12 वीं कॉमर्स के बाद छात्र के लिए क्या-क्या विकल्प है | 12th commerce Student Career Scope

12 वीं कॉमर्स के बाद छात्र क्या करे पूरी जानकारी | Best Carrier Option After 12th Commerce 

कक्षा 10 के बाद अधिकतर छात्र इसी सोच में रहते है की ग्यारवी में क्या स्ट्रीम ले विज्ञान/वाणिज्य/कला? विज्ञान विषय थोड़ा कठिन माना जाता है लेकिन विज्ञान की फील्ड में कई उज्जवल भविष्य के रास्ते है इसलिए बच्चे विज्ञान विषय की तरफ ज्यादा जाते है। लेकिन ऐसा नहीं है समय के साथ सभी फ़ील्ड्स में नए नए विकल्प आते जा रहे है। परन्तु अपनी मनपसंद मंजिल को पाने के लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, दिन रात एक करके पढ़ते है तब कही जाकर अच्छे भविष्य की कल्पना की जा सकती है

ज्यादातर छात्रों को समझ नहीं आता है की 12वीं के बाद क्या करें? किस लाइन को चुने? किस्मे ज्यादा ग्रोथ है?

खासकर कॉमर्स के छात्रों को चुनाव करने में मुश्किल आती है की 12वीं कॉमर्स के बाद क्या चुने? क्युकि बहुत सारे विकल्प उपलब्ध है पर उनमे से बेहतर कौन सा रहेगा इसका चुनाव करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है I समाज में ऐसा माना जाता है की कॉमर्स वालो के लिए विकल्प कम होते है जबकि ऐसा नहीं है। हर स्ट्रीम की तरह कॉमर्स में भी बहुत से विकल्प उपलब्ध है। आज हम आपको 12वीं कॉमर्स करने के बाद क्या-क्या विकल्प है इस बारे में बताएँगे जो आपकी काफी मदद करेगा।

B.Com. (Bachlor of Commerce):

12वीं के बाद B.Com. एक बेहतर विकल्प है। कक्षा 11वी और 12वी में दिए गए विषयों का अग्ला पायदान हमें स्नातक की पढ़ाई के जरिए देखने को मिलता है। जहां 11वी और 12वी में basic knowledge दिया जाता है, वहीं B.com में उन्हें advanced knowledge मिलता है। और वाणिज्य के क्षेत्र को और अच्छी तरह से जानने का उन्हें मौका मिलता है। इसमें ही B.Com के साथ ही B.Com (Hons.) की degree भी उतनी ही महत्वूर्ण पर्याय साबित हो सकती है।

यह 3 साल का कोर्स है इसे बैचलर डिग्री प्रोग्राम भी कहते है। अगर आप आगे चल कर किसी बिज़नेस को करते है तो इससे आपको बिज़नेस प्लानिंग, एकाउंटिंग आदि में मदद मिलेगी और अगर आप नौकरी करना चाहते है तो आप अकाउंटेंट की जॉब कर सकते है।

B.Com. के बाद अगर आप M.Com. कर लेते है तो ये मास्टर की डिग्री होती है और इससे आपको बिज़नेस या जॉब दोनों में बहुत मदद मिलेगी और आपकी वैल्यू भी बढ़ जाती है।

B.Com. भी कई तरह के होते है।
Normal B.Com.
B.Com. (Account and Finance)
B.Com. (Banking and Insurance)

BBA (Bachelor of Business Administration):

B.Com. की तरह BBA का भी कोर्स 12वीं के बाद होता है। जैसे वाणिज्य क्षेत्र में मास्टर्स पास करने पर MBA का पर्याय होता है वैसे ही 12वी के बाद BBA का भी पर्याय सोचा जा सकता है। यह 3 साल की अंडर ग्रेजुएट डिग्री है। व्यवसाय से जुड़ी हुई सभी नियम-कानूनों, बारीकियों और दांवपेचों को यहां बेहतर तरीके से और basic level से सिखाया जाता है। और आमतौर पर 12वी उत्तीर्ण होने के बाद वाणिज्य के ज्यादातर छात्रों का रुझान BBA की तरफ होता है। जिसे वह MBA का पहला पायदान मानते हैं। और BBA करने के बाद उन्हें MBA करने में आसानी होती है। इससे आपकी बैंक में भी नौकरी लग सकती है तथा प्राइवेट सेक्टर में भी MBA कर के काफी स्कोप है।

BHM (Bachelor in Hotel Management):

अगर आप होटल मैनेजमेंट में अपना भविष्य बनाना चाहते है तो आप BHM का 4 साल का कोर्स कर सकते है। इस से आप हॉस्पिटैलिटी के छेत्र में अपना एक अच्छा भविष्य बना सकते है।

होटल प्रबंधन पाठ्यक्रम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है। आने वाले भविष्य में इसमें काफी अच्छा ग्रोथ है इसलिए १२वीं के बाद छात्र इस पाठ्यक्रम को काफी पसंद करते है। इसमें छात्रों को होटल, आतिथ्य, और खानपान उद्योग के कार्य पैटर्न, तकनीकों, चुनौतियों और पूरे परिदृश्य के बारे में शिक्षित किया जाता है। यह एक राष्ट्रीय स्तर की संयुक्त प्रवेश परीक्षा है। होटल प्रबंधन के लिए 12 वीं में कोई विशेष स्ट्रीम की आवश्यकता नहीं हैं। किसी भी स्ट्रीम का छात्र इस कोर्स को कर सकता है।

BCA (Bachelor in Computer Application):

यह एक ऐसा कोर्स है जिसे साइंस स्ट्रीम के बच्चो के साथ साथ कॉमर्स स्ट्रीम के बच्चे भी कर सकते है। यह भी 3 साल का अंडर ग्रेजुएट कोर्स है। यह कंप्यूटर से सम्बंधित कोर्स है।इस कोर्स को करने के बाद आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की फील्ड में जॉब कर सकते है। BCA करने के बाद आप किसी भी IT कंपनी में नौकरी कर सकते है।

CA (Chartered Accountant):

यह भी एक बेहतरीन क्षेत्र है जिसे कॉमर्स के क्षेत्र में सबसे ज्यादा आय मिलने वाले क्षेत्र से जाना जाता है। भले ही यह कोर्स B.Com के मुकाबले ज्यादा मुश्किल साबित होता है लेकिन इसमें मिलने वाली आय और सम्मान बहुत बड़ा होता है।

ज्यादातर छात्र 12वीं कॉमर्स के बाद C A को ही चुनते है। यह सबसे लोकप्रिय कोर्स है कॉमर्स के छात्रों के बीच। इसकी तैयारी 12वीं के बाद ही शुरू हो जाती है। C.A की परीक्षा देने के लिए छात्रों को The Institute of Chartered Accountants of India की चार अलग अलग परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। और उसमे उत्तीर्ण होने पर C.A की डिग्री मिलती है। और उन्हें ICAI (Institute of Chartered Accountants of India) के सदस्य के तौर पर मान्यता मिलती है

इसकी शुरुआत पहले CPT(Common Proficiency Test) से होती है जिसको पास करने के बाद आपको information technology ट्रेनिंग के अंडर में सौ घंटे की ट्रेनिंग करनी होती है। उसके बाद अर्तिक्लेङ असिस्टेंट और ऑडिड असिस्टेंट के रूप में 18 महीने तक काम करना होता है। फिर आपको PCE का एग्जाम देना पड़ता है। और फिर इसके बाद एक और एग्जाम फिर आप CA बन जाते है।

इसमें वाणिज्य क्षेत्र से जुड़े सभी अंग जैसे advanced accounting, audit and insurance, Corporate and other Laws जैसे कई विषयों का गहन अध्ययन करना पड़ता है इसलिए यह कोर्स स्नातक के मुकाबले बहुत मुश्किल होता है। यह कैरियर के तौर पर एक बेहतर opportunity हो सकती है। CA में काफी अच्छा भविष्य है और कमाई भी काफी अच्छी होती है। जैसे जैसे आपकी प्रैक्टिस और एक्सपीरियंस बढ़ता जायेगा वैसे वैसे आपकी इनकम भी बढ़ती जाएगी।

ICSI (Institute of Company Secretaries of India:

CS मतलब कंपनी सेक्रेटरी। इसे भी प्राइवेट कंपनीज में चार्टर्ड एकाउंटेंट के जैसा ही एक सम्माननीय पद माना जाता है। हर कंपनी को अपना काम बेहतर ढंग से करने के लिए एक कंपनी सेक्रेटरी की जरूरत होती है। जो अपने योगदान से कंपनी को नई बुलंदियों तक ले जाने में मदद करता है। Company secretary बनने के लिए छात्रों को company secretary course करना जरूरी है जिसे ICSE (Institute of Company Secretaries of India) लोगों तक पोहुचाती है।

12वीं के बाद कॉमर्स के छात्रों के लिए यह भी एक बेहतर कोर्स है। यह तीन चरणों में होता है। शुरुआत के महीनो में 8 महीने का फाउंडेशन कोर्स करना होता है। अगर आप ग्रेजुएट है तो आपको यह फाउंडेशन कोर्स नहीं करना पड़ता है। दूसरा चरण होता है एग्जीक्यूटिव। और तीसरा और आखिरी चरण होता है प्रोफेशनल। इसके बाद छात्र को 16 महीने तक किसी अनुभवी सेक्रेटरी के साथ काम करना होता है। और इसके बाद वह खुद कंपनी सेक्रेटरी बन जाता है।

Integrated Law Course:

यह पांच वर्ष का कोर्स है जिसमे कॉमर्स और लॉ, दोनों की पढ़ाई होती है। इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम में, छात्र को एक शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत दो पाठ्यक्रमों को पूरा करने का अवसर मिलता है। चूंकि दो पाठ्यक्रम संयुक्त हैं, इसलिए इसे एक इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम कहा जाता है।

इंटीग्रेटेड लॉ पाठ्यक्रम के कुछ उदाहरण:

बी.ए. L.L.B. (बैचलर ऑफ आर्ट्स एंड लॉ प्रोग्राम्स का संयोजन)

बी.कॉम L.L.B. (बैचलर ऑफ कॉमर्स एंड लॉ प्रोग्राम्स का संयोजन)

बी.एससी L.L.B. (B.Sc. और कानून कार्यक्रमों का संयोजन)

Bachelor of Economics:

यह भी बी.कॉम डिग्री की ही तरह है, इसमें आपको अर्थशास्त्र विषय में विशेषज्ञता हासिल करनी होती है। इकोनॉमिक्स से बैचलर बुनियादी और उन्नत अर्थशास्त्र का एक संयोजन है जिसमें अर्थशास्त्र के बेसिक और एडवांस स्तर की पढ़ाई करवाई जाती है।

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स डिग्री के कोर्स की अवधी 3 साल है और सभी बेहतरीन विश्वविद्यालयों में उपलब्ध है। यह आपके लिए एक अर्थशास्त्री बनने का बेहतरीन अवसर है।

Bachelor Of Law (LLB):

यदि आप कानून की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो आप 12 वीं कक्षा के बाद एक इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के साथ इसे चुन सकते है जिसकी अवधी 5 साल की है। आप पढ़ाई पूरी कर के एक योग्य वकील बन सकते है और अभ्यास कर सकते हैं। LLB में, श्रम कानून, औद्योगिक कानून, संपत्ति कानून, बैंकिंग कानून, कंपनी कानून, पर्यावरण कानून, परिवार कानून, मानवाधिकार कानून और बहुत से विषय के बारे में पढ़ाया जाता है। बाद में, आप अपनी पसंद के क्षेत्र में वकील बनने के लिए एक विशेषज्ञता का चयन कर सकते है।

