घर बैठे सिलाई का काम कैसे करें

भारत एक विशाल देश है। जनसंख्या की दृष्टि से भारत चीन के बाद दूसरे नंबर पर आता है। भारत में बेरोजगारी की समस्या सबसे बड़ी समस्या है। चुनावों के समय नेताओं के सामने बेरोजगारी की एक सबसे बड़ा मुद्दा होती है लेकिन जब चुनाव हो जाते हैं तो मुद्दे सिर्फ फाइलों में ही कैद रह जाते हैं।

बेरोजगारी को दूर करने के लिए सरकार उतनी मात्रा में नौकरियां नहीं दे पाती जितनी मात्रा में बेरोजगारी होती है। केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है ताकि लोग आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं के लिए सरकार ने फ्री सिलाई मशीन योजना चलाई है। ताकि गरीब महिलाएं फ्री मशीन लेकर रोजगार प्राप्त कर सकें।

सिलाई का काम केवल महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी कर सकते हैं। सिलाई का काम बहुत ही आसान व सस्ता काम है। बेरोजगारी के समय सिलाई एक ऐसा काम है जिसे आप अपनी इच्छा से कहीं भी और कभी भी शुरू कर सकते हैं। अगर किसी पुरुष या महिला को कपड़े काटने या मिलने आते हैं तो वह अपना एक अच्छा बिजनेस शुरू कर सकते हैं। अगर उन्हें यह काम नहीं आता है तो वह सिलाई कढ़ाई की ट्रेनिंग भी ले सकते हैं।

आज के इस दौर में जहां बेरोजगारी की समस्या है व्यक्तियों के पास रोजगार नहीं है तो वे सिलाई का काम करके रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। जैसे जैसे समय बदलता रहता है वैसे वैसे लोगों के पहनावे में भी बदलाव आता रहता है पहले के जमाने में लोग एक प्रकार की पोशाक में ही सब काम किया करते थे आज के आधुनिक जमाने में लोग अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग प्रकार के कपड़े पहनते हैं।

ऑफिस में जाने के लिए साधारण पेंट और कमीज पहनते हैं। विवाह शादी या पार्टी में जाने के लिए अलग तरह की पोशाक पहनते हैं। त्योहारों में तो अलग ही पोशाके देखने को मिलती हैं। इसलिए आज के जमाने में सिलाई एक अच्छा रोजगार का साधन है। यदि किसी महिला या पुरुष में कपड़े सिलने का हुनर है तो वे इसे बिजनेस बनाकर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। सिलाई का काम ऐसा काम है जो अच्छा व साफ-सुथरा काम है इसमें फायदा भी अच्छा होता है। इस सिलाई के काम को बहुत ही कम पैसों में शुरू किया जा सकता है|

सिलाई का काम करने के लिए योग्यता

सिलाई का काम अगर कोई महिला या पुरुष करना चाहता है तो इसके लिए ज्यादा पढ़ा-लिखा होने की आवश्यकता नहीं होती है। अगर महिला या पुरुष आठवीं तक भी पढ़ा हो तो वह सिलाई के क्षेत्र में अपना करियर बना सकता है। अगर किसी को पहले से कटिंग सिलाई का काम आता है तो कोई परेशानी नहीं होगी परेशानी की बात उनके लिए भी नहीं है जो कटिंग सिलाई करना नहीं जानते।

आजकल के जमाने में कुछ भी असंभव नहीं है। आजकल ऐसे ऐसे कई संस्थान खुली है जो कटिंग सिलाई कढ़ाई का कोर्स करवाते हैं। अगर कोई महिला या पुरुष क्षेत्र में रोजगार करना चाहता है तो वह इन संस्थानों से ट्रेनिंग ले सकता है। ट्रेनिंग में उच्च शिक्षा की कोई बाधा नहीं है इसके अलावा अगर कोई महिला या पुरुष अनपढ़ भी हो तो वह भी सिलाई में रोजगार कर सकते हैं।

सिलाई का काम शुरू करने के लिए कोर्स की आयु सीमा-

सिलाई का कोर्स करने के लिए आयु सीमा अपने अलग अलग रखी होती है। कोई संस्थान 14 वर्ष की आयु के बाद भी कोर्स करवा देते हैं । कुछ स्थान ऐसे भी हैं जिन्होंने प्रवेश के लिए आयु सीमा का निर्धारण करा दिया होता है। उन्होंने न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष रखी होती है। कुछ ऐसे संस्थान भी होते हैं जिन्होंने आयु सीमा नहीं रखी होती है जहां पर किसी भी आयु की महिला या पुरुष सिलाई कटाई सकते हैं।

सिलाई का कोर्स करने की फीस-

सिलाई का कोर्स करने के लिए फीस का निर्धारण तो अलग-अलग स्थानों में अलग अलग होता है।फीस इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने समय तक का कोर्स कर रहे हैं। संस्थान से आपको क्या-क्या सुविधाएं मिल रही है। अगर आप महीने का कोर्स कर रहे हैं तो फिर 500 से ₹1000 तक हो सकती है।

अगर आप 6 महीने का कोर्स कर रहे हैं तो फिर ज्यादा होगी। कई ऐसे संस्थान भी होते हैं उनकी फीस का निर्धारण उसी हिसाब से होता है। सरकारी संस्थानों में कम होती है जबकि प्राइवेट संस्थानों में ₹5000 से लेकर ₹10000 तक भी हो सकती है|

सिलाई का काम शुरू करने के लिए ध्यान रखने योग्य बातें-

सिलाई का काम शुरू करने के लिए हमें कई सारी चीजों की जरूरत पड़ेगी जिनके बारे में हम एक-एक करके जानते हैं-

1. स्थान

सिलाई का काम शुरू करने के लिए सबसे पहली जरूरत होती है स्थान की जहां पर बैठकर हमें अपना काम करना होता है यह किराए की दुकान भी हो सकती है या घर पर भी किसी कमरे में काम शुरू किया जा सकता है। कई बार लोग पैसे की कमी के चलते घर पर ही कमरे में अपना काम शुरू कर देते हैं। कई लोग ऐसे होते हैं जिनके घर में जगह ना हो तो वे बाहर किराए की दुकान लेकर अपना काम शुरू कर देते हैं।

2. सही जगह का चुनाव-

दुकान खोलने से पहले यह ध्यान में रखना चाहिए कि जहां पर आप दुकान खोल रही है वहां पर लोगों के आने-जाने के कैसी स्थिति है क्या लोग आसानी से वहां पर आ जा सकते हैं। अगर दुकान किसी ऐसी जगह पर है जहां लोगों की चहल पहल रहती हो तो ज्यादा अच्छा होगा।

3. आवश्यक चीजें-

सही जगह का चुनाव होने के बाद हमें दुकान में कुछ चीजों की जरूरत होती है जैसे सिलाई मशीन, हैंगर, काउंटर ,अलमारी, कैंची ,एक स्केल, धागा, रफू मशीन आदि सारी चीजों की जरूरत होती है।

सिलाई के काम में कुछ ध्यान रखने योग्य बातें-

सिलाई के कार्य को करते समय हमें बहुत सी बातें हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए। उनमें से कुछ बातें निम्नलिखित है-

1. हमें अपने ग्राहक से कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए। ग्राहक को हमेशा आप पर विश्वास होना चाहिए। समय पर कपड़े तैयार करने चाहिए।

2. हमारे साथ अगर कोई वर्कर काम कर रहा हो तो उसे टाइम पर पैसे देने चाहिए।

3. हमें कभी अपने ग्राहकों से बहस नहीं करनी चाहिए। इससे दुकानदार की इमेज पर असर पड़ता है जिससे ग्राहक भी कम ही आते हैं। ग्राहकों के साथ हमेशाप्यार से ,विनम्रता से बात करनी चाहिए।

4. ग्राहकों के ऑर्डर तय समय पर ही तैयार कर देनी चाहिए।

5. सिलाई करते समय कपड़े का ध्यान रखना चाहिए कि कपड़ा खराब ना हो| कपड़े अच्छी तरह से प्रैस करके तैयार करने चाहिए।

6. सिलाई का काम करने वाले को ईमानदार होना चाहिए।

7. सिलाई का काम अगर हमने शुरू किया है तो हमें कुछ वर्कर की भी जरूरत पड़ती है। हमें ऐसे वर्कर अपने साथ रखने चाहिए जो काम में निपुण हो। अगर हम अप्रशिक्षित व्यक्तियों को अपने साथ रखते हैं तो इससे दुकान का नाम खराब होता है। अगर वर्करों को हम अपने साथ रखते हैं तो इसे काम जल्दी होता है। बिजनेस में भी वृद्धि होती है|

8. दुकान हमें ऐसी जगह खोलनी चाहिए जहां पर लोगों की आवाजाही ज्यादा हो। जहां लोग ज्यादा आते जाते हो तो उनके ध्यान में रहता है कि इधर कोई सिलाई की दुकान है। बाजार में दुकान होने से अच्छा फायदा होता है।

सिलाई में स्कोप-

सिलाई का काम ऐसा काम है जो कभी बंद नहीं हो सकता। बहुत से लोग होते हैं जो रेडीमेड कपड़े पसंद नहीं करते हाथ से सिले हुए कपड़े ही पहनते हैं। खास करके औरतों में इसका ज्यादा प्रचलन है वह ज्यादातर सिलवाए कपड़े ही पहनती है। एक समय ऐसा भी आया था जब अचानक से लोगों का ध्यान रेडीमेड कपड़ों के तरफ चला गया था जिसकी वजह से सिलाई बिजनेस खतरे में आ गया था। आज जमाना फिर बदल गया है। लोगों का रुझान अब सिले हुए कपड़ों की तरफ हो गया है|

अंत में हम यही कहना चाहते हैं की सिलाई का काम ऐसा काम है जो अच्छा वह साफ सुथरा काम है इसमें फायदा भी अच्छा होता है। सिलाई के इस काम को बहुत ही कम पैसों में शुरू किया जा सकता है। इसके लिए ज्यादा स्थान की जरूरत नहीं होती। आजकल लेडीज सूट को सिलवाने में ₹400 तक देने पड़ते हैं।

पैंट शर्ट सिलवाने हो तो उसकी सिलाई 800 से 1000 रुपए हो गई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हम कपड़ों की सिलाई से कितना फायदा ले सकते हैं। कपड़ों की सिलाई कटाई के काम में फायदा ज्यादा होता है और घाटे की कोई गुंजाइश नहीं होती है।

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