12 क्लास के बाद IPS ऑफिसर कैसे बने । How to become an IPS Officer after 12th class

12 क्लास के बाद कैसे बन सकते है IPS ऑफिसर । How to become an IPS Officer after 12th class

आपने कभी न कभी जीवन मे एक बार IPS/IAS बनने का सपना देखा होगा ओर आपके मन मे यह भी सवाल आया होगा कि IPS officer कैसे बना जाता हैं। अगर हाँ, ओर अगर आप भी IPS बनना चाहते हैं या जानना चाहते है कि IPS कैसे बने तो इस पोस्ट को पूरा पढ़िए ताकि आप भी IPS बनने की प्रक्रिया को समझ सके।

क्या होता हैं एक IPS ऑफिसर (What is an IPS officer)

एक IPS ऑफिसर भारत की तीन मुख्य सेवाओं IAS, IPS, IFS में से एक होता हैं। देश मे कानून ओर सुरक्षा बनाये रखने के लिए यह अधिकारी हर जगह रहते हैं। आपके आसपास भी IPS ऑफिसर होते हैं जिसमे जिले के SP, DSP, कमीश्नर, DGP इत्यादि। यह सारे अधिकारी IPS ही होते है।

कौन बन सकता हैं एक IPS Officer (WHO CAN BECOME AN IPS)

वैसे तो देश का हर नागरिक इस सेवा में अपना योगदान दे सकता हैं, परंतु इसके लिए भी कुछ योग्यता हैं जो आपको ध्यान में रखनी जरूरी है। एक आईपीएस बनने के किये कुछ निम्न योग्यताएं हैं

अभ्यर्थी देश का नागरिक हो, जी हां यह अति आवश्यक है कि अभियार्थी जो इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं वो भारत का नागरिक हो।अभियार्थी की आयु 21 वर्ष से ज्यादा हो ओर 32 वर्ष तक हो।

अभ्यर्थी स्नातक (ग्रेजुएशन) पास होना चाहिए।

अभ्यर्थी पर देश के किसी भी न्यायालय में कोई केस विचारणीय न हो।

अभ्यर्थी मानसिक रूप से स्वस्थ्य हो।

12th के बाद IPS (IPS after 12th)

वैसे तो IPS बनने के लिए आपको ग्रैजुएशन पास होना जरूरी है। पर अगर आप ग्रैजुएशन के साथ साथ इस परीक्षा की भी तैयारी करते रहते हैं तो आप ग्रैजुएशन के पास होते ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

अगर आप 12th क्लास के बाद ही इसके लिए तैयारी आरम्भ कर देते है तो आपके ग्रैजुएशन के साथ साथ ही आपकी IPS की तैयारी भी हो जाएगी और ज्यादा कुछ दिक्कत भी नही होगी।

IPS के लिए एग्जाम

अगर आपने आईपीएस बनने का मन बना ही लिया है तो अब आपको यह भी जानना जरूरी हैं कि IPS बनने के लिए कौनसा EXAM देना पड़ता हैं साथ ही यह भी बताएंगे जी इसमे क्या सिलेबस होता हैं और एग्जाम के पैटर्न क्या होते हैं।

UPSC करवाती हैं एग्जाम

IPS बनने के लिए UPSC हर साल एक एग्जाम Conduct करवाती हैं जो CIVIL SERVICES के नाम से जाना जाता हैं, यह एग्जाम केवल आईपीएस के लिए ही नही बल्कि इसमें ओर भी कई तरह की सेवाओं के लिए एग्जाम होता हैं जैसे IAS, IPS, IFS, IRS, ओर A ग्रेड सर्विस आदि । इन सब के लिए एक ही एग्जाम होता हैं फिर अभियार्थी को उनके Preferance ओर Rank के अनुसार पोस्ट दी जाती हैं। अगर aapko IPS बनना हैं तो आप IPS को पहली PREFRANCE दे सकते हैं।

कब होता हैं सिविल सर्विसेज का एग्जाम

सिविल सर्विसेज का एग्जाम हर साल UPSC दुवारा CONDUCT करवाया जाता हैं जिसका नोटिफिकेशन हर साल लगभग फरवरी महीने में आता हैं, PRE एग्जाम जून के आसपास होता हैं, मुख्य परीक्षा अक्टूबर तक होती हैं, इंटरव्यू जनवरी तक, फाइनल रिजल्ट फरवरी तक आता हैं

Upsc हर साल अपने कैलेंडर में इस एग्जाम की तारीख पहले ही जारी कर लेती हैं जो आप UPSC की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।

क्या हैं एग्जाम का पैटर्न?

UPSC दुवारा करवाये जाने वाले इस एग्जाम के पैटर्न में 3 स्टेप्स होते है।

PRE EXAM – UPSC में भरे गए फॉर्म और सभी अभ्यर्थियों को सबसे पहला एग्जाम देना पड़ता हैं। इस एग्जाम में 2 पेपर होते हैं जो कि पहला GS का ओर दूसरा APPTITUDE का। GS पेपर के आधार मेरिट बनती है और पास NUMBER OF POST के अनुसार 15 गुणा अभियर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा।

MAINS EXAM – UPSC की PRE परीक्षा को पास करने के बाद अभियार्थीओ को MAINS एग्जाम के लिए बुलाया जाता हैं। mains एग्जाम में 9 पेपर होते हैं वो भी subjective type के जिसमे में से 2 हिंदी और इंग्लिश, 4 GS, 2 ऑप्शनल, ओर एक निबंध का पेपर होता हैं। इस परीक्षा को पास करने वाले अभियर्थियों में से 2 गुणा अभियर्थियो को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता हैं।

इंटरव्यू SESSION – जो अभ्यर्थी MAINS का एग्जाम CLEAR कर लेते हैं उनका इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता हैं और उनका इंटरव्यू दिल्ली UPSC HEAD QUARTER पर होता हैं।

फाइनल SELECTION – इंटरव्यू सेशन पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों के mains + इंटरव्यू के मार्क्स जोड़ कर फाइनल मेरिट लिस्ट निकली जाती हैं उसमें से जितनी पोस्ट होती हैं उसके आधार पर अभ्यर्थियों का फाइनल selection होता हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों को उनकी रैंक और उनकी प्रेफरेंस के अनुसार उनको पोस्ट दी जाती हैं।

UPSC CIVIL SERVICES सिलेबस

वैसे तो सिविल सर्विसेज का सिलेबस काफी बड़ा तो फैला फैला सा हैं। UPSC के एग्जाम में 3 स्टेप्स होते जिसमे PRE, MAINS ओर इंटरव्यू हैं जिसमे से PRE के एग्जाम में 2 पेपर होते है।

PRE GS PAPER : इस GS की परीक्षा में सामान्य अध्ययन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमे इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, सामान्य विज्ञान, पर्यावरण, सामान्य ज्ञान इतियादी विषयो में से प्रश्न पूछे जाते है। इसी पेपर में से मेरिट बनती हैं। यह पेपर 200 नंबर का होता हैं। यह objective टाइप का पेपर होता हैं।

PRE APPTITUDE PAPER : यह इस परीक्षा का क्वालीफाइंग पेपर होता हैं जो की 200 नंबर का होता है, इसमे रीजनिंग ओर सामान्य APPTITUDE से संबंधित प्रश्न पूछे जाते है। यह एक क्वालीफाइंग पेपर होता है जिसके मार्क्स PRE एग्जाम की मेरिट में नही जुड़ते । इस पेपर मे PASSING मार्क्स लाना अनिवार्य हैं पर इसके मार्क्स नही जुड़ते हैं। अगर आप यह पेपर क्वालीफाई नही करते तो आपका फर्स्ट GS का पेपर चेक भी नही होता हैं। यह एक ऑब्जेक्टिव टाइप का पेपर होता हैं।

Pre एग्जाम पास होने के बाद mains के पेपर होते हैं।

UPSC MAINS एग्जाम में टोटल 9 पेपर होते जिसमे से 2 पेपर तो LANGUAGE के पेपर होते हैं जिसमे से 1 इंग्लिश का पेपर होता हैं और एक कोई भी अन्य रीजनल LANGUAGE का (आप चुनाव अपने अनुसार कर सकते है भाषा का)

HINDI OR ENGLISH का पेपर – Upsc के इन दोनों पेपर में सामान्य भाषा के ज्ञान का परीक्षण होता हैं, इसमे आपसे क्लास 12 तक के लेवल के प्रश्न पूछे जाते हैं। यह दोनों पेपर 300-300 नंबर के होते हैं, यह दोनो पेपर भी क्वालीफाइंग पेपर होते हैं जिनमे दोनो में 25% – 25% passing नंबर लाना अनिवार्य हैं। अगर आप इस दोनो पेपर या कोई एक को क्वालीफाई नही कर पाते तो आपके बाकी के MAINS के पेपर की जांच नही होगी। यह सब्जेक्टिव टाइप का पेपर होता हैं।

4 सामान्य अध्ययन के पेपर – UPSC द्वारा आयोजित इस परीक्षा में मुख्य पेपर यही होते जो आपको एक Civil Servent बनने मे मदद करते है। इन चारो पेपर्स मे सामान्य अध्यन का परीक्षण होता है। यह चारों पेपर Graduation लेवल के होते है और ऑब्जेक्टिव टाईप भी। इन चारो पेपर मे इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन इत्यादी से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है।

2 ओप्शनल पेपर : सिविल परीक्षा में आपकी रैंक Decide करने मे इन्ही 2 ओपशनल पेपर को मुख्य रोल होता है। आप अपनह इच्छा अनुसार कोई भी ओपशनल विषय ले सकते है। एक्सपर्ट्स की सलाह माने तो आपको उस पेपर का चुनाव करना चाहिए जिसमे आपका Interst हो।

एक निबंध कर पेपर : निबंध के इस पेपर में 2 निबंध आते जो की 125 – 125 नम्बर के होते है। इसमे आपको 2 निबंध लिखने होते है जो सामान्यतः Current पर निर्भर होते है।

एक IPS Officer की Training

अगर आप यह एग्जाम पास कर लेते है तो उसके बाद आपको IPS बनाने के लिए ट्रनिंग दी जाती है जो करीबन 2 साल की होती है। इस एग्जाम मे ट्रनिंग के 2 फेज होते है। आपकी ट्रेनिंग का पहला प्रकृति की वादियो मे बसी हिस्सा लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेदमी ओफ एडमिनिस्ट्रेशन, मसूरी ट्रेनिंग सेन्टर मे होती है। यहा आपके 1 महिने का फाऊंडेशन का कोर्स होता है। उसके बाद आपके आई.पी.एस के मैन ट्रेनिंग सेन्टर Sardar Vallabhbhai Patel National Police Academy (SVPNPA), Hyderabad मे भेजा जाता है जहा आपकी असली आई.पी.एस की ट्रेनिंग होती है और उसके बाद आपको अपने ड्रिम जाॅब की पोस्टिंग मिल जाती है।

एक IPS Officer की जिम्मेदारियाँ

अपने जिले या राज्य में अपराधों को रोकना
अपने जिले या राज्य में दुर्घटनाओं को रोकना (सामाजिक, आर्थिक आदि)
अपने जिले या राज्य में
अपने जिले या राज्य में आपदा संचालन
अपने जिले या राज्य में अपराधों की जांच
अपने जिले या राज्य में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) के लिए पंजीकरण
अपने जिले या राज्य में राजनीतिक / धार्मिक कार्यों के लिए अनुमति प्रदान करना

निष्कर्ष

इस लेख में हमने एक आई.पी.एस के बारे में पढा और समझा की एक आई.पी.एस कैसे बनते है और साथ यह भी देखा की बाहरवी के बाद आई.पी.एस ऑफिसर कैसे बनते है। आईपीएस के लिए कौनसी परीक्षा देनी होती है उसके बारे मे भी पढा। आपको अगर इस लेख मे कुछ और जानकारी चाहिए तो हमे कमेंट कर के जरूर बताएँ।

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