साबुन बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें | Soap Making Business in Hindi

Soap Making Business in Hindi – दोस्तों ! कई बार ऐसा होता है कि कुछ बिजनेस ऐसे होते हैं जिनके स्टार्टअप में लागत काफी कम लगती है और वह बिजनेस काफी साधारण सा होता है लेकिन उसकी कमाई लाखों तक होती है। जैसा कि आप जानते ही हैं हम आपके लिए काफी कम लागत में शुरू होने वाले बिजनेस से जुड़ी जानकारियां लेकर आते हैं।

इस बार फिर से हम हाजिर हुए हैं एक ऐसे बिजनेस की जानकारी लेकर, जो आपके लिए मददगार साबित होगी। तो बिना देर किए हम आपको बता दें कि जिस बिजनेस से जुड़ी जानकारियां हम देने वाले हैं, वह है साबुन का बिजनेस। जी हां दोस्तों यहां हम आपको साबुन बनाने का बिजनेस के बारे में बताने वाले हैं और इसकी लागत से लेकर पैकेजिंग एवं मार्केटिंग तक की संपूर्ण जानकारी आपको उपलब्ध करवाएंगे।

साबुन का प्रयोग दैनिक जीवन में रोज किया जाता है। मार्केट में कई प्रकार की साबुन मिलते हैं। साबुन का प्रयोग बर्तन धोने, कपड़ा धोने एवं नहाने आदि में किया जाता है। अलग-अलग कपड़ों के लिए अलग-अलग साबुन का प्रयोग किया जाता है। यदि आप साबुन बनाने का बिजनेस करने का सोच रहे हैं तो इससे अच्छा आईडिया कुछ हो ही नहीं सकता। साबुन एक ऐसी चीज है जिसका प्रयोग हर एक इंसान करता है। इसके बिजनेस को शुरू करने के लिए किन किन बातों को ध्यान रखना चाहिए इसका विवरण निम्नलिखित है –

Table of Contents

साबुन बनाने के बिजनेस क्या होता है

साबुन को बनाकर उन्हें ऑफलाइन या ऑनलाइन मार्किट में बेचकर मुनाफा प्राप्त करने को साबुन बनाने का बिज़नेस कहते है, इसमें हर महीने रॉ मटेरिअल खरीद कर साबुन तैयार किया जाता है। साबुन की अलग अलग क्वालिटी के आधार पर आज इनका मार्किट में मांग बहुत ज्यादा है, क्योंकि घरेलू कामो में बर्तन, कपड़े, व नहाने सभी मे साबुन का इस्तेमाल किया जाता है, और इसकी मांग ही इस बिज़नेस को मार्किट में जगह दिलाता है।

साबुन कितने प्रकार के होते है

साबुन मुख्यतः कार्य को देखते हुए 3 प्रकार के होते है-

  • नहाने के साबुन (Bath soap)
  • कपड़े धोने के साबुन (Cloths soap)
  • बर्तन धोने का साबुन (dish wash soap)

यह भी पढ़े : जूते बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें?

साबुन बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? How to Start Soap Making Business in Hindi

साबुन बनाने के बिजनेस को शुरू करने के लिए कुछ जरूरी क्रम को अपना ये बिजनेस शुरू कर सकते है-

  • साबुन बनाने के बिजनेस के लिए उपयुक्त जगह को तय करे
  • साबुन बनाने के इस मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस में जरूरी लाइसेंस बनवाये
  • डिस्ट्रीब्यूटरशिप या डीलरशिप भी ले सकते है
  • बिजनेस को ब्रांड देना
  • मशीनों की खरीद व अन्य जरूरी चीज़ों का सेटअप करना
  • मार्केटिंग स्ट्रेटेजी अपनाकर बिजनेस को मार्किट में पहचान दिलाने
  • बिजनेस के लिए वर्कर रखना
  • रॉ मटेरियल को खरीदना
  • साबुन को व्होलेसेलर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचना
  • ग्राहको द्वारा मुनाफा कमाना

साबुन बनाने के बिजनेस में रॉ मटेरियल कौन से लगते है

साबुन कई प्रकार के बनाए जाते हैं जैसे हर्बल साबुन, खुशबूदार साबुन, नेचुरल साबुन, औषधीय साबुन आदि जैसे एक और अन्य साबुन भी बनाए जाते हैं जिसके लिए विभिन्न विभिन्न पसंद के कच्चे मालों की आवश्यकता होती है। विभिन्न प्रकार के साबुन को बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के कच्चे माल की जरूरत होती है जैसे नारियल का तेल ,जैतून का तेल, सोप नूडल्स, पोटेशियम हाइड्रोक्साइड , सोडियम हाइड्रोक्साइड, बिनौले का तेल, ताड़ का तेल, स्किन को फ्रेंडली बनाने के लिए शहद, एलोवेरा, समुद्री शैवाल, जौ का आटा, रंगीन साबुन बनाने वाला रंग, साबुन को खुशबूदार बनाने के लिए परफ्यूम आदि जैसे कच्चे मालों की आवश्यकता होती है।

साबुन बनाने के बिजनेस में मुख्य रॉ मटेरियल इस्तेमाल किये जाते है, जो है-

  • China clay
  • Calcite
  • Soda ash
  • Slurry (labsa)
  • Dolomite (marble powder)
  • Alpha olefin sulphonate
  • Sodium silicate
  • Polymer
  • Fragrance

ये सभी रॉ मटेरियल एक डिश बार बनाने में इस्तेमाल किये जाते है, इसके अलावा भी अलग अलग साबुन में अलग अलग कुछ मटेरियल इस्तेमाल किये जाते है।

जैसे नहाने के साबुन मे मुख्य-

Soap noddle

Soap stone powder

Perfume

Soap colour

व अन्य ऐसे ही मुख्य रॉ मटेरियल इस्तेमाल किये जाते है।

साबुन बनाने के बिजनेस में कौन सी मशीन लगती है

साबुन बनाने के बिजनेस में मुख्य मशीनों के नाम है-

  • Mixing machine
  • Miller machine
  • Extruder machine
  • Extruding dies
  • Cutting machine
  • Stamping machine
  • Packing machine
मशीन कार्य
Mixture machine रॉ मटेरियल को मिक्स करने के लिए
Extruder machine Mixture को shape  देने के लिए इस्तेमाल करना
Cutting machine Soap को कट करने में इस्तेमाल करना
Stamping machine व stamp Soap पर अपने ब्रांड को stamp करने के लिए
Extruder dies Extruder machine में अलग अलग shape देने में इस्तेमाल

इन मशीनों के अतिरिक्त भी कुछ अन्य मशीन बड़े उद्योगो में लगाये जाते है।

Miller machine

Packaging machine

इन मशीनों के अलावा सेमी ऑटोमैटिक व ऑटोमैटिक मशीन का आज वर्तमान में इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी मशीने soap बनाने में इस्तेमाल की जाती है।

यह भी पढ़े : अगरबत्ती बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें?

साबुन को बनाने का तरीका (processing of soap making in Hindi) 

साबुन बनाने के लिए जिन प्रक्रिया से होकर जाना पड़ता है वह निम्नलिखित है –

• सबसे पहले 50 किलोग्राम सोप नूडल्स को Mixture machine में डालकर नूडल्स को टूटने तक मिक्सर में ही छोड़ दें।
• इससे कुछ समय के बाद इसमें स्टोन पाउडर डालें , 50 किलोग्राम नूडल्स में लगभग 2 किलोग्राम स्टोन की आवश्यकता होती है।
• इसके बाद रंग और परफ्यूम मिलाया जाता है।
• इसके बाद इस मिश्रण को मिलर मशीन में डालकर छोड़ दें।
• फिर इस मिश्रण को पूरी तरह से साबुन का रूप देने के लिए उसे सो प्रिंटिंग मशीन में डाला जाता है।

साबुन की पैकेजिंग (packaging) 

साबुन की पैकेजिंग के लिए आप अपने ब्रैंड का नाम खुद रख सकते हैं। आपको उसी नाम के बने कागज में अपने प्रोडक्ट को पैक करना है और साथ ही इस चीज का ध्यान रखना है कि ज्यादा साबुन के संपर्क में आने से आपके हाथ की स्किन खराब हो सकती है इसलिए पैकेजिंग के समय आप दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल करें।

साबुन बनाने के बिजनेस में कौन से registration व लाइसेंस लगते है

साबुन का बिजनेस एक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस है, इसमें इसके अनुसार ही लाइसेंस लगते है।

ये लाइसेंस निम्न है-

  • Land use लाइसेंस (land proof के लिए)
  • Nigam लाइसेंस (उद्योग के लिए जरूरी)
  • Environment consent लाइसेंस (Chemical के इस्तेमाल के कारण)
  • Udhyog लाइसेंस (मान्य उद्योग को बनाने के लिए)
  • Commercial बिजली कनेक्शन (मशीनों को चलाने में कम बिजली खपत के लिए)

ये सभी कुछ मुख्य ragistration व लाइसेंस साबुन बनाने के बिजनेस में आवश्यक होते है, जिसके द्वारा कोई भी व्यक्ति साबुन बनाने के बिजनेस कर सकता है।

साबुन बनाने के बिजनेस में कितना लागत लगती है

साबुन बनाने के बिजनेस में मुख्य लागत मशीनों, सेटअप,मार्केटिंग कमर्शियल बिजली कनेक्शन (एक बार लागत) , रॉ मटेरियल, वर्कर पेमेंट, (बार बार लागत) लगते है।

 लागत-

  • Extruder dies- 5000/dies
  • Mixture machine- 2,60,000
  • Extruder- 1,60,000
  • Cutting machine- 12000
  • रॉ मटेरियल- 3000 से 10000 शुरू में
  • वर्कर पेमेंट- 5000 से 10000/वर्कर
  • सेटअप में -10000

अतः साबुन बनाने के बिजनेस में कुल लागत आपकी की कुल क्षमता और उसके योजना पर निर्भर करती है। यदि कोई छोटे स्तर पर अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है तो वह कम से कम लागत 2 से 3 लाख लगाकर कम से कम साधनों का इस्तेमाल करके अपना बिजनेस शुरू कर सकता है। यदि कोई बड़े स्तर पर साबुन बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहता है तो सारे मशीनों , कच्चे मालों , कुशल श्रमिकों आदि और अन्य चीजों को मिलाकर 5 से 7 लाख के अंदर अपना बिजनेस शुरू कर सकता है व बिजनेस सफल होने पर ये लागत और बढ़ती रहती है।

यह भी पढ़े : नूडल्स बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें?

साबुन बनाने का बिजनेस में मुनाफा कितना होता है?

साबुन बनाने के बिजनेस में मुनाफा के आधार है-

  • क्वालिटी
  • प्रोडक्शन
  • मार्केटिंग

इन तीनो के आधार पर ही इस बिजनेस में मुनाफा होता है, जितना अच्छी क्वालिटी, और जितना ज्यादा साबुन बनाया जाएगा एक दिन में उसमें मुनाफा भी उतना ही अच्छा और ज्यादा होगा। साबुन बनाने का बिजनेस में शुरुआती दौर में लगभग मुनाफा 15 से 25 % तक तो आसानी से हो सकता है। और मार्किट में पकड़ व पहचान से ये मुनाफा बढ़ता जाता है।

इस प्रकार साबुन बनाने का बिजनेस में सही मार्किट की जानकारी व शुरू में कुछ आकर्षक ऑफर देकर, इसको कोई भी व्यक्ति शुरू करके अच्छा मुनाफा कमा सकता है, व अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है।

साबुन बनाने का बिजनेस के लिए मार्केटिंग (marketing)

आज के समय में यदि कोई भी प्रोडक्ट की सेल करनी है तो उस प्रोडक्ट की मार्केटिंग बहुत जरूरी होती है क्योंकि यदि उस प्रोडक्ट के बारे में कस्टमर को कुछ पता ही नहीं होगा तो कोई कस्टमर उस प्रोडक्ट को खरीदेगा कैसे। इसलिए किसी भी बिजनेस की शुरुआत के लिए उस प्रोडक्ट की मार्केटिंग बहुत जरूरी होती है।

इसलिए तैयार माल की मार्केटिंग के लिए बड़े-बड़े किराने की स्टोर संपर्क रखना जरूरी है क्योंकि यहीं से छोटे छोटे दुकानदार साबुन खरीद कर बेचते हैं। किसी भी प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए उस पर आकर्षित होने के लिए कुछ अच्छे ऑफिस की भी जरूरत होती है जिससे कस्टमर उस प्रोडक्ट को और अधिक खरीदे।

चाहें तो आप अपने साबुन के बिजनेस को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी ले जाकर उसे सेल कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऑनलाइन मार्केटिंग भी करनी चाहिए, जिससे आपकी कमाई और लोकप्रियता भी दुगूनी हो जाए। इतना ही नहीं आप अपने शहर में पोस्टर के माध्यम से भी लोगों को बता कर साबुन बिजनेस की मार्केटिंग कर सकते हैं। खासकर आपको ऐसे स्थानों पर अपनी पोस्टर लगाने चाहिए जहां सार्वजनिक रूप से पब्लिक का जमाव रहता है।

बेस्ट soap brand जो इंडिया में सबसे ज्यादा बेचे जाते है

साबुन के फेमस ब्रांड जो इंडिया में लोकप्रिय है-

  • Dove cream beauty bathing brand
  • LUX by HUL
  • Dettol soap
  • Lifebuoy soap by HUL
  • Santoor
  • Cinthol by godrej
  • Pears pure and gentle soap
  • Himalaya herbal
  • Vivels
  • Boutique

ये सभी कुछ फेमस soap brand है, जो इंडिया में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है।

साबुन बनाने का बिजनेस में सफलता के टिप्स क्या है

साबुन बनाने का बिजनेस में सफलता के टिप्स मुख्यतः निम्न है, जिन्हें अपनाकर आप इस बिजनेस में आगे बढ़ सकते है-

