मछली पालन कैसे किया जाता है – जानिए यह व्यवसाय कितना लाभदायक है (Fish Farming)

मछली पालन कैसे करें? अगर आप भी उन लोगों में से है जो खुद का बिजनेस करके एक अच्छा मुनाफा करना चाहते है तो आप यह काम मछली पालन यानी की मत्स्य पालन करके कर सकते है। इस बिजनेस में आप मछली पालते है और उनको बेचकर पैसे कमाते है। मछली पालन के लिए आपको ज्यादा बड़ा निवेश करने की जरुरत नहीं है और इस बिजनेस में आपको सिर्फ एक बार ही निवेश करना होता है उसके बाद आप अपना खर्च इसी बिजनेस से निकालने लगते है।

मछली पालन कैसे करते है

मछली पालन का व्यापार भारत के लगभग सभी राज्यों में होता है भारत में लगभग 70 प्रतिशत लोग मछली का सेवन करते है मछली पालन का व्यापार कर के भारत के ऐसे कई शहर है जहाँ के 25 प्रतिशत आबादी इसी रोजगार से अपना पालन करते है मछली पालन के व्यवसाय को हम दूसरे भाषा में fish farming भी बोलते है

भारत के लगभग आधी से ज्यादा जनसंख्या मछली खाती है और मछली पालन का व्यवसाय उन क्षेत्रों के लिए और भी फायदेमंद है जहाँ पे नदियां ,झरने,तालाब का क्षेत्र आता हो जहाँ पे इन सभी स्त्रोतों की सुविधा अच्छी मिलती है,वहां पर मछली पालन का व्यापार करना और भी आसन हो जाता है

ऐसे तो मछली पालन करने के लिए आप लोगो को कुछ जमीन और छोटे –छोटे तालाबों की भी जरूरत होती है जिसमे हम मछली को कुछ दिनों के लिए रख सकते है मछली पालन के व्यापार करने के लिए कोई ज्यादा पूंजी की जरूरत नही होती है अगर हम चाहे तो कम पूंजी में भी इसके व्यापार को चालू कर सकते है और जादा से जादा मुनाफा कमा सकते है

मछली पालन का व्यवसाय क्यों करे

आपके दिमाग में एक बात आती होगी की हम मछली पालन का व्यवसाय क्यों करे ऐसा क्या है मछली पालन के व्यापार में क्या फायदा है? मछली पालन के व्यवसाय करने से ,और ऐसे कई बाते जो लोगो के दिमाग में आ रही होंगी जो लोग पहली बार इस व्यवसाय को कर रहे होंगे या ऐसे वे लोग जिनको कोई आईडिया नही होगा मछली पालन के व्यापार का तो आपको ये बताना चाहते है की

मछली पालन का व्यवसाय भारत में जितने प्रतिशत में हो रहा है उससे कई ज्यादा प्रतिशत में दुसरे देशों में भी हो रहा है,मछली से मिलने वाले एनर्जी पौष्टिक आहार जिससे हमारे शरीर और रोगों में दवा के रूप में आने वाले कई फायेदे है इससे मछली का मांग दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है आज –कल तो लोग अपने यहाँ पे ही तालब या छोटे –छोटे फार्म बनाकर ही इस व्यवसाय को बढ़ावा दे रहे है,और ज्यादा से ज्यादा फायदा कमा रहे है

यहाँ तक की मछलियों के भी कई प्रजातियां होती है,जिसके हर प्रजाति का कोई न कोई अपना ही कुछ विशेष गुण होता है ये अपने विशेष गुण के चलते बाज़ार में जादा ही प्रचलित होते है लोग इनकी मांग जादा करते है ये सभी फायदे मछली पालन के व्यवसाय को बहुत फायदे में लेकर जाता है

किस प्रजातियां ( नस्ल ) की मछलियों को पाले

अगर आप मछली पालन में घुस रहे है और आपको ज्यादा जानकारी नहीं है की  किस नस्ल की मछलियों को पालना चाहिए तो हम आपको बताते है आपको शुरुआत में टूना ,सिल्वर क्रॉप , रोहू , कॉमन क्रॉप आदि मछलियां पालनी चाहिए।

इनकी डिमांड हमेशा ही मार्किट में बनी रहती है आप मछलियों को पालने के लिए मत्स्य पालन विभाग से मछली प्राप्त कर सकते है। यह ज्यादातर शहरों में मत्स्य पालकों की मदद के लिए उपलब्ध है। यहाँ पर जाकर आप मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़ी और भी जानकारी पा सकते है।

मछली पालन के लिए मछलियों के प्रमुख प्रजातियां भारत में पाई जाने वाली यहाँ से पढ़े

मछलियों के प्रजातियों का चयन करने से पहले इन बातो का धयान दे

1) तालाब के माहौल में ढलने की छमता – हमलोग ने जो तालाब बना रखा है मछली पालन के लिए वो तालाब कैसा है उसमे बारो महीना पानी रहता है यह सिर्फ बारिश के मौसम में पानी रहता है इस प्रस्थिति को हमें धयान में रखना होगा

2) तेज़ी से बढ़ने की छमता – हमें यह भी ध्यान रखना होगा अगर हम व्यावासिक रूप से मछली पालन कर रहे है जिस मछली की प्रजाति को हम पल रहे है उसकी बढ़ने की छमता अच्छी होनी चाहिए अगर मछलियां की growth अच्छी नहीं होगी तो हमें मछली पालन में ज्यादा फ़ायदा नहीं हो पायेगा और अगर तालाब मौसमी है सिर्फ बारिश के टाइम में ही तालाब में पानी रहता है 12 महीना नहीं रह पाता तो हमें मछली की growth में ज्यादा ध्यान देना होगा हमें उस मछली की प्रजाति को तालाब में पालन करना होगा जिसकी growth अच्छी हो

3) तालाबों में उपलब्ध खाने को खा सकने की छमता – आम तोर पे जो 12 मिहिनो के जो स्थाई तालाब होते है उनमे सहज रूप में कुछ खाना उपलब्ध रहता है जिन्हे मछलियां कहती है और जिन्दा रहती है मगर कई मछलियों की प्रजाति ऐसे भी होती है जो तालाब में उपलब्ध खाने को नहीं कहती है इन्हे अलग से खाना देना पड़ता है इन् बातो का भी हमें धयान रखना पड़ता है

4) जल्दी बीमार न पड़ने की छमता – जिस माहौल में हम मछली को पाल रहे है उस माहौल में ढलने की छमता होनी चाहिए इस लिए ऐसी मछली का चुनाव करे जो सब वातावरण में आसानी से ढल सके और हमें ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके

5) बाजार में मांग और दाम – यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है आखिर हम मछली पालन कर क्यों रहे है व्यापार के लिए और मुनाफे के लिए अगर हम जिस मछली की पालन कर रहे है और उस मछली की बाजार में मांग नहीं है तो हमें उस मछली को पालने का कोई फायदा नहीं है हमें उन् मछलियों की पालन करना है जिसकी मांग हमेशा मज़ार में रहती है

मछली के लिए आहार कैसे तैयार करें

गोबर कर छिरकाव करना – अगर जिस तालाब में आप मछली पालन कर रहे है उसमे 1 महीना पहले से ही गोबर का छिरकाव करदे तो जब हम बीज डालेंगे तो उनके लिए वह भरपूर खाना पहले से ही उपलब्ध रहती है 1 हेक्टर में आप 1000 किलो गोबर का छिरकाव कर सकते है

चोकर – मछलिओं को चोकर देना भी बहुत अच्छा होता है जब हम तालाब में बीज डालते है मछलिओं के बच्चो के मुँह के आकर बहुत छोटे होते और वह चोकर आसानी से खा सकते है और पाचा भी लेती है

पानी में रहने वाली बत्तख – हमलोग पानी में रहने वाली बत्तख भी पाल सकते है क्युकी बत्तख का जो बीट रहता है उसे मछलियां खाती है और यह भी देखा गया है जिस तालाब में बत्तख रहते है उस तालाब की मछलियों का वजन बहुत ही तेज़ी से बढ़ जाता है यह एक बहुत ही अच्छा विचार है अगर आप मछली पालन कर रहे है तो साथ में बत्तख भी पाल सकते है इसमें आपको दूगनाह मुनाफा होगा

कई व्यापारी तो मछलियों को आटा भी दिया करते है इसके छोटे-छोटे टुकड़े बना कर मछलियों को दाने के रूप में दिया करते है ऐसे कई आहार ऐसे भी जिसे हम मछलियों को प्रदान कर सकते है,जैसे जमीन से निकलने वाले केंचुए भी मछलियों को दिए जाते है इनसे मछलियों में विकास जल्दी होता है |

मछली संचयन आप अप्रैल से जून तक कर सकते है मछली संचयन के समाये में मछली का वजन 40 से 50 ग्राम और इनकी लम्बाईए 35 से 40 सेंटीमीटर होना चाहिए

मछलियां दाना कितना खाती है

जब मछलियां छोटी रहती है तो वह अपना वजन का सिर्फ 5% ही दाना खा सकती है और जैसे जैसे मछली बढ़ने लगती है और बड़ी हो जाती है तो जो उनका खाना होता है प्रतिशत में घाट जाता है वो अपने वजन का 4% ही खाना खा सकती है

