आर्टिफिशियल हैंडमेड गहने का व्यवसाय कैसे शुरू करें? Artificial Handmade Jewellery Business

हैंडमेड ज्वेलरी बनाने का बिजनेस के बारे में कुछ जानकारी – सजना-सँवरना नारी या पुरुष सभी को बहुत पसंद है। आज के दौर में जहाँ रूप को महत्व दिया जाता है, चाहे वह व्यक्ति हो या सामान, बनाव-श्रींगार तो जरूरी हो जाता है। नारी के लिए तो यह कहा जा सकता है कि ये मानो जन्म सिद्ध अधिकार है। कपड़े या मेकअप या फिर गहने – इनके सम्मोहन से कोई दूर नहीं रह सकता, न रहना चाहता है।

आज हम बात करेंगे आभूषणों यानी गहनों की। सोना-चाँदी, हीरा-मोती, कुंदन, जड़ाऊ, मीनाकारी, ओक्सीडाइस्ड मेटल से बने आर्टिफिशियल गहने तक कि बड़ी संख्या बाजार में छाए हुए हैं। सब अपनी पसंद व पाकेट के अनुसार अपने शौक पूरे करते हैं। क्या आपको क्राफ्ट या गहने बनाने में रुचि है? तो आप आर्टिफिशियल हैंडमेड गहने का व्यवसाय कर आपने हुनर व शौक को आय का जरिया बना सकते हैं।

आज आर्टिफिशियल हैंडमेड गहनों का व्यवसाय बाजार में खूब छाया हुआ है। इसकी मांग इतनी अधिक है कि महिलाओं को यह खूब आकर्षित कर रही है। इस व्यवसाय को महिलाएं घर बैठे ही कर सकती हैं। आज के माहौल में जहाँ एक व्यक्ति की कमाई से घर नहीं चलता वहीं इस माध्यम से वे न केवल परिवार को दूसरे आय का जरिया दे सकती हैं बल्कि अगर वह आकली हैं तो इससे आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आइए इस व्यवसाय की तह तक जाएं।

रुचि-हुनर-ट्रेनिंग जरूरी है।

गहने डिजाइन व बेचने के लिए सबसे जरुरी है क्राफ्टिंग में रुचि होना। रुचि आपको इस क्षेत्र और लोगों की पसंद को समझने व डिजाइन बनाने में बहुत मददगार साबित होगी। अब अगर आपके पास हुनर है तो आप अपना व्यवसाय तुरंत ही शुरू कर सकते हैं।

परन्तु सिर्फ हुनर से काम नहीं चलेगा। हुनर के साथ-साथ आर्टिफिशियल हैंडमेड गहने बनाने के विभिन्न तकनीकों को भी जानना व सीखना होगा। इसको सीखने के लिए दो तरीक़े अपना सकते हैं। पहला, यू ट्यूब में मौजूद विश्व भर के गहने बनाने के तकनीकों को देखकर आप पल भर में बहुत कुछ सीख सकते हैं।

इसके बाद आप अपनी काबिलियत और हुनर का इस्तेमाल कर डिजाइन बनाए। दूसरे, यदि आप इस क्षेत्र में पूरी तरह से एक्सपर्ट होना चाहते हैं तो कई ऐसे इंस्टीट्यूट हैं जो कास्टियूम ज्वेलरी डिजाइनिंग का कोर्स कराते हैं। आप उन कोर्सों में भर्ती होकर इस क्षेत्र की हर बारिकी सीख सकते हैं।

नामकरण व रेजिस्ट्रेशन करवायें।

अपने हैंडमेड गहनों को बेचने में आसानी व प्रचार-प्रसार के लिए आपको अपने ब्रांड का रोचक व अनोखा नाम देना होगा जिससे लोग आपके ब्रांड के नाम से ही आपको पहचानने लगे। घर से शुरू करने के बाद जब थोड़ी बहुत पहचान होने लगे तो अपने व्यवसाय का रेजिस्ट्रेशन यानी ट्रेड लाइसेंस करवा लें। इससे हर जगह मदद मिलेगी जैसे कि जीएसटी नम्बर पाने, आनलाइन बिक्री करने, सरकारी मदद पाने के लिए आदि।

कितनी पूँजी की आवश्यकता?

आर्टिफिशियल हैंडमेड गहनों का व्यवसाय आप बहुत छोटे निवेश से शुरू कर सकते हैं। 4-5 हजार से लेकर 10 हजार रुपये से शुरूआत की जा सकती है। समय-समय पर क्षमता अनुसार निवेश बढ़ायें। आप सरकारी मदद या लोन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। सरकार की मुद्रा लोन, स्वनिर्भर योजना से मदद या फिर बैंक से भी लोन ले सकते हैं।

सस्ते कच्चे माल के लिए मार्केट सर्वे

कच्चा माल खरीदने से पहले आपको निर्णय लेना होगा कि आप किस तरह के आर्टिफिशियल हैंडमेड गहने बनाना चाहते हैं। स्टोन, लकड़ी, टेराकोटा (मिट्टी), कपड़ा, जूट, धागा, मोती, बिड्स आदि में से क्या चुनना चाहेंगी? अगर आप खुदरा बाजार से कच्चा माल खरीदेंगे तो आप गहने बनाकर, फिर बेचकर मुनाफा नहीं कमा पायेंगें।