यह भी एक बेहतरीन क्षेत्र है जिसमें छात्रोंकों हमारी न्याय व्यवस्था और संविधान को और करीबी से जानने का मौका मिलता है। और कैरियर के दृष्टिकोण से यह एक बेहतरीन पर्याय हो सकता है। इसमें छात्र अपनी वाककला (speaking skill) का इस्तेमाल करके एक वकील के रूप में अपना यशस्वी करियर बना सकते हैं। इसमें Bar council of India (BCI) छात्रों का मार्गदर्शन करती है और उससे जुड़ी हुई परीक्षाएं लेकर उत्तीर्ण छात्रों को वकील के तौर पे मान्यता देती है।

Journalism & Mass Communication:

पत्रकारिता के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए 12वी कॉमर्स के बाद यह एक अच्छा पर्याय साबित हो सकता है। समाज को नजदीकी से जानने समझने के लिए और अलग अलग मीडिया हाउस में काम करने के लिए यह एक अच्छा कोर्स है। पत्रकारिता की पढ़ाई करके छात्र फ्रीलांसर पत्रकार भी बन सकते हैं या फिर किसी भी अखबार को या समाचार चैनल से जुड़ सकते हैं। कुछ विश्वविद्यालय 3-वर्षीय स्नातक की डिग्री प्रदान करते हैं, जबकि कुछ इंटीग्रेटेड 5-वर्षीय पाठ्यक्रम भी देते है, जिसमें स्नातकोत्तर (मास्टर्स) डिग्री भी शामिल होती है।

पत्रकारिता और जनसंचार का लाभ यह है कि आप विशेषज्ञता चुन सकते हैं और पत्रकारिता, विज्ञापन, जनसंपर्क या फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। लेखन में रूचि रखने वाले और अन्य रचनात्मक कला में रूचि रखने वाले छात्रों के लिए पत्रकारिता और जनसंचार एक उत्तम कोर्स है।

Cost and Management Accountant (CMA) –

CA के तरह ही यह कोर्स The Institute of Cost Accountants of India, द्वारा लिया जाता है। और इसमें भी अलग अलग स्तर की परीक्षाएं होती हैं जिन्हें उत्तीर्ण होने पर अगली परीक्षा देनी पड़ती है। छात्रों को इनमें Laws and ethics, fundamentals of industrial and commercial laws और cost and Management AccountING जैसे विषयों को सीखने और उनमें expert बनने का अवसर मिलता है। CA के जैसे ही यह भी private firms और इंडस्ट्रीज में एक सम्माननीय पद होता है। वाणिज्य के छात्र कक्षा 12वी के बाद इसको भी एक अच्छे करियर के तौर पे चुन सकते हैं।

Certified Financial Planner (CPF) –

जिन छात्रों को वित्तीय योजना (financial planning) जैसे विषयों में बहुत रुचि है, उनके लिए यह एक बेहतरीन कोर्स है जिसमें उन्हें financial planning के साथ साथ taxes, retirement, estate planning और insurance जैसे विषयों को सीखने का मौका मिलता है। Financial Planning Standards Board India (FPSB) द्वारा इसका व्यावसायिक कोर्स छात्रों तक पहुंचाया जाता है।

हिन्दुस्तान में कई नामी कॉलेज हैं जैसे कि दिल्ली का Sri Ram College of Commerce (SRCC), बैंगलोर का St. Joseph’s Commerce College, मुंबई का St. Xavier’s College जहां से छात्र कक्षा १२वी के बाद अपने अपने रुझान के अनुसार विकल्प चुन के कॉमर्स के क्षेत्र में ही अपना करियर बना सकते हैं।

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