने ग्राहकों तक पहुंचा पाएंगे।

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपकी बिजनेस में रुचि जरूर होना चाहिए, और आपको पौधों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है- जैसे कौन सा पौधा किस समय उगाया जाए, किस पौधे में कितनी मात्रा में और कौन सा उर्वरक डालें, कौन से पौधे इंडोर और आउटडोर उगाये जाए आदि।

बिजनेस कि सही योजना बना कर आप इसे सही दिशा में अग्रसर कर सकते है, समय-समय पर अपनी योजनाओं का आकलन करना भी आवश्यक होता है।

नर्सरी बिजनेस में लगने वाला सामान :

प्लांट नर्सरी बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको कुछ सामग्रियों और औज़ारों को खरीदना होगा, जिसकी लिस्ट नीचे दी गयी है:

उपजाऊ जमीन:

नर्सरी बिजनेस शुरू करने से पहले आपको उपजाऊ जमीन को खरीदना या किराये से लेना होगा। ये ध्यान रखना होगा कि जमीन उपजाऊ हो वरना आप वहां अपने मन मुताबिक पौधों को उगा और उन्हें बेच नहीं पाएंगे।

रेत और मिट्टी:

अलग-अलग तरह के पौधे उगाने में अलग-अलग तरह की मिट्टी और रेत की जरूरत होती है। इसलिए आपको रेत और मिट्टी दोनों की ही उपलब्धता को जान लेना जरूरी होगा।

पानी:

नर्सरी के बिजनेस में पानी की भरपूर आवश्यकता होती है, क्योंकि आपको हर पौधे को समय-समय पर सींचना होता है। इसलिए पानी की व्यवस्था पर भी आपको ध्यान देना आवश्यक है (गर्मियों में अधिक)।

हरी जाली और बल्लियां (लकड़ी):

पौधों को आप अगर सीधे धूप में रखेंगे तो वे सही से बढ़ नहीं पाएंगे इसलिए आपको हरे रंग की जाली (ग्रीन हाउस प्रभाव के लिए) और उनको लगाने के लिए बल्लियों की आवश्यकता होगी।

खाद, उर्वरक और कीटनाशक:

अच्छी गुणवत्ता वाला खाद पौधों को अच्छे से बढ़ने में सहायता करता है और मजबूत बनाता है, साथ ही अच्छे कीटनाशक पौधे पर फैलने वाले किट जैसे फंगस, घोंघे आदि से बचाव करते है। इसके लिए आप ध्यान रखे की जहां तक हो आप प्राकृतिक उर्वरक और खाद ही उपयोग में लाएं।

औजार:

आपको नर्सरी में कुछ औज़ारों की भी आवश्यकता होगी जैसे, पावड़ा, गेती, कैंची, खुरपा, हथोड़ी, पॉलीबैग बास्केट आदि। ये औजार समय-समय पर आपके काम आएँगे।

पौधों का चयन:

अब बात आती है पौधों के चयन की,कि आपको आपकी नर्सरी में कौन से पौधे रखने चाहिए। इसका निर्णय आप निम्न बातों को ध्यान में रख कर ले सकते है:

जगह और प्रान्त :

सबसे पहले आपको आपके प्रान्त की अच्छे से रिसर्च करना होगी, अगर आपका प्रान्त गरमी वाला प्रान्त है तो आपको गरमी में उगने वाले पौधों को रखना होगा जैसे आम, संतरा, तुलसी, केला, टमाटर, नीम,गुलाब, कुछ सजावटी पेड़ आदि लेकिन अगर आप ठन्डे प्रान्त में रहते है तो आपको उसी के हिसाब से पौधों को रखना होगा जैसे स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, लीची, सेवफल, फर्न्स और कुछ सजावटी पेड़ आदि। तेज गर्मी में ये पौधे अच्छे से बढ़ नहीं पाते है।

इंडोर और आउटडोर:

आप इंडोर पेड़ जैसे मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, बेबी कैक्टस आदि रख सकते है साथ ही आउटडोर पेड़ में तुलसी, घृतकुमारी (एलोवेरा), गिलोय, गुलाब, सूर्यमुखी, लिली, फल के पौधे, वाटर लिली, बोंजाई प्रजाति के पेड़ आदि भी अपनी नर्सरी में रख सकते है।

सीज़नल पौधे:

आप सीजन के हिसाब से भी पौधों को रख सकते है जैसे गर्मी के मौसम और ठण्ड-बारिश के मौसम में लगाने वाले पौधे। गर्मी में आप कई तरह की बेल, फल के पौधे लगा सकते है, कम पानी में उगने वाले पौधे भी आप गर्मी में लगा सकते है। सर्दी में आप मूली, स्ट्रॉबेरी, गाजर, आंवले, कीवी जैसे फल और सब्जी के पौधे लगा सकते है।

कुल मिलकर आप अपनी नर्सरी में विभिन्न प्रकार के पौधे रख सकते है, और उन्हें बेच सकते है। ग्राहक अपनी पसंद, आवश्यकता और इच्छा के अनुसार आपकी नर्सरी पौधे खरीद लेगा।

जगह का चयन:

प्लांट नर्सरी आप शहर के किसी भी हिस्से में शुरू कर सकते है लेकिन अगर इसे रहवासी क्षेत्र में शुरू किया जाएं तो आपकी बिक्री ज्यादा होने की सम्भावना अधिक रहेगी। इसलिए अपने बिजनेस को रहवासी क्षेत्र में शुरू करे, और ऐसी जगह खोले जहां लोगों की नज़र आपकी नर्सरी पर पहले ही पड़े।

नर्सरी बिजनेस का दायरा:

एक छोटी सी नर्सरी को आप भव्य नर्सरी का रूप भी आगे चल कर दे सकते है। आप अपनी नर्सरी में पौधों के साथ-साथ अन्य सामग्री जैसे बीज, खाद, कीटनाशक, औजार, गमले, यूरिया, पोटिंग, लड़की का गादा आदि पौधों को लगाने के लिए जरूरी सामान भी रख सकते है, और उन्हें बेच सकते है।

आगे चल आप अपनी नर्सरी में फूलों की खेती कर फूलों के गुलदस्ते की दूकान खोल सकते है, और अन्य अवसरों पर (शादी,पार्टी) लोगों को फूल और फल आदि बेच कर मुनाफा कमा सकते है।

पढ़ाई और नर्सरी का बिजनेस:

वैसे तो ये व्यवसाय कोई भी व्यक्ति शुरू कर सकता है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने इस क्षेत्र में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन किया होता है तो उसे इस व्यवसाय को शुरू करने में आसानी तो होगी ही साथ ही वो पौधे और उनकी देखरेख के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इसके लिए आप एग्रीकल्चर में बीएससी या एमएससी आदि कर सकते है।

लाइसेंस और सब्सिडी:

प्लांट नर्सरी बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको नगर निगम से सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा। आपको अपनी कंपनी को रजिस्टर करना होगा, पैन, जीएसटी नंबर और एक करंट अकाउंट भी खुलवाना होगा। आपको नर्सरी निर्माण के लिए सरकार से अनुमति भी लेनी होगी, साथ में आपको अपनी नर्सरी का इन्शुरन्स भी लेना होगा।

आज इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए, इस बिजनेस को शुरू करने वालों को सरकार की तरफ से सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है और सस्ते दाम पर बीज, खाद और औजार मुहैया कराये जा रहे है। जिसके बारे में आप www.nhb.gov.in पर जा अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।

नर्सरी बिजनेस में लागत:

पौधों की नर्सरी बिजनेस को शुरू करने में कम से कम आपको 50 हज़ार से लेकर 1 लाख तक की लागत आ सकती है। अगर इसे बड़े पैमाने पर शुरू कर रहे है तो आपको 2.5 लाख तक भी लागत आ सकती है। जिसमें जमीन का किराया, औजार, बीज, पौधे, खाद, कीटनाशक आदि को खरीदने का खर्चा शामिल है। इसके अलावा पानी और बिजली का खर्चा अलग से इसमें जोड़ना होगा। इस बिजनेस में सरकार भी अपनी तरफ से मदद करती है, इसलिए लागत में से कुछ राशि कम हो सकती है।

नर्सरी बिजनेस से मुनाफा:

ये बिजनेस मुनाफ़े का बिजनेस ही है, लेकिन कुछ बाते है जिस पर इसका मुनाफा कम ज्यादा हो सकता है जैसे:

कच्चे माल का भाव:

बीज, खाद, कीटनाशक, मिट्टी, रेती आदि के भाव पर व्यवसाय का मुनाफा कम ज्यादा हो सकता है। इन सभी चीजों के भाव बढ़ते और घटते रहते है, इसलिए इनके मूल्य को देख कर ही लाभ का अनुमान लगाया जा सकता है। बीज को ज्यादा दिन रखने से उनमें कीड़े लगने का डर रहता है।

औजार और अन्य सामग्री:

औजार, गमले, पोटिंग, हरी जाली जैसे सामान आप थोक में खरीदें तो आपको सस्ते में मिल सकते है, जिससे आपके मुनाफ़े में इजाफा हो सकता है। ये सभी चीजे लम्बे समय तक सही रहती है, जिसके कारण एक बार में ही इन्हें ज्यादा ले लेना ठीक रहता है।

पौधों के भाव:

पौधों के भाव, आप उनको उगाने में लगी लागत और उनकी देखभाल में किया गया खर्चे को देखकर तय कर सकते है। कुछ पौधों को उगने में समय और ध्यान दोनों चाहिए होता है, ऐसे में उन्हें अच्छे दाम पर आप बेच सकते है।

नर्सरी बिजनेस के ग्राहक:

बड़े गार्डन, होटल्स, कॉलेज, फूलों की दुकान वाले, वेडिंग प्लानर, बागवानी का शौक रखने वाले लोग आपकी नर्सरी के असली ग्राहक हो सकते है।

मार्केटिंग और ग्राहक आकर्षण :

मार्केटिंग के आजकल नित्य नए तरीके मार्केट में आ रहे है। इन्हें आप भी अपना कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है। आइये जाने कुछ मार्केटिंग के तरीकों को:

1) अपनी नर्सरी को आकर्षक और खूबसूरत बनाये रखे, अधिकतर लोग आपकी नर्सरी को बाहर से देख कर ही अंदर आने की इच्छा रखेंगे।

2) नर्सरी के बाहर बड़ा सा होर्डिंग लगाएं जिससे नर्सरी आसानी से दिख सके और लोगों को उसे खोजने में दिक्कत ना हो।

3) अपने प्रतिस्पर्धियों पर भी ध्यान रखे, साथ ही अलग-अलग प्रजाति के पौधों को अपनी नर्सरी में जगह दे।

4) यूट्यूब चैनल पर भी आप अपनी नर्सरी की चैनल बना लोगों को इससे अवगत करा सकते है, चाहे तो साथ ही साथ आप उनको बागवानी से जुड़ी जानकारी भी दे सकते है।

5) सोशल मीडिया और अपनी वेबसाइट के ज़रिये भी आप लोगों में पौधों के प्रति रुझान को बढ़ा सकते है।

ये थी धरती माता को हराभरा रखने वाले पौधों की नर्सरी के बिज़नेस की जानकारी। अगर आपको भी इस व्यवसाय को शुरू करना है तो योजना बनाये, जगह निश्चित करे, सारी सामग्री जुटाएं, कानूनी व्यवस्था पूरी करें और अपने सपनों का नर्सरी का बिज़नेस शुरू करें।

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