मछलियों को आहार कितना दे

जो लोग मछली पालन करना चाहते है उन्हें यह दिक्कत भी आता है की मछलियों को आहार कितना दे तो आज मैं आपको बताने वाला हूँ की प्रति हेक्टर कितन आप आहार मछलियों को दे सकते है

पहला 3 महीना में आपको 3 किलो दाना देना है
दूसरे 3 महीना में 8 किलो दाना देना होगा
तीसरे 3 महीने में 16 किलो दाना देना होगा 
चौथी 3 महीना में 24 किलो दाना देना होगा

मछली को कब बाहर निकाले

मछली को बाहर तभी निकाला जाना चाहिए जब वह 1 से 1.5 किलो की हो जाए।क्योंकि अगर मछली का वजन इससे कम हुआ तो आपका नुक्सान होगा। इसलिए मछलीके इतना बड़े होने तक इंतज़ार करें।

आमतौर पर मछली 10 से 12 महीनो में इतने वजन की हो जाती है इसके बाद बाहर जाकर बेचने के लिए भी तैयार होती है पर मछली को बेचने के लिए उसको पानी से सही से निकालना भी होगा। तो मछली को पानी से बाहर निकालने के लिए जाल का इस्तेमाल कर सकते है।

एक एक करके मछली को पकड़ने में काफी समय लगेगा इसलिए मछली के बीज जो आपने अपने नजदीकी मतस्य विभाग से लिए उनको पानी में 1 साल तक डालने के बाद जाल की मदद से मछली को पानी से बाहर निकाले।इसके साथ ही मछली को जल्दी ही बाजार तक पहुंचाए। क्योंकि ज्यादा समय तक खुली जगह में रहने के कारण मछली खराब हो जाती है।

मछली पालन में मुनाफा और लागत

मछली पालन में लागत आपकी जरुरत के हिसाब से हो सकती है। इसकी लागत मछलियों की संख्या और उनके रहने की जगह में लगे पैसे को जोड़कर 3 से 4 लाख तक हो सकती है। इसके बाद आपको मुनाफा होने में भी 1 साल तक का इंतज़ार करना पड़ेगा। इस बीच मछलियों पर लगभग 1 लाख तक का खर्च और आ जायेगा।

इसलिए 4 से 5 लाख निवेश आप शुरुआत में मानकर चलें। दोस्तों अगर हम मछलियों से होने वाले मुनाफे की बात करे तो हम इसे ऐसे भी समझ सकते है अगर हम जमीन और मछलियों के 5000 बीज में 5 लाख का 25 प्रतिशत भी खर्च करते है और मछलियों को बड़ा होने के लिए तालाब और टैंक में रख देते है

और उन मछलियों को तब निकालते जब उनका वजन लगभग 1 किलो के बराबर हो गया हो और हम हर मछली को लगभग 100 से 150 रुपय पर भी बेचते है, तो आप सोच सकते की कितना का मुनाफा हुआ है तो हम देख सकते है मछली के व्यवसाय में हमे कितना का फायदा हो सकता है |

मतस्य पालन में मुनाफा काफी अधिक है इसमें आप हर साल 4-5 लाख रुपये आसानी से कमा सकते है आप जितनी ज्यादा मछलियों को पालेंगे उतना ही ज्यादा पैसा कमाएंगे। अच्छी नस्ल और अच्छी मछलियां आपको बिजनेस में आगे पहुंचाने में काफी मददगार साबित हो सकती है इसलिए मछली को अच्छा खाना, साफ़ पानी दे।

मछलियों का मार्केटिंग कैसे करे

ऐसे तो भारत के हर शहर में मछलियों को बेचने के लिए एक हाट लगता है जहाँ पर सिर्फ मछलियों की ही मंडी लगती है और गाँव या उनके छोटे बाज़ार में आप खुद भी मछलियों को ले जाकर बेच सकते और बढ़िया पैसा कमा सकते है गाँव के बाजार में मछलियों का अच्छा व्यवसाय होता है मछलियों के कई बड़े फार्म तो सादी या बड़े पार्टी में भी मछलियों का सप्लाई देते है और अच्छा मुनाफा कमाते है|

मछली पालन का व्यापार घर पर कैसे शुरू करे

मछली पालन का व्यवसाय को घर पर शुरू करने के लिए ज्यादा कुछ नही करना होता है, न ही ज्यादा का लागत लगता है | घर पर इस बिजनेस को शुरू करने के लिए टैंक की जरूरत होती है जिसमे हम मछलियों को रख सके | बाज़ार में मिलने वाले टब का भी इस्तेमाल कर सकते है |मगर इनमे रहने वाले पानी को हफ्ते में हमेशा साफ करना पड़ता है ताकि मछली का गंध फैले नही|

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