कृषि आधारित व्यापार से कमाए पैसे | Agriculture Business Ideas in Hindi

इन दिनों देश में कृषि या खेती के बिजनेस की ओर युवाओं का रुझान बढ़ता जा रहा है कृषि आधारित व्यापार में भी नई पीढ़ी भविष्य तलाश रही है कृषि व्यापार में अवसर ज्यादा उपलब्ध है इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी बहुत कम है इसके अलावा कम निवेश में अत्यधिक मुनाफा कमाया जा सकता है आज हम चर्चा करने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ कृषि पर आधारित व्यापारों की, जिनमें आप अपना भविष्य बना सकते हैं

1. मुर्गी फार्म

गांव हो या शहर, अंडे और चिकन की मांग हर जगह है गांव और शहर दोनों जगह मुर्गी फार्म या पॉल्ट्री फार्म का व्यापार काफी लोकप्रिय हो चुका है इस बिजनेस को छोटे से लेकर बड़े पैमाने पर भी किया जा सकता है इस व्यापार में मुनाफे को देखते हुए बैंक भी लोन देने के लिए आगे आ रहे हैं इसे आप 01 लाख रुपये और 01 वर्ग फुट जमीन से शुरु कर सकते हैं और अच्छे पैसे कमा सकते हैं

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2. डेयरी फार्म

डेयरी यानी दूध का कारोबार दूध की मांग कभी कम नहीं हो सकती, हां कभी कभी बाजार से दूध जरुर गायब हो जाता है डेयरी कारोबार भी 01 वर्ग फुट जमीन और 04 मवेशी के साथ शुरु किया जा सकता है थोड़ी सी समझ का इस्तेमाल कर आप डेयरी फार्म के बिजनेस को उंचाई पर ले जा सकते हैं

डेयरी फार्म बिजनेस के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ से पढ़े

3. मशरूम की खेती

शाकाहारियों के लिए मशरूम चिकेन, मटन की कमी पूरा करने वाला माना जाता है वैसे इसका सेवन शाकाहारी, मांसाहारी सभी करते हो आजकल शादी ब्याह बिना मशरूम की सब्जी के पूरा नहीं होता होटलों में भी इसकी काफी मांग है मशरूम की खेती आमदनी का बेहतर जरिया है इसके लिए पर्याप्त जगह होना अनिवार्य है आप इसे 50 हजार रुपये में भी शुरु कर सकते हैं और मांग के अनुसार धीरे धीरे आगे बढ़ा सकते हैं

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4. मछली पालन

मछली पालन के कारोबार में लोगों की रुचि बढ़ती जा रही है इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि जहां एक हेक्टेयर खेत में गेहूं, धान और गन्ने की फसल से ज्यादा से ज्यादा सवा लाख रुपये तक कमाए जा सकते हैं तो वहीं इतने ही क्षेत्र में तालाब बना दिया जाए तो ढाई लाख रुपये तक कमाए जा सकते हैं इसमें निवेश और मेहनत की तुलना में आमदनी दोगुनी होती है अपने तालाब में मछली पालन कर हर छह महीने पर लाखों रुपये कमाए जा सकते हैं बाजार में लोकल तालाब की मछलियों की मांग ज्यादा होती है

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5. सूखे फूलों का कारोबार

विदेशी बाजारों में सूखे फूलों की मांग काफी ज्यादा है यूरोप, अमेरिका और जापान जैसे देशों में भारत से ही सूखा फूल निर्यात होता है सूखे फूल के व्यापार में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है सूखे फूल के तहत के सूखा तना, सूखा बीज और कलियां आते हैं भारत दुनिया भर के 20 देशों को सालाना 100 करोड़ रुपये का सूखा फल विदेश भेजता है

6. खाद का कारोबार

किसानों को खेती के लिए बीज, खाद और कृषि संबंधित उपकरणों की जरुरत होती है इसमें काफी लाभ होता है खाद के दुकान के लिए सरकार से लाइसेंस लेने की जरुरत होती है लाइसेंस लेने के बाद आप इस व्यापार को शुरु कर सकते हैं खाद के व्यापार के लिए पर्याप्त जगह वाले एक गोदाम और करीब दो लाख रुपये निवेश की जरुरत होती है

7. बेकरी का बिजनेस

डबल रोटी बनाने के व्यापार को बेकरी उद्योग कहा जाता है डबल रोटी का उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है ग्रामीण क्षेत्रों में नाश्ते के लिए इसकी बड़ी मांग होती है क्यांकि ये खाने में सुपाच्य और स्वादिष्ट होता है. पर्याप्त जगह और डेढ़ लाख रुपये के निवेश के साथ बेकरी का व्यापार शुरु किया जा सकता है. इसमें निवेश की तुलना में करीब 25 फीसदी का शुद्ध लाभ होता है

बेकरी का बिजनेस के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ से पढ़े

8. आलू चिप्स उद्योग

आलू का चिप्स सभी वर्गों में बेहद लोकप्रिय है पहले कई बड़ी कंपनियां चिप्स बनाने का कारोबार करती थी लेकिन अब लोकल लेवल पर भी कई कंपनियों ने ये व्यापार शुरु कर दिया है छोटे पैमाने पर भी आप इस कारोबार को शुरु कर सकते हैं शुरुआती दौर में पारंपरिक तरीके से आलू के चिप्स बनाकर इसे नमकीन बनाकर सादे पैकेट में भी बेचा जा सकता है बड़े पैमाने पर चिप्स का कारोबार करने के लिए कम से कम दस लाख रुपये का निवेश करना होगा इसके अलावा पर्याप्त जगह की शर्त अनिवार्य है

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9. दाल मिल

दाल मिल का व्यापार शहरी या ग्रामीण क्षेत्र कहीं भी किया जा सकता है ये कम लागत में बेहतर मुनाफे वाला कारोबार है दाल मिल के व्यापार के लिए ज्यादा जगह की जरुरत भी नहीं पड़ती 30 से 50 वर्गफीट तक जगह इसके लिए पर्याप्त होती है दाल मिल शुरु करने के लिए एक खास किस्म की मशीन आती है

जिससे आप चना, मसूर, मूंग, सोयाबीन, मूंग, उड़द आदि दाल निकाल सकते हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. मशीन 01 लाख रुपये से 03 लाख रुपये तक आती है आप अपने बजट के हिसाब से मशीन की खरीद कर सकते हैं इस व्यापार के लिए कम से कम 05 लाख रुपये पूंजी की आवश्यक्ता पड़ेगी

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10. एलोवेरा की खेती

एलोवेरा के गुणों से लगभग हर कोई परिचित है छोटी छोटी कंपनियां से लेकर मल्टी नेशनल कपंनियां भी एलोवेरा के बिजनेस में कूद चुकी हैं निवेश के हिसाब से इसमें आमदनी प्राप्त की जा सकती है एलोवेरा का बिजनेस दो तरीके से किया जा सकता है एक तो आप इसकी खेती कर सकते हैं और दूसरा एलोवरा की प्रोसेसिंग यूनिट लगा कर इसका जूस निकाल कर मोटी कमाई की जा सकती है जूस के प्लांट के लिए 05 लाख रुपये से लेकर 07 लाख रुपये तक का इंवेंस्टमेंट करना होगा और कमाई आपकी मेहनत पर निर्भर करेगी

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11. आटा चक्की का बिजनेस

गेहूं से आटा बनाने के लिए आटा चक्की काफी पहले से लोकप्रिय बिजनेस रहा है अगर आप ग्रामीण स्तर पर छोटे से पैमाने पर इस व्यापार को शुरु करना चाहते हैं तो छोटी आटा पिसाई की मशीन लगा सकते हैं बिजली, मोटर और मशीन की कीमत मिलाकर इसमें करीब 50 हजार रुपये का पूंजी निवेश होता है इस व्यापार में मोटी कमाई है आजकल हर जगह बिजली की कमी खत्म हो चुकी है और पर्याप्त जगह बिजली उपलब्ध है

12. मधुमक्खी पालन उद्योग

शहद बेहद पौष्टिक पदार्थ है इसकी मांग कभी कम नहीं हो सकती. शहद की प्राप्ति मधुमक्खियों से होती है शहद के लिए मधुमक्खी पालन लोकप्रिय कारोबार है. इसके लिए खुली जगह की जरुरत होती है, ताकी आप मधुमक्खियों को पालने के लिए पेटियां रख सकें अगर आप 200 से लेकर 300 तक की पेटियों में मधुमक्खियों का पालन करते हैं तो आपको 04 से 05 हजार स्क्वायर फीट जमीन की जरुरत पड़ती है

मधुमक्खी पालन उद्योग के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ से पढ़े

13. जेट्रोफा की खेती

जेट्रोफा जिसे रतनजोत भी कहते हैं ये एक बहुद्देशीय पौधा है जेट्रोफा बदलते वक्त में में किसानों के लिए ईंधन मुख्य आवश्यक्ता है विगत कुछ सालों से जेट्रोफा उर्जा का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत बनकर सामने आया है इसकी खेती खेतों में, खेत की मेंडों पर या सिंचाई की नालियों के किनारे भी हो जाती है इसके लिए अनुपयोगी स्थान भी पर्याप्त होते हैं पूंजी निवेश भी अल्प होता है और मुनाफा भी शानदार होता है

14. रजनीगंधा की खेती

रजनीगंधा फूल सजावट के काम आती है बाजार में इसकी काफी मांग है. इसकी खेती भारत के हर हिस्से में हो सकती है बीज की बजाय कलम रोप कर रजनीगंधा की खेती ज्यादा अच्छी मानी जाती है 01 हेक्टेयर जमीन पर करीब 12 क्विंटल रजनीगंधा की कलम लगाई जाती है रजनीगंधा की खेती में शुरुआती खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये तक आता है

रजनीगंधा की खेती के साथ अच्छी बात यह है कि इसके फसल को कीटाणुओं और बीमारियों का कोई खतरा नहीं होता बेहतर प्लानिंग के साथ रजनीगंधा की खेती की जाए तो 02 लाख रुपये महीने तक कमाई की जा सकती है रजनीगंधा का पौधा लगातार तीन साल तक फसल प्रदान करता है

15. काजू प्रोसेसिंग यूनिट

आप जो काजू का सेवन करते हैं, वो सीधे सीधे पेड़ से तोड़ कर आपके पास नहीं पहुंचता उसे प्रोसेसिंग की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, तब जाकर वो खाने लायक होती है इसे काजू प्रोसेसिंग मशीन कहते हैं ये मशीन 01 लाख रुपये से शुरु होती है काजू उत्पादक किसानों से कच्चा काजू लेकर इस मशीन के माध्यम से खाने लायक बनाकर बेचा जाए तो अच्छा खास मुनाफा हासिल होता है.

16. अदरक लहसुन पेस्ट उत्पादन

अधिकांश घरों में आजकल खाना बनाने में अदरक लहसुन बनाने का पेस्ट इस्तेमाल कर रहे हैं इससे लोगों का समय बचता है ऐसे में अदरक लहसुन का पेस्ट काफी लोकप्रिय होता जा रहा है और इसका कारोबार भी फल फूल रहा है महज 50 हजार रुपये की पूंजी लगाकर इस व्यापार को शुरु किया जा सकता है अदरक लहसुन की पिसाई के लिए छोटी सी मशीन आती है जिसकी कीमत 20 हजार रुपये से शुरु होती है

17. मिट्टी परीक्षण केंद्र

अब तो हर गांव में मिट्टी परीक्षण केंद्र खुलता जा रहा है. कई प्रदेशों में स्थानीय सरकारों ने पार्टनरशीप के तहत मिट्टी प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की है ये किसानों के लिए बेहद उपयोगी होता है इससे उनके खेतों की मिट्टी की समय समय पर जांच होती रहती है जिससे उनकी उत्पादकता बरकरार रहती है मिट्टी परीक्षण केंद्र खोलने के लिए सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है मिट्टी परीक्षण केंद्र खोलने में करीब डेढ़ लाख रुपये तक पूंजी निवेश होता है और अच्छी आय होती है.

18. चावल मिल

चावल मिल यानी राइस मिल यूं तो साधारण आदमी के वश का व्यापार नहीं होता क्योंकि इसमें पूंजी निवेश काफी बड़े पैमाने पर होता है लेकिन आजकल मिनी राइस मिल का इन दिनों काफी चलन हो गया है आजकल बाजार में 50 हजार रुपये से लेकर 75 हजार रुपये तक की कीमत में छोटी मशीने उपलब्ध हैं

जिनसे चावल निकाला जा सकता है इस मिनी मशीन की खास बात यह है कि इनसे किसी भी तरह के चावल के दाने निकाले जा सकते हैं धीरे धीरे देहातों में मिनी राइस मिल लोकप्रिय होता जा रहा है. लोग इस व्यापार में कम निवेश से अत्यधिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं

19. अचार निर्माण

अचार के कारोबार को मुनाफे का सौदा माना जाता है हमारे देश में हजारों तरह के अचार बनाए जाते हैं आजकल तो अचार के पाउच पैकेट बाजार में आ गए हैं अचार के कारोबार के लिए कोई ठोस पूंजी या अनुभव की जरुरत नहीं होती लेकिन स्वाद के बाद इसकी पैकेजिंग सबसे महत्वपूर्ण होता है अचार के व्यापार के लिए पाउच पैकिंग मशीन की जरुरत होती है दो लाख रुपये के निवेश में अचार का काम शुरु किया जा सकता है

20. लकड़ी की खेती

आपके पास चाहे जिनती भी जमीन हो, आप उस पर सागवान, शीशम जैस लकड़ी देने वाले पेड़ लगाकर अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं फर्नीचर के लिए सागवान और शीशम की लकड़ियों की बाजार में काफी मांग है मांग की तुलना में उत्पादन भी कम ही है अगर आप चाहें तो अपनी खाली पड़ी जमीन या खेतों के इर्द गिर्द भी इन पेड़ों को लगाकर सालाना लाखों रुपये कमा सकते हैं, हालांकि इसमें थोड़ा सा इंतजार करना होता है सागवान और शीशम का एक पेड़ 07 साल के बाद 42 हजार रुपया देता है

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