फलों और सब्जियों के निर्यात (export) बिजनेस कैसे किया जाता है

फलों और सब्जियों का निर्यात (export) बिजनेस कैसे शुरू करें | How to Export Fruits and Vegetables From India

आज वर्तमान में हम सभी अपनी जरूरतों के समान को खरीदने के लिए मार्केट जाते है, जैसे अगर किसी को सेब लेना है, वो मार्केट गया और सेब की दुकान पर जाता है, वहा सेब बेचने वाला कहता है, ये बाहर का सेब है, ये यही का, कभी सोचा बाहर के सेब या कोई भी सब्ज़िया हमारे देश मे कैसे पहुच जाता है, तो आज हम फलो और सब्जियों के एक से दूसरे जाने और आने से जुड़ी सारी जानकारी के बारे में जानेंगे, जिनमे मुख्य है-

निर्यात (Export) क्या है, आयात(Import) और निर्यात (export) में अंतर, फलो(fruit) और सब्जियों(vegetable) का निर्यात करने के लिए कौन से सर्टिफिकेट जरूरी है, फलो और सब्जियों के निर्यात (Export) किन देशों में किये जाते है, फलो और सब्जियों के निर्यात (export) कैसे किया जाता है, फलो और सब्जियों के निर्यात (export) में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, फलो और सब्जियों के निर्यात (export) में जोखिम(risk)

Table of Contents

निर्यात (Export) क्या है

किसी भी सर्विस या गुड्स को बाहर के देशों में बेचने के लिए भेजना निर्यात (Export) कहलाता है। देश मे अलग अलग देश उन चीज़ों का निर्यात करते है, जो भी सर्विस व गुड्स उनके देश मे नही है या उनके देश से अलग गुड्स है। इस तरह किसी भी देश मे सामान जो उस देश की मांग है, व वहा नही है , उन चीज़ों व सर्विस का आयात करते है, और इस कार्य मे निर्यातक निर्यात का काम करते है, और आयातक आयात (Import) का।

निर्यात (Export) और आयात (Import) में अंतर

निर्यात

* निर्यात दूसरे देश मे गुड्स और बेहतरीन सर्विस बेचने के लिए भेजना है।
* निर्यात करने वाले देश को निर्यातक कहते है।
* निर्यात करने वाले लोगो को निर्यातक कहा जाता है
* निर्यात उन्ही देशों को किया जाता है, जहा किसी गुड्स और सर्विस की मांग हो।

आयात

* आयात गुड्स और सर्विस का दूसरे देशों से लेना है
* आयात का काम करने वाले लोगो को आयातक कहा जाता है।
* आयात उसी सर्विस या गुड्स का होता है, जो उस देश मे न हो।

फलों (Fruits) और सब्जियों (Vegetables) के निर्यात करने के लिए कौन से सर्टिफिकेट जरूरी है

फलों और सब्जियों के निर्यात करने के लिए किसी भी निर्यातक को इन दस्तावेजों या सर्टिफिकेटो की आवश्यकता होती है-

* IEC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ( Import export code) – निर्यात व आयात के लिए सर्टिफिकेट जरूरी है।

* APEDA सर्टिफिकेट (The Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) –
ये सर्टिफिकेट किसी भी फलो और सब्जियों के निर्यात के लिए जरूरी सर्टिफिकेट होता है।

* NPPO सर्टिफिकेट ( National plant protection organization)- किसी भी निर्यात के लिए ये सर्टिफिकेट आवश्यक होता है, जो निर्यात के काम के योग्य (Eligible) बनाता है।

फलों (Fruits) और सब्जियों(Vegetables) के निर्यात (Export) किन देशो में किये जाते है

फलों (Fruits) के निर्यात(Export) वाले मुख्य देश-

United Arab Emirates, Qatar, Maldives, United States, Saudi Arabia, Singapore, United Kingdom, Canada, Oman, Kuwait, Bahrain, Nepal, Netherlanders, Australia, Germany, Sri Lanka, Russia, Hong Kong, Iran, New Zealand, Malaysia, France, Kenya, South Africa, Bangladesh

सब्ज़ियों(Vegetables) के निर्यात वाले मुख्य देश-

Switzerland, Vietnam, New Zealand, Thailand, Mauritius, Bangladesh, Hong Kong, Qatar, United state, United Arab Emirates, Saudi Arabia, Canada, Oman, Kuwait, Bahrain, Singapore, Qatar, Netherlands, Australia

फलों (Fruits) और सब्जियों (Vegetables) का निर्यात कैसे किया जाता है

फलों और सब्जियों के निर्यात के मुख्य पद होते है, जो निम्न है-

मार्केट के मांग (Demand) का पता लगाना

किसी भी देश में कैसे फल और सब्जी(Organic और Inorganic) की डिमांड है इसका पूरी जानकारी और बाहर के देशों में इनका कैसे प्रोडक्ट की ज्यादा मांग है, किसपर प्रॉफिट है, इन सभी के बारे में पूरी जानकारी रखना जरूरी है।

फलो (Fruits) और सब्जियों (Vegetables) के लिए कोई सोर्स (Sourcing of fruits and vegetables)

डिमांड और मार्केट की जानकारी के बाद कोई सोर्स जिसके द्वारा उस डिमांड को पूरा किया जाना है उसे ढूढ़ना जोकि उस काम को बेहतर तरीके से कर सके।

फलों और सब्जियों की छटाई और क्रमस्थापन करना (Sorting and grading of fruits and vegetables)

कोई भी फल जो काले पड़ रहे या कुछ भी उनमे से खराब होने वाला सब छांटना और उन्हें एक सही क्रम में लगाना बहुत जरूरी है, जिससे हमारे फलो और सब्जियों को दिखने में खराब न लगे।

फलों (Fruits) और सब्जियों (Vegetables) की पैक करना (Packaging of fruits and vegetables)

फलो और सब्जियों की पैकिंग बहुत जरूरी होती है, पैकिंग हमेशा ऐसी होने चाहिए जो सॉफ्ट फलो और सब्जियों को सुरक्षित रख सके, और वो फल और सब्जी सही तरीके से दूसरे देश तक निर्यात हो सके।

फलों और सब्जियों को निर्यात से पहले कोल्ड स्टोरेज में रखना

(Precooling of fruits and vegetables) फलो और सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए अपने आस पास के कोल्ड स्टोरेज में रखना जरूरी होता हैं।

फलों और सब्जियों को निर्यात वाले कंटेनर में रखना

(Refer to a container) फलो और सब्जियों को ठीक तरीखे से पैक करके उसे कंटेनर में सही से रखना जरूरी है, जिससे उसके बॉक्स पर ज्यादा से ज्यादा भार न पड़े, और सुरक्षित निर्यात किया जा सके।

फलों और सब्जियों को अलग अलग देश के हेल्थ स्टैंडर्ड के अनुसार निर्यात कर देना

(Export according to the health standard of other countries) कंटेनर में फलो और सब्जियों को रखकर ठीक तरीके से उसे देश के हेल्थ स्टैंडर्ड के अनुसार उनके यह निर्यात कर देना, जिससे वो फिर अपने देश की गुड्स और सर्विस की मांग को पूरा करते है और निर्यात करने वाले देश को मुनाफा देते हैं।

ये पद फलों और सब्जियों के निर्यात में जरूरी होते हैं, और इसी तरह निर्यात का कार्य किया जाता है।

फलों (Fruits) और सब्जियों (Vegetables) के निर्यात में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है

* मार्केट में डिमांड की जानकारी रखना, की किस देश मे किस तरह के गूइड्स और सर्विस की डिमांड है।

* दूसरे देश के हेल्थ स्टैडर्ड की जानकारी रखना, जिससे निर्यात करने में मदद मिले।

* दूसरे देश में निर्यात करने हेतु सभी तरह के सर्टिफिकेट का होना जरूरी है, इसकी जानकारी रखना।

* निर्यात के लिए पैकिंग की सही ज्ञान होना, कौन सी पैकिंग किस तरह के प्रोडक्ट में इस्तेमाल की जाती है।

*प्रोफेशनल एजेंट या सोर्स की जानकारी, जिससे निर्यात का काम किस देश मे कैसा, कैसे किया जा सकता है, और कितनी डिमांड है, ये सब ठीक तरीके की जानकारी मिल सके।

* निर्यात से जुड़े रिस्क और मुनाफे की जानकारी रखना।

फलों और सब्जियों के निर्यात में रिस्क क्या है

* दूसरे देश की खुले बाजार में गुड्स और सर्विस के निर्यात में मुनाफा निश्चित नही होता, जिससे मांग के अनुसार कम मुनाफा भी हो सकता है।

* फलो और सब्जियों के निर्यात में एक रिस्क ये होता है कि ये ज्यादा दिन तक सही नही रह सकते तो, कई बार मार्केट से कम रेट पर भी ये बेचे जाते जाते है।

* एजेंट की कमिशन फिक्स होती है, निर्यातक का फायदा हो या नुकसान, इससे एजेंट के कमीशन पर कोई असर नही होता हैं।

ये सभी महत्वपूर्ण जानकारियां फलो और सब्जियों के निर्यात से जुड़ी हिंदी में देने की कोशिश की गई है, जिसके द्वारा एक निर्यातक निर्यात का कार्य करके बेहतर मुनाफा और देश के हित में कार्य दोनों ही कर सकता है, और अपना भविष्य को बेहतर बनाता है।

अन्य पढ़े :

अपना नया बिजनेस कैसे शुरू करें

घर बैठे कैसे करें ऑनलाइन बिजनेस

आयात निर्यात का व्यापार कैसे शुरू करें

Add a Comment

Your email address will not be published.

error: