कूलर का बिजनेस कैसे शुरू करें | Cooler Manufacturing Business Ideas

पुराने समय में लोगो को जब गर्मी लगती थी, वो ठंडी हवा के लिए पेडों के छाव व खुला आसमान चाहते हैं, बदलते समय और टेक्नोलॉजी के विकास के ज़रिए आज वर्तमान में लोग गर्मी से राहत के लिए कूलर का ज्यादातर इस्तेमाल करते हैं, कूलर हमारे देश मे सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक है, कभी सोचा है कि ये कूलर कैसे बनते होंगे, जो इतनी ठंडी हवा व राहत देते हैं, कभी सोचा है इसे बनाया कैसे जाता होगा, तो आज हम जानेंगे कूलर से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां, जिनमे मुख्यतः है-

कूलर क्या है, कूलर का बिज़नेस के लिए जरूरी जानकारियां क्या होनी चाहिए, कूलर के बिज़नेस कैसे शुरू करे, कूलर के मैनुफैक्चरिंग का प्रोसेस क्या है, खुद का कूलर कंपनी का सेटअप तैयार करना, कूलर बिज़नेस में लागत कितनी लगती है, कूलर बिज़नेस में प्रॉफिट कितना है।

कूलर क्या है

वर्तमान में कमरों में ठंडी हवाएं देने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसे वर्तमान में आज हर एक घरों में इस्तेमाल किया जाता हैं, आज गर्मियों में इसकी मांग अधिक से अधिक होती है, जिसे बड़ी बड़ी मैनुफैक्चरिंग कंपनी द्वारा बनाया जाता है।

कूलर का बिज़नेस के लिए जरूरी जानकारियां क्या होनी चाहिए

किसी भी बिज़नेस को चलाने के लिए एक प्रॉपर जानकारी का होना बहुत जरूरी है, जो उसे एक सही दिशा देकर और बढ़ाता है, इसी तरह कूलर बिज़नेस के लिए भी आवश्यक जानकारी निम्न है-

  • मार्केट में कूलर की मांग की जानकारी।
  • कितना इन्वेस्टमेंट करना चाहिए।
  • किन लाइसेंस की जरूरत होगी।
  • कितनी जगह की जरूरत होगी।
  • मैनपावर कितना होना चाहिए।
  • फिक्स कस्टमर कौन होंगे।
  • मार्केटिंग की जानकारी ।

मार्केट में कूलर की मांग की जानकारी

बिज़नेस शुरू करने से पहले किसी भी बिज़नेस शुरू करने वाले व्यक्ति को मार्केट की जानकारी जरूर होनी चाहिए, जिससे उसका बिज़नेस एक अच्छी ग्रोथ पकड़ सके।

जैसे – किन कूलरों की मार्केट में मांग है, कितनी मांग है, किसकी ज्यादा मांग है, कौन से अच्छे क़्वालिटी के कूलर है, ज्यादा मात्रा में कौन कूलर बिक रहे, मार्केट प्राइस कूलरों की कितनी है व अन्य मार्केट से जुड़ी जानकारी।

कितना इन्वेस्टमेंट करना चाहिए

किसी भी बिज़नेस शुरू करने वाले व्यक्ति को जिस भी चीज़ आ बिज़नेस करने जा रहा, उसमे किन किन चीज़ों में कितना न्यूनतम और अधिकतम पैसा लग सकता है, इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है, जो उसको मेंटली तैयार बनाती हैं।

किन लाइसेंस की जरूरत होगी

कूलर के बिज़नेस के लिए कुछ लाइसेंस की जरूरत होती है, वो कौन कौन लाइसेंस है इसकी जानकारी एक कूलर के बिज़नेस की शुरुआत करने वाले को होनी चाहिए, जिससे उसे कानूनी तौर पर कोई परेशानी न हो।

कितनी जगह की जरूरत होगी

कूलर के बिज़नेस एक ऐसा बिज़नेस है, जहा जगह की जानकारी होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि छोटी जगह में ये काम नही हो पायेगा।

मैनपॉवर कितना होना चाहिए

किसी भी कूलर की मैनुफैक्चरिंग के बिज़नेस में कितने लोग जरूरी है, छोटे पैमाने पर व बड़े पैमाने पर, इसकी जानकारी होना जरूरी है।

फिक्स कस्टमर कौन है

बिज़नेस की शुरुआत करने में अपने मॉल को किनको बड़े अमाउंट में लेने वाले हैं, उनकी जानकारी जरूरी है।

मार्केटिंग की जानकारी

अपने कूलर के बिज़नेस की पहुच उनके फिक्स कस्टमर तक पहुचाने के लिए किन किन मार्केटिंग स्किल की जरूरी है, इसकी जानकारी बहुत जरूरी है।

कूलर का बिज़नेस शुरू कैसे करे

कूलर का बिज़नेस एक ऐसा बिज़नेस है, जिसकी गर्मियों में डिमांड बहुत बढ़ जाती है, और इसका बिज़नेस एक अच्छा मुनाफा वाला बिज़नेस है, जिसे करके लोग लाखो कमाते हैं।

कुलर बिज़नेस को शुरू करने के दो तरीके है-

  • कंपनियों से डीलरशिप लेकर, रिटेलर व थोक विक्रेता के रूप में बिज़नेस शुरू करना
  • खुद की मैनुफैक्चरिंग कंपनी द्वारा बिज़नेस शुरू करना

1) कंपनियों से डीलरशिप लेकर, रिटेलर व थोक विक्रेता के रूप में बिज़नेस शुरू करना-

कूलर बिज़नेस को शुरू करने के निम्न पद है-

  • कूलर के बिज़नेस से जुड़ी मार्केट की जानकारी
  • बिज़नेस शुरू करने के लिए जगह लेना
  • कूलर बिज़नेस के लिए लाइसेंस को बनवाना
  • बड़ी बड़ी कंपनियों के डीलर से बात करके उनकी वेबसाइट पर जाकर डीलरशिप के लिए आवेदन करना
  • डीलरशिप लेकर मॉल ले लेना
  • ग्राहको तक मॉल को पहुचाना
  • मुनाफा कमाना

कूलर के बिज़नेस से जुड़ी मार्केट की जानकारी

बिज़नेस शुरू करने के लिए, मार्केट की जानकारी जैसे कूलरों की डिमांड, दाम, क़्वालिटी व अन्य मार्केट से जुड़ी जानकारी लेना।

बिज़नेस शुरू करने के लिए जगह

कूलर के बिज़नेस को शुरू करने के लिए जगह थोड़ा ज्यादा चाहती है, क्योंकि ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज्यादा बड़े होते हैं, तो जगह ज्यादा होने पर ही इनकी सेटिंग अच्छे से की जा सकती है, इसके लिए न्यूनतम लगभग 2000 से 2200 स्क्वायर फिट का एरिया की आवश्यकता होती हैं।

कूलर बिज़नेस को शुरू करने के लिए लाइसेंस बनवाना

कूलर बिज़नेस को शुरू करने के लिए कुछ जरूरी लाइसेंस होते हैं 

जो निम्न है-

  • फैक्ट्री लाइसेंस
  • Udhyog
  • GST number
  • MSME सर्टिफिकेशन

ये सभी लाइसेंस और आने बिज़नेस को रजिस्टर कराकर कूलर का बिज़नेस शुरू किया जा सकता है।

बड़ी बड़ी कंपनियों के डीलर से बात करके उनकी वेबसाइट पर जाकर डीलरशिप के लिए आवेदन करना

कूलर की बिज़नेस को शुरू करने के लिए बड़ी बड़ी कंपनियों के डीलर से बात करके, उनकी वेबसाइटों पर आवेदन किया जाता है, व डीलरशिप की रिक्वेस्ट की जाती है।

डीलरशिप लेकर मॉल ले लेना

कंपनी द्वारा डीलरशिप हासिल हो जाने उनके कूलर के अच्छे और मांग वाले मॉल को ले लेना, जिसे आगे ग्राहको को एक रिटेलर व व्होलेसेलर की तरह बेच सके।

ग्राहको तक मॉल पहुचाना

कंपनी के मॉल को लेकर बिज़नेस करने वाला व्यक्ति उस माल को फिक्स कस्टमर तक पहुचाता है, और मार्केट में अपनी पहचान बनाता है।

मुनाफा कमाना

मॉल को कस्टमर को बेचकर बिज़नेस करने वाला व्यक्ति मुनाफा कमाता है, और मुनाफा के बढ़ने पर अपने बिज़नेस को और बढाने की कोशिश करता है।

2) खुद की मैनुफैक्चरिंग कंपनी द्वारा बिज़नेस शुरू करना

कूलर के बिज़नेस को शुरू करने का दूसरा तरीका खुद की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी द्वारा बिज़नेस करना है।