आपको सामान थोक यानी होल सेल बाजार से खरीदना होगा। अपने शहर में ही पता करें कि गहने बनाने में लगने वाला कच्चा माल कहाँ मिलता है। वहां आप अपनी जरूरत अनुसार माल खरीद लें। आपको बहुत ही कम दाम में माल मिल जायेगा। व्यवसाय बढ़ने पर आप दूसरे राज्यों से भी माल मंगा सकती हैं। इसके लिए आपको जानकारी आनलाइन या काम करते-करते विभिन्न संपर्कों से मिल जायेगा।

रेडिमेड गहने का कलेक्शन भी जरूरी।

आप व्यवसाय करने उतरें है तो थोड़ा व्यवहारिक होना पड़ेगा। आप अगर अकेले ही गहने बनाने का काम कर रही हैं तो आपके लिए स्टोक बढ़ाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ेगी फिर भी पूरा न हो पायेगा। ऐसे में आपका मददगार साबित हो सकता है ये रेडिमेड गहने। इसे भी आप अपनी पसंद, रुचि व जरूरत के हिसाब से थोक बाजार से खरीदें और अपना लाभ का मार्जिन रखकर बेचें।

मैन पावर यानी श्रमशक्ति को बढ़ाना होगा।

धीरे-धीरे जब आपका व्यवसाय और आपके बनाये हैंडमेड गहनों की माँग बढ़ने व आपके ब्रांड का नाम होने लगेगा तब आपके अकेले की मेहनत से आप व्यवसाय संभाल नहीं पायेंगी। अब आपको बड़ी समझदारी के साथ जरूरत व क्षमता को समझते हुए एक-एक करके अपने लिए सहायकों को शामिल करना होगा। उन्हें अपने हिसाब से काम भी सिखाना होग। आपकी क्षमता अनुसार आप उन्हें वेतन या गहने बनाये जाने पर कमीशन के आधार पर भी पारिश्रमिक दे सकते हैं।

काम को कैसे बढ़ायें?

1. घर से करें शुरुआत :
काम की शुरूआत आप अपने घर से कर सकते हैं। वहीं अपना वर्कशॉप बना लें। किसी क्लाइंट को उसके घर पर भी जाकर बेच सकते हैं। कोई कस्टमर अगर अपने किसी विशेष कार्यक्रम के लिए कुछ खास गहने बनाकर देने का आर्डर दे तो उसको महत्व दें। यह तरीका भी आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा।

2. हस्तशिल्प मेले में हिस्सा लें :
आपके इलाके, कस्बे, शहर फिर देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प मेले में हिस्सा लें। पहले सरकारी मेलों से शुरू करें क्योंकि स्टाल का भाड़ा कम पड़ेगा। फिर आपकी क्षमता बढ़ने पर आप गैर-सरकारी मेलों में भी हिस्सा ले सकते हैं।

इन मेलों में हिस्सा लेने से आपको दो लाभ मिलेगा। एक, लोगों की रुचि व मार्केट का झुकाव आपको पता चलेगा। दूसरे, आपके गहनों की मांग का भी एक स्पष्ट चित्र मिलेगा। पर मेले में शामिल होने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें। देख लें कि मेले का आयोजन स्थल व समय क्या है। इसका बिक्री पर बहुत असर पड़ता है।

3. आनलाइन बिक्री को भी आज़मायें:
यह डिजीटलाईजेशन का युग है। ऑनलाइन सामान बेचना भी फायदे का सौदा है। इसका लाभ उठायें। इसके कई तरीक़े हैं। आप फेसबुक में पेज या ग्रुप या वाट्सएप पर अपने परिचितों का ग्रुप बनाकर आर्टिफिशियल हैंडमेड गहने बेच सकती हैं।

व्यवसाय बढ़ने पर अपना वेबसाइट या एप भी बना सकती हैं। इसके अलावा एमाज़ोन, फ्लिपकार्ट, इ बे, पेटीएम जैसे अनेकों आनलाइन शोपिंग साइट पर भी सामान बिक्री कर सकती हैं।

4. अपनी दुकान के माध्यम से बेचें:
व्यवसाय जब पूरी सफलता के कगार पर हो तो आप अपनी दुकान लें सकते हैं। अपने बनाये आर्टिफिशियल हैंडमेड गहने अपनी दुकान से बेचने का आनंद ही कुछ और होता है। अब आपको ज्यादा भागदौड़ करने की जरूरत न होगी। अपके ग्राहक व प्रशंसक खुद आप तक पहुंचेंगे।

इस तरह हुनर, ज्ञान व व्यवस्थित पद्धति से आप अपने व्यवसाय को लेकर कामयाबी की ऊंचाइयाँ पा जायेंगे। परन्तु इस बात का अवश्य ही ख्याल रखें कि आपका कस्टमर क्या चाहता है? यह आपको बाज़ार की नब्ज समझने में मदद करेगा। फिर आपकी कला को यकीनन वह मुकाम मिलेगा जिसकी आपको चाहत थी। आपका काम ही आपका परिचय बनेगा।

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