इंटीरियर डिजाइनिंग का बिजनेस कैसे शुरू करें | Interior Designer Business Ideas in hindi

अगर आप इंटीरियर डिज़ाइन का बिजनेस कैसे शुरू करें इस बात की पूरी जानकारी खोज रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं क्योंकि आज हम आपको बिल्कुल सरल शब्दों में यह बताएंगे कि आप किस तरह से अपने इंटीरियर डिजाइनिंग का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

इंटीरियर डिज़ाइन –  

आजकल हर व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी को बेहद खूबसूरती के साथ सजाना चाहता है जिसके कारण अब इंटीरियर डिज़ाइन का क्रेज बहुत बढ़ गया है। अगर आप में यह खूबी है कि आप किसी को उनके सपनों का घर बेहद खूबसूरती के साथ सजा कर दे सकते हैं तो यह बिजनेस आपके लिए काफी फायदेमंद होने वाला है।

शिक्षा और अनुभव- 

आप में इंटीरियर डिज़ाइन करने की खूबी है यह तो बहुत अच्छी बात है लेकिन इसके साथ-साथ इंटीरियर डिजाइनिंग में एक अच्छे स्तर की शिक्षा और अनुभव भी बहुत आवश्यक है तभी आप इस बिजनेस में सफल हो पाएंगे।

इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको इंटीरियर डिज़ाइन का कोर्स करना होगा इस कोर्स में आपको-

  • कलर थ्योरी

  • डिजाइन स्टाइल

  • कलर्स स्कीम

  • फर्नीचर्स को कैसे सेट करना है।

  • क्लाइंट्स को कैसे डील करना है।

इसके अलावा भी और बहुत सी जानकारी आपको इंटीरियर डिज़ाइन कोर्स में दी जाती है। इसलिए बेहद जरूरी है कि आप इस कोर्स को कर लें। क्योंकि आपके क्लाइंट्स को यह जानकर अच्छा लगेगा कि आपके पास इस काम को करने की डिग्री भी है।

इस समय इंटीरियर डिज़ाइन के बिजनेस में बहुत से लोग मार्केट में आ चुके हैं। ऐसे में डिग्री आपको आगे बढ़ने में बेहद काम आएगी, क्योंकि ऐसे भी बहुत से इंटीरियर डिजाइनर होते हैं जिनके पास कोई डिग्री नहीं होती। हर क्लाइंट उस डिजाइनर के पास जाना ज्यादा पसंद करता है जिसके पास इस काम को करने की कला के साथ-साथ डिग्री भी हो।

यह तो हो गई डिग्री की बात। लेकिन आपके पास डिग्री और कला होने के साथ-साथ अनुभव होना भी बेहद जरूरी है। इसलिए बेहतर होगा कि आप शुरू में पहले से स्थापित संस्था के साथ काम करें। ताकि आपके पास एक अच्छा अनुभव हो जाए। इस काम में जितना ज्यादा अनुभव होगा आप भविष्य में उतना ही सफल होंगे।

लाइसेंस-

आपको इंटीरियर डिज़ाइन का लीगल बिजनेस शुरू करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होगी। बिना लाइसेंस के काम करने से आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके साथ ही आपके बिजनेस को बंद भी किया जा सकता है। इसलिए अपना बिजनेस शुरू करने से पहले यह लाइसेंस जरूर ले लें।

इस लाइसेंस को लेने के लिए आपको इंटीरियर डिजाइन सर्टिफिकेशन परीक्षा के राष्ट्रीय काउंसलिंग को पास करना होगा। इस परीक्षा को देने के लिए आपके पास इंटीरियर डिजाइनिंग की बैचलर डिग्री और 2 साल का अनुभव होना जरूरी है।

टैक्स रजिस्ट्रेशन और बैंक खाता-

जब आपको अपना बिजनेस शुरू करने के लिए लाइसेंस मिल जाएगा तो उसके बाद आपको टैक्स रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते की आवश्यकता होगी। इसके लिए आपको विभिन्न राज्यों एवं संघीय टेक्सेस के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। आपको अपने बिजनेस के लिए एक अलग से बिजनेस खाता भी खुलवाना होगा। ताकि आपको बिजनेस से संबंधित सभी लेनदेन को समझने में आसानी हो। बिजनेस का अलग खाता रखने से आपको एक फायदा यह भी होगा कि जब आप साल के अंत में टैक्स फाइल करेंगे तो आपको किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।

उपकरण और आवश्यकताएं-

इंटीरियर डिज़ाइन बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको कुछ चीजों की आवश्यकता होगी जैसे-

  • ऐसी जगह जहां आप अपने बिजनेस से संबंधित सारी चीजें रख सके। चाहे वह कोई दुकान हो या आपके घर का एक कमरा।

  • स्टाफ, जो आपके इस काम में मदद करेंगे।

  •  लेजर प्रिंटर।

  • फैक्स मशीन।

  • फैब्रिक्स और वॉलकवरिंग के सैंपल बुक्स।

  • एक लैपटॉप या कंप्यूटर। इसके साथ एक ऐसा सॉफ्टवेयर जिसमें आप क्लाइंट के घर को डिजाइन कर सके। डिजाइन की हुए चीजों को चेंज कर सके।

  • इसके साथ ही हर उस आइटम का सैंपल या कैटलॉग बुक आपके पास होना चाहिए। जो आप क्लाइंट के घर को डेकोरेट करते समय उपयोग में लाएंगे।

  • आपको एक ऐसे सॉफ्टवेयर कि आवश्यकता होगी जो 3D इफेक्ट दे ताकि आपके क्लाइंट को यह समझ आए कि उनका घर डेकोरेट होने के बाद कैसा दिखाई देगा।

बिजनेस करने का कौन सा तरीका चुने-

जब आपके पास लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और आवश्यक सामग्री आ जाएगी तब आपको यह सोचना है कि अब आपको अपना बिजनेस ऑफलाइन करना है या ऑनलाइन। इंटीरियर डेकोरेशन का बिजनेस दोनों तरीके से संभव है। चलिए हम आपको यह बताते हैं कि अगर आप ऑनलाइन बिजनेस करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए क्या करना होगा।

ऑनलाइन बिजनेस-

  1. आजकल सभी व्यक्ति अपनी जरूरत की हर चीज को पहले ऑनलाइन सर्च करते हैं। जिससे उन्हें सभी इंटीरियर डिजाइनर की लागत और उनके कार्य करने के तरीके में का पता चल जाता है। इसलिए ऑनलाइन बिजनेस आपके लिए फायदेमंद होगा।

  2. इसके लिए आपको अपने बिजनेस की वेबसाइट बनानी होंगी। जिसमें आप अपने बिजनेस से संबंधित सभी जानकारियां डालेंगे। ताकि किसी भी क्लाइंट को आपके वेबसाइट के जरिए आपके काम करने के तरीके और काम के बारे में सभी जानकारी मिल जाएं।

  3. वेबसाइट बनाते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा जैसे कि आप अपने होमपेज में उस तस्वीर को लगाए जो आपके द्वारा किया गया अब तक का सबसे बेस्ट काम है। ताकि क्लाइंट उस तस्वीर को देखकर आपके काम की ओर आकर्षित हो।

  4. इसके साथ ही आपको इस बात का पूरा ध्यान रखना होगा कि जब भी कोई आपके लिंक पर क्लिक करें तो आपकी साइड बेहद आसानी से और जल्दी ओपन हो जाए, क्योंकि अगर इसमें देर होती है तो सामने वाला व्यक्ति इस लिंक को बंद करके दूसरे लिंक में चला जाता है।

  5. आप अपनी वेबसाइट में जो कंटेंट लिखें उन पर विशेष ध्यान दें, ताकि विजिटर उनसे जुड़े रहे। इस कंटेंट में आप अपने बिजनेस, आपसे संपर्क करने का तरीका, नियम व शर्तें और प्राइवेसी पॉलिसी के बारे में अच्छे से और स्पष्ट जानकारी दें।

ऑफलाइन बिजनेस-

  1. अगर आप ऑफलाइन बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले एक दुकान या कमरे की आवश्यकता होगी। जहां आप अपना ऑफिस खोल सकें। ताकि आपके क्लाइंट वहां आकर आपसे मिल सके। इसके साथ ही ऊपर  हमने जो आपको सभी आवश्यक सामग्री के बारे में बताया है वह भी आपके पास होने चाहिए।

  2. इसके बाद सबसे जरूरी स्टेप है अपने बिजनेस की मार्केटिंग करना इसके लिए आप न्यूज़ पेपर में विज्ञापन दें सकते हैं या फिर लोकल चैनल में अपने बिजनेस का विज्ञापन। इसके साथ ही आपको अपने बिजनेस का एक लोगो भी तैयार करना होगा।

  3. इसके साथ ही आपको अपने ऑफिस का चुनाव करते समय इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि आप ऐसी जगह चुने जहां लोग आसानी से पहुंच सके और जहां पार्किंग की भी अच्छी सुविधा हो।

मार्केटिंग-

किसी भी बिजनेस की सफलता के लिए उसकी मार्केटिंग सबसे जरूरी होती है आप जितनी अच्छी मार्केटिंग करेंगे आपका बिजनेस इतनी जल्दी ग्रो करेगा इस बिजनेस के लिए आप दो तरीके की मार्केटिंग का उपयोग कर सकते हैं।

सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से- सोशल मार्केटिंग आजकल सबसे सफल तरीका है किसी भी चीज की मार्केटिंग करने का, क्योंकि आज हर व्यक्ति सोशल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है जिसके कारण आप बहुत ही कम लागत में और बहुत ही आसानी से अपने बिजनेस का प्रचार प्रसार कर सकते हैं।

इसके लिए आपको ध्यान देना होगा अपने कंटेंट पर, कि आप कितना अच्छा कंटेंट लिखकर अपने ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको एक बहुत अच्छी इमेज लगानी होगी जो सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करें। हो सके तो आप छोटे-छोटे वीडियो बनाकर सोशल नेटवर्क पर डालें ताकि वीडियो के माध्यम से लोग आपके काम को और अच्छी तरीके से समझ सकें। इससे आपको बहुत जल्दी क्लाइंट्स मिलने लगेंगे।

ई-मेल के माध्यम से- यह भी एक बहुत ही सफल तरीका है अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने का। इसके लिए आपको उन लोगों का ईमेल आईडी इकट्ठा करना होगा जो आप की वेबसाइट पर बहुत ज्यादा विजिट करते हैं या फिर सोशल नेटवर्किंग में जिनके सबसे ज्यादा लाइक और कमेंट आपके पोस्ट पर होते है। ऐसे में आप उन लोगों की ईमेल आईडी पर ई-मेल भेजकर अपने बिजनेस के बारे में जानकारी दे सकते हैं। इसी के साथ ही समय-समय पर आप जो ऑफर अपने क्लाइंट्स को दे रहे हैं वह भी ईमेल के माध्यम से आप उन्हें बता सकते हैं।

इन्वेस्टमेंट-

किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए इन्वेस्टमेंट करना ही पड़ता है। इसी तरह इंटीरियर डिज़ाइन के बिजनेस को शुरू करने के लिए भी आपको शुरू में इन्वेस्टमेंट तो करना ही होगा। हमने आपको ऊपर जो सामग्री बताई है आपको सारी सामग्री अपने ऑफिस में रखनी होगी।

इसके साथ ही इसका इन्वेस्टमेंट इस पर भी निर्भर करता है कि आप घर पर ऑफिस खोल रहे हैं या आप कहीं दुकान किराए से ले रहे हैं। आप कहां पर अपना ऑफिस खोल रहे हैं वह किराए का है कि खुद का है यह सारी बातें आपके इन्वेस्टमेंट पर प्रभाव डालेंगी। इन सभी बातों पर निर्भर करेगा कि आपको इस बिजनेस को शुरू करने में कितना इन्वेस्ट करना पड़ेगा।

प्रॉफिट मार्जिन-

इस बिजनेस में प्रॉफिट का मार्जिन बहुत अच्छा होता है। आप इसमें 20 से 25 परसेंट तक अपना प्रॉफिट मार्जिन रख सकते हैं। हम मानते हैं कि हर बिजनेस में प्रतियोगी होते हैं। इस प्रतियोगिता में जीतने के लिए आप अपना प्रॉफिट मार्जिन कम ना करें। उसकी जगह आप उस रेट में अच्छी क्वालिटी और सही समय में काम पूरा करने की गारंटी दे। 

रिस्क-

कोई भी बिजनेस रिस्क के साथ ही शुरू होता है। ऐसा कोई भी बिजनेस नहीं है जिसमें थोड़ा भी रिस्क ना हो। इसलिए आप यह मान कर चलिए कि इस बिजनेस में भी आपको जोखिम तो उठाना ही होगा। इस बात का रिस्क तो हर बिजनेस में होता है कि आपका बिजनेस ग्रो करेगा या नहीं आप इस बिजनेस में सफल हो पाएंगे या नहीं।

इसके साथ ही इंटीरियर डिजाइनिंग एक ऐसा बिजनेस है जिसमें आपकी कोई मंथली इनकम फिक्स नहीं होती है आप को जितना जैसा आर्डर मिलेगा उसके हिसाब से आपकी इनकम होगी। ऐसे बिजनेस में ऐसा बहुत बार होता है कि कभी तो बिजनेस बहुत अच्छा पैसा आपको देगा तो कभी आपको मंदी का भी सामना करना पड़ेगा। इसलिए आप अपना माइंडसेट बनाकर चले कि आपको इस बिजनेस में मंदी और अच्छी सफलता दोनों देखने को मिलेगी।

इंटीरियर डिज़ाइन बिजनेस का शुरू करते समय इन बातों पर विशेष ध्यान दें-

  • इस काम के लिए आपके पास एक अच्छा मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन स्किल होना बहुत जरूरी है।

  •  आपको काम क्रिएटिव तरीके से करना आना बहुत जरूरी है।

  • आपके साथ काम करने वाले लोगों का व्यवहार भी बेहद विनम्र होना चाहिए। ताकि जो क्लाइंट्स आपके साथ जुड़े हैं वह वापस आपके पास दोबारा आए और लोगों को भी आपके काम के बारे में बताएं।

  • आप अपने काम करने वालों को एक ड्रेस कोड तैयार करें ताकि आपका काम बेहद प्रोफेशनल लगे।

  • काम को बिल्कुल समय पर पूरा करने की पॉलिसी रखें।

  • इसके साथ ही हर बजट में अच्छे से अच्छा काम देना आपकी पॉलिसी होनी चाहिए। क्योंकि आपके पास हर बजट के ग्राहक आएंगे।

  • आपके पास हमेशा एक अच्छा ऑफर होना चाहिए ताकि कोई भी ग्राहक आपके पास से खाली हाथ ना लौटे।

  • आप इस बात का ध्यान हमेशा रखें की  मार्केट में आपके प्रतियोगी किस रेट में कैसा काम दे रहे हैं। वह जिस रेट में काम दे रहे हैं आप उससे थोड़े कम में या उतने ही रेट में उनसे ज्यादा बेहतर क्वालिटी का काम दें। अगर आप इस बात का ध्यान रखते हैं तो आपका बिजनेस जरूर सफल होगा।

  • इस बात का ध्यान हमेशा रखे हैं कि आपको अपने क्लाइंट की पसंद के अनुसार डिजाइन करना है ना कि आपकी पसंद के अनुसार।

  • इस काम में अगर आपकी रुचि है तभी आप इस बिजनेस को करें, क्योंकि इस काम में बहुत बार ऐसा होता है कि आपको क्लाइंट के अनुसार कई बार काम में हेरफेर करना पड़ता है। जिसके कारण यह कभी-कभी बेहद उबाऊ भी हो जाता है। अगर इस फील्ड में आपकी रूचि नहीं है तो आप कुछ ही दिन में इससे ऊब सकते हैं।

एक अच्छे इंटीरियर डिजाइनर होने के लिए आप में यह योग्यता होनी बेहद जरूरी है-

  • आपका क्लाइंट क्या चाहता है इसके लिए आपको उसकी पसंद को समझना बहुत जरूरी है इसके लिए जरूरी है कि आप उनसे एक मीटिंग करें और डिटेल में उनसे पूछे कि उन्हें किस बजट में किस तरह का काम चाहिए।

  • क्लाइंट के बजट के साथ-साथ आपको उनकी जरूरत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है कि उन्हें क्या चाहिए।

  • जब आपको उनकी पसंद समझ में आ जाए तो आप एक स्केच बनाए और अपने क्लाइंट से ये पूछे कि क्या वह इसी तरह का डिजाइन चाहते हैं? उसके बाद ही आप अपना काम शुरू करें।

  • जब आपके क्लाइंट को आपका बनाया हुआ स्केच पसंद आ जाए तो आप उन्हें एक बार वह डिजाइन 3डी में कंप्यूटर में जरूर बनाकर दिखाएं।

  • डेकोरेशन के लिए कलर, फर्नीचर, फैब्रिक और सेटिंग फाइनल करने से पहले एक बार अपने क्लाइंट की राय भी जरूर लें।

इन सारी बातों का ध्यान रखते हुए आप एक सफल इंटीरियर डिजाइनिंग का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

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