  • मार्केट से अन्य विक्रेताओं के कमी व बेस्ट पार्ट को समझे
  • मार्केट प्राइस की सही समझ लेना जरूरी है
  • साबुन की क्वालिटी को उत्तम रख्खे जिससे ज्यादा से ज्यादा ग्राहको को आकर्षित किया जा सके।
  • आकर्षक पैकिंग, colour  अपने साबुन को दे, जिससे ये लोगो को अपनी ओर खींच सके।
  • साबुन पर अपने ब्रांड की stamping जरूर करवाये, जिससे आपका ब्रांड मार्किट में पहचान बना सके, और लोगो का विश्वास जीत सके।
  • मार्केटिंग स्ट्रेटेजी जरूर लगाएं, मार्केटिंग करने में बचत न करे, बिजनेस की सफलता का मुख्य आधार मार्केटिंग है, इसके लिए सोशल वेबसाइट पर ऐड देकर, बैनर, पोस्टर, बिज़नेस कार्ड, पेपर में बिज़नेस ऐड देकर, मीडिया की मदद लेकर जितना कर सकते है करे, जितनी अच्छी मार्केटिंग उतना अच्छा बिज़नेस।

इस प्रकार सही सूझ बूझ, स्किल, व अच्छा प्रोडक्शन करके इस सबुनि बनाने के बिजनेस में अच्छी सफलता मिल सकती है, जिसके फलस्वरूप आप इस बिज़नेस को बड़े पैमाने बढाकर और सफल व मुनाफा कमा सकते है।

यह भी पढ़े : पेन बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें?

निष्कर्ष

दोस्तों ! हम आशा करते हैं कि हमारे इस पोस्ट में आपको आपकी सारी जानकारियां मिल गई होंगी कि साबुन बनाने का बिजनेस (Soap Making Business in Hindi) को स्टार्ट करने के लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है। यदि हमारा यह पोस्ट आपको अच्छा लगा हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों में शेयर करें ताकि उन्हें भी इस बिजनेस की जानकारी मिल सके। साबुन बनाने का बिजनेस कम लागत में शुरू होने वाले बिजनेस में से एक है और यदि आप चाहें तो यह बिजनेस एक ग्रुप में या अपने दोस्तों के साथ भी शुरू किया जा सकता है।

FAQ:

साबुन बनाने के बिजनेस में कितने वर्कर लगते है?

साबुन बनाने के बिज़नेस में 2 से 3 वर्कर में आसानी से शुरुआत में बिज़नेस कर सकते है।

साबुन बनाने के बिजनेस में जगह कितनी होनी चाहिए?

साबुन बनाने के बिज़नेस में कम से कम 1000 स्क्वायर फिट जगह जरूरी है, जहा सभी सेटअप आसानी से किया जा सके।

साबुन बनाने के बिजनेस में मशीनों को चलाने में लगभग कितना बिजली की आवश्यकता होती है?

साबुन बनाने के बिजनेस में लगभग 3KW पावर की आवश्यकता होती है।

साबुन बनाने वाली मशीन की कीमत क्या है?

साबुन बनाने में अलग अलग मशीन का इस्तेमाल होता है और सभी मशीन की कीमत भी अलग होती है

साबुन बनाने में क्या क्या लगता है?

साबुन बनाने में लगने वाली रॉ मैटेरियल्स – सोप नूडल्स, स्टोन पाउडर, रंग, परफ्यूम

नहाने के साबुन में क्या क्या मिलाया जाता है?

नहाने का साबुन बनाने के लिए यह सब चीजें मिलाई जाती है मैदा, ग्लिसरीन, कास्टिक सोडा, कास्टिक पोटाश, तेल, फैट, रंग

साबुन बनाने का रॉ मटेरियल कहां मिलेगा?

साबुन बनाने का रॉ मटेरियल आप ऑनलाइन indiamart से परचेस कर सकते है

साबुन बनाने के बिजनेस में साबुनीकरण क्रिया में क्या क्या बनता है?

साबुन बनाने के बिजनेस की साबुनीकरण क्रिया में soap product व ग्लिसरॉल बनता है।

साबुन बनाने के बिजनेस में पॉलीमर का क्या काम है?

साबुन बनाने के बिजनेस में पॉलीमर का कार्य-

  • साबुन को binding में मदद
  • मेल्टिंग को कंट्रोल करने 
  • बर्तन से उसके मटेरियल की तह जो बर्तन धुलने पर रह जाती है, उसको साफ करने के लिए हिया जाता है।

साबुन बनाने में नहाने के मुख्यतः सबसे जरूरी क्या है?

नहाने के साबुन बनाने में महत्वपूर्ण मटेरियल soap noodle है, जो एक बेस का काम करता है।

अन्य पढ़े :

घर बैठे पापड़ बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

गुड़ (Jaggery) बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

दोना पत्तल (Paper Plate) बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करे

3 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *