CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) कैसे बने- पूरे कोर्स की जानकारी

CA कैसे बने? ||How to Become a CA?||Chartered Accountant || पूरी जानकारी

आजकल छात्रों के पास करियर के बहुत सारे ऑप्शन खुल गए हैं। एक समय था जब ज्यादातर छात्रों का सपना डॉक्टर या इंजीनियर बनने का या सिविल सर्विसेज में जाने का हुआ करता था। इसके बाद टीचर/प्रोफेसर, बैंक अफसर, या आई० टी० प्रोफेशनल का नम्बर आता था। अभिभावक भी इन्हीं कैरियर में अपने बच्चों का भविष्य देखते हैं। परंतु इन दिनों मान्यताओं में तेजी से बदलाव आया है और जैसे जैसे देश की वित्तीय स्थिति मजबूत होती जा रही है, फाइनेंशियल सेक्टर की ओर छात्रों का रुझान बढ़ता जा रहा है। बहुत से मेधावी छात्र फाइनेंस के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

CA इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह एक बेहतरीन और आकर्षक करियर है जहां पद प्रतिष्ठा और पैसा तीनों है। परन्तु CA प्रोफेशन से संबंधित जानकारी के अभाव में कई छात्र कन्फ्यूज्ड हो जाते हैं और इस अपेक्षाकृत नए फील्ड में करियर बनाने से कतराते हैं। परन्तु जो छात्र इस फील्ड की विशेषताओं से अवगत हैं वो अपने मन में CA बनने का सपना संजोते हैं।

इस फील्ड को लेकर आपके सारे संशय दूर करने के लिए आज हम आपको CA के करियर से संबंधित हर प्रकार की जानकारी देंगे जैसे – CA बनने के लिए आपको कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए? इसके लिए कौन सी प्रवेश परीक्षा देनी होगी? इसके लिए न्यूनतम आयु या न्यूनतम योग्यता क्या है? और CA बनने के बाद आप किस तरह की नौकरी कर सकते हैं या कैसे अपना स्वयं का काम कर सकते हैं? और इस कार्य से आप कितने पैसे कमा सकते हैं?

CA क्या है?

CA का फुल फॉर्म होता है चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant)। CA का मुख्य काम कंपनियों का वित्तीय हिसाब किताब रखना होता है। इसके अलावा वित्तीय सलाह देना, अकाउंट की ऑडिट करना, टैक्स गणना से संबंधित काम करना भी उनके कार्य क्षेत्र में आता है। दूसरे शब्दों में CA का काम किसी कंपनी के फाइनेंसियल मैनेजमेंट का काम है, जिसके अंतर्गत टैक्स भरना, बैलेंस शीट बनाना आदि आते हैं।

न्यूनतम योग्यता:

अगर आप किसी भी स्ट्रीम से प्लस टू यानि 12वीं में कम से कम 33% मार्क्स लाकर पास करते हैं तो आप CA बनने के लिए योग्य या एलिजिबल हैं। अर्थात साइंस, कॉमर्स, या आर्ट्स (हयूमैनिटिज़) किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स CA बन सकते हैं। लेकिन मुख्य तौर पर यह देखा जाता है कि कॉमर्स के स्टूडेंट CA के कोर्स के लिए अधिक इच्छुक रहते हैं। यह बेहतर भी है कि यदि आप CA बनना चाहते हैं तो आपको प्लस टू में कॉमर्स स्ट्रीम लेना चाहिए क्योंकि कॉमर्स के छात्रों की सफलता का प्रतिशत अधिक होता है।

आयु सीमा: 

CA के कोर्स के लिए कोई आयु सीमा नहीं होती है। अगर आप 12वीं पास हैं तो आप इस कोर्स के लिए एलिजिबल हैं, चाहे आपकी आयु कुछ भी हो।

चयन प्रक्रिया:

भारत में CA की परीक्षा ICAI (इंस्टीटूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया), जो कि एक गवर्नमेंट बॉडी है, संचालित करती है।

CA की परीक्षा तीन चरणों में होती है –

CA फाउंडेशन

CA इंटरमीडिएट

CA फाइनल

आइए अब इन तीन चरणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

CA फाउंडेशन कोर्स (पहला चरण):

पहले इस परीक्षा का नाम CPT (common proficiency test) या सामान्य प्रवीणता परीक्षा था यह CA करने के लिए प्रवेश परीक्षा होती थी। उस वक़्त इसके लिए दसवीं के बाद ही रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता था। परंतु सब इसका बदल कर फाउंडेशन कोर्स कर दिया गया है और इसके लिए रजिस्ट्रेशन 12वीं के बाद किया जाता है।

CA फाउंडेशन का रजिस्ट्रेशन तीन साल तक वैध होता है। अर्थात एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के पर पर आप तीन बार इस परीक्षा में बैठ सकते हैं। अगर तीन बार में भी आपने यह परीक्षा पास नहीं की तो आपको रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण (renewal) कराना होगा।

यह परीक्षा साल में दो बार कंडक्ट किया जाता है – मई एवं नवम्बर में। रजिस्ट्रेशन परीक्षा से पहले करवानी होती है।

CA फाउंडेशन कोर्स की रजिस्ट्रेशन फीस ₹9800 है।

एक बार रेजिस्ट्रेशन कराने के 4 महीने बाद आप फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा दे सकते हैं।

CA फाउंडेशन एग्जाम पैटर्न: 

CA फाउंडेशन में 4 पेपर होते हैं, प्रत्येक पेपर100 मार्क्स का होता है। पास होने के लिए सभी पेपर में कम से कम 40% मार्क्स लाना आवश्यक है और सभी पेपर मिलाकर 50% मार्क्स लाना आवश्यक है।

अलग अलग पेपर के नाम एवं उनमें मार्क्स का विभाजन निम्नलिखित है:

Paper 1 – Principals & Practices of accounting (100 marks)

Paper 2 – Business Laws and Business Correspondence and Recording (100 marks)

Paper 3 – Business Mathematics, Logical Reasoning and Statistics (100 marks)

Paper 4 – Business Economics and Business and Commercial Knowledge (100 marks)

परीक्षा की अवधि पेपर 1 और पेपर 2 के लिए 3 घंटे होती है एवं पेपर 3 और पेपर 4 के लिए 2 घंटे होती है।

पेपर 1 और पेपर 2 में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं जबकि पेपर 3 और पेपर 4 में सब्जेक्टिव।

पेपर 1 और पेपर 2 में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है, जबकि पेपर 3 और पेपर 4 नेगेटिव मार्किंग होती है जिसमें एक प्रश्न का उत्तर गलत होने पर चौथाई अंक काट लिए जाते हैं।

एग्जाम और सिलेबस से संबंधित हर तरह की जानकारी ICAI के ऑफिसियल वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्र इसे अवश्य देखें।

CA फाउंडेशन एग्जाम की तैयारी के टिप्स:

CA फाऊंडेशन एक्जाम का पैटर्न अच्छी तरह समझने के लिए छात्रों को विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।

पेपर 1 और पेपर 2 के लिए उन्हें मॉक टेस्ट पेपर्स को हल करने का अभ्यास करना चाहिए। ताकि परीक्षा की दी गई अवधि में वह प्रश्नों को पूरा कर सकें और अपना टाइम मैनेजमेंट सुधार सकें।

गणित और स्टैटिसटिक्स के लिए छात्रों को प्रश्नों को हल करने की संक्षिप्त विधि का अभ्यास करना चाहिए।

बिजनेस लॉ सेक्शन के प्रश्नों के लिए उन्हें विगत वर्षों के केस स्टडीज पर ध्यान देना चाहिए।

CA इंटरमीडिएट कोर्स (दूसरा चरण)

इस कोर्स को करने के दो ऑप्शन है। इसके लिए आप इसके लिए आप “फाउंडेशन रूट” या “सीए कोर्स में सीधी भर्ती योजना” के तहत अपने आप को रजिस्टर कर सकते हैं।

फाउंडेशन रूट- फाउंडेशन रूट के तहत आप सीए फाउंडेशन पास करने के बाद इंटरमीडिएट कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

सीधी भर्ती योजना- अगर आपने किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन कर लिया है तो आपको CA फाउंडेशन करने की जरूरत नहीं है। लेकिन इसके लिए आपको ग्रेजुएशन अथवा पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55% मार्क्स (कॉमर्स स्ट्रीम के लिए) और 60% मार्क्स (अन्य स्ट्रीम के लिए) लाना जरूरी है।

CA इंटरमीडियट एग्जाम पैटर्न: 

CA इंटरमीडिएट की परीक्षा में 8 पेपर होते हैं प्रत्येक पेपर 100 मार्क्स का होता है। पास होने के लिए सभी पेपर में कम से कम 40% मार्क्स लाना आवश्यक है और सभी पेपर मिलाकर 50% मार्क्स लाना आवश्यक है।

CA इंटरमीडिएट की परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी या हिंदी होता है।

परीक्षा की अवधि प्रत्येक पेपर के लिए 3 घंटे होती है। प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट एक्स्ट्रा दिए जाते हैं।

इसमें ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं।

एग्जाम और सिलेबस से संबंधित हर तरह की जानकारी ICAI के ऑफिसियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।

अलग अलग पेपर के नाम एवं उनमें मार्क्स का विभाजन निम्नलिखित है:

Group I

Paper 1 – Accounting (100 marks)

Paper 2 – Corporate laws and other laws (100 marks)

Part I – Company law (60 marks)

Part II – Other law (40 marks)

Paper 3 – Cost & Management Accounting (100 marks)

Paper 4 – Taxation (100 marks)

Section A: Income-Tax Law (60 marks)

Section B: Indirect Taxes (40 marks)

Group II 

Paper 5 – Advanced Accounting (100 marks)

Paper 6 – Auditing & Assurance (100 marks)

Paper 7 – Enterprise Information Systems & Strategic Management (100 marks)

Section A: Enterprise Information Systems (50 marks)

Section B: Strategic Management (50 marks)

Paper 8 – Financial Management & Economics for Finance (100 marks)

Section A: Financial Management (60 marks)

Section B: Economics for Finance (40 marks)

CA इंटरमीडिएट की परीक्षा भी साल में दो बार कंडक्ट की जाती है– मई एवं नवम्बर में। एक बार रजिस्ट्रेशन करने के बाद यह 4 साल तक वैध रहता है। रजिस्ट्रेशन परीक्षा से पहले करवानी होती है।

CA इंटरमीडिएट कोर्स की फीस ₹27200 है।

CA इंटरमीडिएट एग्जाम की तैयारी के टिप्स:

छात्रों को विगत वर्ष में आए प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए ताकि वह प्रश्न पत्र के पैटर्न से अच्छी तरह वाकिफ हो जाएं।

ICAI के ऑफिशियल वेबसाइट पर परीक्षा के मॉक टेस्ट पेपर दिए रहते हैं। उनका अभ्यास कर परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए।

कॉस्ट अकाउंटिंग के पेपर के लिए हर फार्मूला की तैयारी शॉर्ट नोट्स बनाकर करनी चाहिए।

लॉ से संबंधित पेपर के अध्ययन के लिए उन्हें केस स्टडी की सहायता से अभ्यास करना चाहिए।

CA फाइनल कोर्स (तीसरा चरण):

CA इंटरमीडिएट पास कर लेने के बाद आपको 3 साल की CA आर्टिकलशिप करनी होतीहै। इसमें आपको किसी CA के अंडर 3 सालों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेनी होती है। यह ट्रेनिंग किसी CA फर्म में की जा सकती है। इस ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड भी मिलता है।

इस ट्रेनिंग को पूरी करने के 6 महीने बाद आप CA फाइनल के लिए साल में कभी भी फॉर्म भर सकते हैं। ICAI की गाइडलाइन के अनुसार उन विद्यार्थियों को फाइनल एग्जाम में बैठने की अनुमति मिल जाती है जिन्होंने आर्टिकलशिप की ढाई साल की अवधि पूरी कर ली हो।

यह CA बनने का अंतिम चरण होता है और इसके पास करने के बाद आप CA बन जाते हैं। यह परीक्षा कठिन होती है और इसके लिए आपको बहुत मेहनत करने की जरूरत है।

CA फाइनल कोर्स की रजिस्ट्रेशन फीस ₹32300 है।

एक बार रजिस्ट्रेशन करने के बाद आपको 4 महीने का समय पढ़ाई करने के लिए दिया जाता है।

CA फाइनल के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद 5 साल तक की इसकी मान्यता रहती है। अगर इस दौरान भी आपने इसे पास नहीं किया तो आपको दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना होता है।

CA के कोर्स में कोई कोई आयु सीमा नहीं है इसीलिए आप चाहे जितनी बार भी रजिस्ट्रेशन करवा सकता है।

CA फाइनल एग्जाम पैटर्न: 

CA फाइनल में भी 8 पेपर होते हैं। 2020 में होनेवाले CA फाइनल एग्जाम के पैटर्न में ICAI (The Institute of Charted Accountants of India) ने थोड़ा परिवर्तन किया है। अब इसमें पेपर 6 के लिए छह वैकल्पिक विषय (6A से 6F) दिए गए हैं। छात्र इनमें से अपनी पसंद के किसी एक विषय को चुन सकते हैं। प्रत्येक का फुल मार्क्स 100 ही होगा। इसके अलावा भी एग्जाम पैटर्न में कुछ बदलाव आया है। 2020 में एग्जाम देनेवाले जो छात्र पुराने सिलेबस को फॉलो करेंगे उन्हें पुराने पैटर्न के अनुसार ही एग्जाम देना होगा। छात्रों की सुविधा के लिए दोनों पेटर्न के पेपर्स का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है।

पुराने सिलेबस के अनुसार:

Group 1

Paper 1 – Financial Reporting (100 marks)

Paper 2 – Strategic Financial Management (100 marks)

Paper 3 – Advanced Auditing and Professional Ethics (100 marks)

Paper 4 – Corporate and Allied Laws (100 marks)

Group 2

Paper 5 – Advanced Management Accounting (100 marks)

Paper 6 – Information Systems Control and Audit (100 marks)

Paper 7 – Direct Tax Laws (100 marks)

Paper 8 – Indirect Tax Laws (100 marks)

नए सिलेबस के अनुसार:

Group 1

Paper 1 – Financial Reporting (100 marks)

Paper 2 – Strategic Financial Management (100 marks)

Paper 3 – Advanced Auditing and Professional Ethics (100 marks)

Paper 4 – Corporate and Economic Laws (100 marks)

Group 2

Paper 5 – Strategic Cost Management and Performance Evaluation (100 marks)

Paper 6A – Risk Management (100 marks)

Paper 6B – Financial Services and Capital Markets (100 marks)

Paper 6C – International Taxation (100 marks)

Paper 6D – Economic Laws (100 marks)

Paper 6E – Global Financial Reporting Standards (100 marks)

Paper 6F – Multidisciplinary Case Study (100 marks)

Paper 7 – Direct Tax Laws and International Taxation (100 marks)

Paper 8 – Indirect Tax Laws (100 marks)

पास होने के लिए सभी पेपर में कम से कम 40% मार्क्स लाना आवश्यक है और सभी पेपर मिलाकर 50% मार्क्स लाना आवश्यक है। इसमें नेगेटिव मार्क्स नहीं होते हैं।

CA फाइनल की परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी या हिंदी होता है।

परीक्षा की अवधि प्रत्येक पेपर के लिए 3 घंटे होती है। प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट एक्स्ट्रा दिए जाते हैं।

इसमें ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं।

एग्जाम और सिलेबस से संबंधित हर तरह की जानकारी ICAI के ऑफिसियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।

CA के कोर्स के दौरान आपको 2-2 सप्ताह की 4 ट्रेनिंग भी लेनी होती है।

दो ट्रेनिंग CA इंटरमीडियट और CA फाइनल के बीच लेनी होती है जिनके नाम हैं – Information Technology & Orientation Course.

CA फाइनल के बाद भी दो ट्रेनिंग लेनी होती है जिनके नाम हैं – Management end Communication Skill Course & Advanced ITT.

उपसंहार:

इस प्रकार CA की फाइनल परीक्षा पास कर लेने के बाद आपको ICAI में रजिस्टर करवाना होता है। इसके बाद आप एक सर्टिफाइड CA यानि चार्टर्ड अकाउंटेंट बन जाते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में काम करने के लिए आपके पास बहुत सारे ऑप्शन्स होते हैं। आप चाहे तो किसी इंडस्ट्री, फाइनेंशियल सेक्टर या सार्वजनिक क्षेत्र में काम कर सकते हैं। आप किसी बड़ी कंपनी को भी ज्वाइन कर सकते हैं।

इसके अलावा अगर आप चाहे तो स्वतंत्र रूप से अपना स्वयं का फर्म भी खोल सकते हैं जिसमें आप लोगों को फाइनेंस और टैक्स से संबंधित सलाह दे सकते हैं। इस तरह CA का कोर्स आपको एक सुनहरा करियर बनाने का अवसर प्रदान करता है। अगर आप पूरे मनोयोग से ऊपर बताई गई जानकारियों को ध्यान में रखकर तैयारी करेंगे तो कोई वजह नहीं कि आप एक अच्छा आरामदायक और प्रतिष्ठा से परिपूर्ण जीवन यापन न कर सकें।

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