जिसके पद निम्न है-

  • मैनुफैक्चरिंग कंपनी के लिए जगह का चयन
  • बिज़नेस के लिए जरूरी लाइसेंस बनवाना
  • कमर्शियल इलेक्ट्रिक कनेक्शन लेना
  • मैनुफैक्चरिंग मशीनरी को खरीदना
  • कच्चे मॉल या रॉ मैटेरियल को लेना
  • मैनपावर बनाना
  • कूलर बनवाना
  • टारगेटेड कस्टमर को बेचना
  • मुनाफा कमाना

मैनुफैक्चरिंग कंपनी के लिए जगह का चयन

कूलर के बिज़नेस में ज्यादा जगह की आवश्यकता होती है, इसके लिए लगभग 2200 से 2500 स्क्वायर फिट की जगह होना आवश्यक है, जहा कूलर की मैन्यूफैक्चरिंग की जा सके।

बिज़नेस के लिए जरूरी लाइसेंस बनवाना

कूलर के मैनुफैक्चरिंग बिज़नेस को करने के लिए निम्न लाइसेंस की आवश्यकता होती है।

जो मुख्यतः निम्न है-

  • Udhyog
  • MSME सर्टिफिकेशन
  • GST number
  • फैक्ट्री लाइसेंस
  • स्टेट बोर्ड से पॉल्युशन का NOC 

इसके अलावा बिज़नेस को रजिस्टर करना जरूरी होता है, ये सभी जरूरी लाइसेंस लेकर बिज़नेस करने वाला व्यक्ति बिज़नेस शुरू करता है।

कमर्शियल इलेक्ट्रिक कनेक्शन लेना

किसी भी मैनुफैक्चरिंग कूलर फैक्ट्री बिज़नेस के लिए वहां कमर्शियल तौर पर इलेक्ट्रिक कनेक्शन होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि मैनुफैक्चरिंग मशीनरी के इस्तेमाल में इनका होना बहुत जरूरी है।

मैनुफैक्चरिंग मशीनरी को खरीदना

कूलर के मैनुफैक्चरिंग बिज़नेस को शुरू करने के लिए मशीनरी का होना बहुत जरूरी है, जिनको फैक्ट्री वर्कर द्वारा कूलर को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

मैनुफैक्चरिंग की मशीनरी निम्न है-

  • शीट शेयरिंग मशीन ( यह मशीन कूलर की बॉडी बनाने में या शीट काटने में इस्तेमाल की जाती है।)
  • शीट बेन्डिंग मशीन ( यह मशीन कूलर की बॉडी बनाने में शीट मोड़ने में इस्तेमाल की जाती है।)
  • एयर कंप्रेसर स्प्रे के साथ वाली मशीन ( यह मशीन कूलर को पेंट करने के काम मे लायी जाती है।)
  • गैस वेल्डिंग मशीन ( यह मशीन बॉडी के किनारों को जोड़ने के काम मे इस्तेमाल की जाती है।)
  • ग्रिल्लिंग मशीन (यह grilling मशीन बॉडी में छेद करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, जिससे nutbolt  लगाया जा सके।)

इन सब मशीनों के अलावा मैनुफैक्चरिंग में मल्टीमीटर, स्क्रूड्राइवर, हैमर, वोल्टेज टेस्टर व अन्य जरूरी मशीनों की जरूरत होती हैं, जिसे प्रायः मार्केट से खरीदा जा सकता है।

कच्चे मॉल या रॉ मैटेरियल को लेना

कूलर की मैन्यूफैक्चरिंग का बिज़नेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती हैं उसमें लगने वाले कच्चे मॉल या रॉ मैटेरियल।

कूलर में इस्तेमाल कच्चे माल निम्न हैं-

  • Mind steel sheet
  • Submersible pump
  • 16 se 18-inch fan with motor
  • Anodized aluminum sheet
  • Anfle iron
  • Chemical
  • Cable
  • Bolt, paint
  • Screw
  • PVC pipe and cup
  • Wood wool pads

ये सभी जरूरी रॉ मटेरियल एक कूलर की मैन्यूफैक्चरिंग में इस्तेमाल किये जाते हैं।

मैनपावर बनाना या तैयार करना

किसी भी कूलर के मैनुफैक्चरिंग बिज़नेस में कूलर बनाने का कम्म वहाँ मौजूद वर्कर जो कूलर के काम मे कौशल रखते हैं, उन्हें अपने फैक्ट्री में में वर्कर के रूप में रखना, जिससे अच्छे से अच्छे क्वालिटी का कूलर तैयार किया जा सके, शुरुआत में मैनपावर लगभग 10 से 12 के करीब रख सकते हैं, और बिज़नेस के बढ़ने पर इसे मन मुताबिक बढ़ाया जा सकता हैं।

कूलर बनवाना

कूलर बनाने में कौशल रखने वाले वर्कर द्वारा कूलर की मैन्यूफैक्चरिंग पूरी किया जाता है, और सभी पार्ट्स व बॉडी को कूलर से ठीक तरीके से फिट करके तैयार कर लिया जाता है।

टारगेटेड कस्टमर को बेचना

कूलर की मैन्यूफैक्चरिंग पूरी होने पर उसे थोक व फुटकर विक्रेता व बड़ी बड़ी कंपनीयो, सरकारी विभागों, प्राइवेट सेक्टरों, डिस्ट्रीब्यूटर, शोरूम्स व अन्य जगहों पर अपने ग्राहकों को मॉल बेच देते हैं।

मुनाफा कमाना

बिज़नेस करने वाला व्यक्ति अपने टारगेटेड कस्टमर को मॉल या कूलर बेच कर मुनाफा कमाते हैं, और मुनाफा बढ़ने पर अपना बिज़नेस को और बड़े पैमाने पर बढ़ाते हैं।

खुद का कूलर कंपनी का सेटअप तैयार करना

किसी भी कूलर के बिज़नेस के लिए कंपनी भी तैयार की जाती है, 

एक कंपनी की सेटअप में जरूरी चीज निम्न है-

  • कंपनी के लिए जगह
  • लाइसेंस
  • मशीनरी
  • एलेक्ट्रिकसिटी
  • फर्नीचर
  • कूलर के पार्ट्स
  • दस्तावेज से जुड़े कामो के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य जरूरत की चीज़ें
  • वर्कर (पार्ट्स को फिट करने व बदलने के लिए)
  • एकाउंट मैनेजमेंट( डेटा को सुरक्षित रखने व कागज़ी काम के लिए, प्रॉफिट, इंवेंटमेंट आदि के काम हेतु)

ये सभी एक खुद की कूलर की कंपनी का सेटअप करने के लिए जरूरी हिस्सा है, जिसको सेटअप करके एक कंपनी को चलाया जा सकता है।

कूलर की बिज़नेस में इन्वेस्टमेंट

कूलर के बिज़नेस में शुरुआती दौर में 6 से 12 लाख लगभग लगाकर आप इस बिज़नेस को शुरू कर सकते हैं, व आगे जब मार्केट में आपके फैक्ट्री, बिज़नेस, या ब्रांड की नाम हो जाये तो मुनाफा बढ़ेगा और मुनाफा बढ़ने पर यह बिज़नेस और ज्यादा अमाउंट में इंवेंटमेंट करके और बढ़ाया जा सकता है, नई नई टेक्नोलॉजी और मशीनरी के नए दौर में अब ज्यादा अच्छी से अच्छी क्वालिटी वाले कूलर में बहुत से ऐसे पार्ट्स लगते हैं जो महंगे है, उसमे भी आप मुनाफा बढ़ने पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

कूलर बिज़नेस में मुनाफा

किसी भी बिज़नेस को करने का कारण उसमे होने वाले मुनाफे से होता है, कुछ बिज़नेस छोटे पैमाने के और कुछ बड़े पैमाने के होते हैं, जिसमे लागत भी अलग अलग लगती है, प्रोडक्शन और बिज़नेस मॉडल के अनुसार ही प्रॉफिट या मुनाफा देखा जाता है, जो घटता बढ़ता रहता है, लेकिन इन बिज़नेस में सब लेकर प्रोडक्शन और वर्कर को पेमेंट के बाद लगभग 20 से 30 % शुरू में मुनाफा होता है, जो आगे चलकर और बढ़ सकता है।

इस प्रकार कूलर का बिज़नेस करके लोग एक अच्छा मुनाफा कमाकर आने जीवन व भविष्य को उज्ज्वल बना सकते है।

हमने कूलर के बिज़नेस से जुड़ी लगभग सभी जानकारी हिंदी में देने की कोशिश की है, जिससे उनलोगों को मदद मिल सके, जो इस बिज़नेस को शुरू करना चाहते हैं, और अपना कल बेहतर बनाना चाहते है।

Thanks

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