बहुत आसान है हॉस्टल और पीजी का व्यापार शुरु करना

आज के दौर में शिक्षा और उसके जॉब जिंदगी का अहम हिस्सा हो चुका है शायद ही ऐसा कोई परिवार हो जिसके बच्चे घर से दूर रह कर अपना भविष्य बनाने की कवायद में न लगे हो अक्सर इन बच्चों को अपने रहने खाने के लिए हॉस्टल या फिर पीजी का सहारा लेना पड़ता है हॉस्टल और पीजी की लगातार मांग बढ़ती जा रही है कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने हॉस्टल और पीजी को ही अपना पूर्णकालिक व्यापार बना लिया है अगर आपके अंदर भी हॉस्टल या फिर पीजी को ही व्यापार के रुप में अपनाने का कोई विचार चल रहा है तो फिर हमारे इस आलेख को जरुर पढ़ें हम यहां बताएंगे कि किस तरह से आप हॉस्टल या पीजी का व्यापार शुरु कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं

क्या है हॉस्टल या पीजी

किसी भी व्यापार को शुरु करने से पहले उसके बारे में भलीभांति जान लेना और समझ लेना जरुरी होता है पीजी या हॉस्टल वो स्थान है, जहां पढ़ाई करने वाले छात्रों को उनके बजट में रहने और खाने की बेहतरीन और सामूहिक सुविधा हासिल होती है. हॉस्टल और पीजी में एक बड़ा फर्क होता है

हॉस्टल किसी बड़े क्षेत्र में खोला जाता है, जहां एक साथ कई छात्रों के लिए रुम और खाने का प्रबंध होता है जबकि पीजी यानी पेइंग गेस्ट का क्षेत्र सीमित होता है. यहां किसी मकान में ही लोग परिवार या समूह में निवास करते हैं यहां रहने वाले लोगों की संख्या सीमित होती है हॉस्टल और पीजी में एक और बड़ा फर्क यह होता है कि हॉस्टल में सिर्फ पढ़ने वाले छात्रों की ही जगह मिलती है जबकि पीजी में जॉब करने वाले लोग भी रहते हैं

हॉस्टल के प्रकार

आम तौर पर तीन तरह के हॉस्टल होते हैं एक ब्वॉयज हॉस्टल, जहां सिर्फ लड़के रहते हैं दूसरा गर्ल्स हॉस्टल, यहां सिर्फ लड़कियां रहती है और तीसरा होता है मिश्रित हॉस्टल मिश्रित हॉस्टल में लड़के और लड़कियां दोनों रहते हैं इसमें दोनों हॉस्टल एक ही कैंपस में दो अलग अलग भवनों में संचालित होते हैं

हॉस्टल या पीजी खोलते वक्त आपको यह सुनिश्चित कर लेना होगा कि आप जिस कैंपस में इसे शुरु करने जा रहे हैं, वहां कमरे कितने हैं, उनकी साइज क्या है, उसमें कितने लोग रह सकते हैं आपको यह भी हिसाब किताब कायदे से कर लेना होगा कि आपकी निवेश की हुई लागत राशि भी निकल जाए और लाभ बढ़ता रहे

जगह का चयन आवश्यक

जैसा की हमने आपको पहले ही बताया कि हॉस्टल में सिर्फ छात्रों को ही जगह मिलती है, इसलिए हॉस्टल का व्यापार शुरु करने से पूर्व उचित जगह का चयन आवश्यक है छात्र ऐसे ही हॉस्टल में रहना पंसद करते हैं जो उनके कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कोचिंग या इंस्टीट्यूट के करीब हो, इसलिए ऐसे संस्थानों के आसपास ही हॉस्टल शुरु करना ज्यादा बेहतर होता है

जबकि पीजी में ज्यादातर जॉब वाले ही रहते हैं, इसलिए इसके लिए आप ऐसे जगह का चयन करें जहां से कहीं आना जाना आसान हो. विशेष तौर से इस बात का ध्यान रखें कि पीजी के आसपास से ही ऑटो, बस वगैरह मिलते हो

हॉस्टल और पीजी के व्यापार में खर्च

किसी भी हॉस्टल या पीजी को शुरु करने में सबसे पहली जरुरत भवन की होती है कोई भी रहने के लिए अच्छा, साफ सुथरा और हवादार भवन ही पसंद करता है, इसलिए भवन की व्यवस्था को सुदृढ़ करें साफ सुथरे और पर्याप्त बाथरुम और टॉयलेट की जरुरत होगी अब बारी आती है बिस्तरों की कमरे की लंबाई चौड़ाई के हिसाब से डबल बेड या ट्रिपल बेड को एडजस्ट किया जाता है कई छात्र एकाग्रता के लिए सिंगल रुम की डिमांड करते हैं इसके लिए वो अलग से पैसे खर्च करने को तैयार रहते हैं, इसलिए आपको एकाध सिंगल रुम भी रखने पड़ते हैं

खाने पीने के लिए बड़ा सा साफ सुथरा किचेन और पर्याप्त मात्रा में बर्तन खरीदना होगा इन सभी में आपका काफी पैसा निवेश हो जाएगा लेकिन ये लंबे वक्त तक आपको मुनाफा देता रहेगा कोशिश करें कि अच्छी क्वालिटी के सामानों की ही खरीद करें.

वहीं पीजी के लिए आपको कमरों को व्यवस्थित करना पड़ेगा. पीजी में रहने वाले अक्सर अटैच और सेपरेट बाथरुम की मांग करते हैं, इसका आपको ध्यान रखना होगा पीजी में रहने वाले शांतिपूर्ण माहौल चाहते हैं, आपको इस पर विशेष ध्यान देना होता है.

हॉस्टल के लिए सेटअप

एक संपूर्ण और शानदार हॉस्टल के लिए आपको कैंपस को कई एरिया में बांटना होता है जैसे रहना, खाना, किचेन, बाथरुम, रिसेप्शन एरिया और प्ले ग्राउंड अगर जगह उपलब्ध हो तो लाइब्रेरी की व्यवस्था भी कर सकते हैं

ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधाएं

हॉस्टल के लिए छात्र ग्राहक ही होते हैं और हॉस्टल दुकान आपके दुकान की ओर ज्यादा से ज्यादा ग्राहक आकर्षित हो, उसके लिए आपको विशेष ध्यान और सुविधा देनी होगी

बिस्तर :
छात्रों की जरुरत और उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए आपको उनके लिए कमरे और बिस्तर आवंटित करने होंगे आप चाहें तो एक कमरे में डबल बेड या ट्रिपल बेड भी लगा सकते हैं जिस भवन में आप हॉस्टल शुरु कर रहे हैं, वहां कमरों के साथ बड़े हॉल भी हैं तो आप वहां डबल डेकर बेड भी लगा सकते हैं

लॉकर्स :
हॉस्टल में अक्सर छात्र अपने सामान इधर उधर बिखेर कर रखते हैं ऐसे में कमरा गंदा नजर आता है इसके साथ ही सबके अपने जरुरी सामान और कागजात भी होते हैं, जिन्हें इधर उधर रखने से सामान गुम होने का खतरा रहता है इसके लिए हर छात्र का अपना एक लॉकर होना आवश्यक है, जिसमें वो अपने सारे सामानों को कायदे से सुरक्षित रख सकें. इन लॉकरों की दो चाबी रखें. एक छात्र के पास और दूसरा हॉस्टल प्रबंधन के पास चाबी खो जाने की स्थिति में दूसरी चाबी काम आ जाती है

भोजन :
हॉस्टल में रहने के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण भोजन होता है छात्रों के पास इतना वक्त नहीं होता कि वो पढ़ाई लिखाई के बाद अपने लिए भोजन बना सकें इसके लिए आपको कर्मचारियों की जरुरत पड़ती है भोजन सादा हो लेकिन स्वादिष्ट हो स्वादिष्ट और घर जैसा भोजन देने पर ही आपके यहां छात्र टिकेंगे अन्यथा वो दूसरे हॉस्टल की ओर रुख कर सकते हैं हर दिन खाने का मेन्यू बदल कर ही छात्रों को भोजन दें वैसे कई हॉस्टल ऐसे भी हैं, जहां छात्रों को खाना खुद ही बनाना पड़ता है लेकिन छात्रों की पसंद वही हॉस्टल होते हैं जहां लॉजिंग के साथ फूडिंग की सुविधा भी मिलती है

इंटरनेट :
इंटरनेट बदलते वक्त की जरुरत है अगर आपके हॉस्टल में सीनियर लेवल के छात्र रहते हैं तो उन्हें अपने साथ लैपटॉप भी रखना पड़ता है आप उन्हें वाई फाई के माध्यम से इंटरनेट की फ्री सुविधा प्रदान कर सकते हैं आज की तारीख में वाई फाई सुविधा बहुत महंगी नहीं रह गई है हॉस्टल या पीजी के व्यापार में आप छात्रों की जितनी सुविधा उपलब्ध कराएंगे, आपका व्यापार उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा आपका व्यापार जितना आगे जाएगा, आप उतने ही पैसे कमाएंगे

मार्केट रिसर्च जरुरी

हॉस्टल या पीजी खोलने में अच्छा खासा पैसा निवेश होता है, इसलिए इसे शुरु करने से पहले एक बार आपको मार्केट रिसर्च अवश्य करना चाहिए आपको इस बात का पूरा अध्ययन करना होगा कि जिस इलाके में आप इस बिजनेस को शुरु करने जा रहे हैं, वहां आसपास कितने कॉलेज, कोचिंग, यूनिवर्सिटी आदि हैं आपको यह भी ध्यान देना होगा कि वहां पहले से कितने हॉस्टल और पीजी चल रहे हैं उन सबमें सुविधाएं क्या है और उनकी फीस कितनी है. इसके साथ ही इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि आपके हॉस्टल से मेन मार्केट और सड़क कितनी दूर है

विज्ञापन का महत्व

आप ने नया हॉस्टल या पीजी शुरु किया है तो आपको इसका विज्ञापन कराना ही होगा. विज्ञापन के लिए आपको अलग से बजट फिक्स करना होगा शुरुआती दौर में विज्ञापन भी आपके व्यापार का महत्वपूर्ण अंग होता है आप इलाके के स्कूल, यूनिवर्सिटी, कॉलेज और कोंचिग संस्थानों के बाहर बैनर या पोस्टर लगवा सकते हैं पैम्फलेट वितरण करवा सकते हैं शुरुआत में आपको विज्ञापन करवाना होता है, बाद में छात्र और अभिभावक खुद चलकर आपके पास आते हैं आज के दौर में सोशल मीडिया का भी काफी महत्व है आप चाहें तो अपने हॉस्टल के नाम से फेसबुक पेज वगैरह भी बनवा सकते हैं इसमें कम पैसे में ज्यादा प्रचार हो जाता है

कितने लोगों की जरुरत पड़ेगी

हॉस्टल या पीजी का व्यवसाय किसी एक आदमी के बस के बाहर की चीज है. इसके लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की जरुरत पड़ती है सिक्योरिटी गार्ड, रिसेप्शनिस्ट, एक कुक, एक हेल्पर, दो सफाई कर्मचारी, एक पिउन और एक केयर टेकर की नियुक्ति करनी पड़ती है अगर आपकी किस्मत अच्छी है तो आपको मेहनती कर्मचारी मिल सकते हैं जो आपके व्यापार को उंचाई पर पहुंचा सकते हैं

डॉक्यूमेंट्स पर दें ध्यान

आप जिस छात्र या व्यक्ति को अपने हॉस्टल या पीजी में रख रहे हैं तो उसके सभी कागजातों की अच्छी तरह से जांच कर लें कोशिश करें कि उनके अभिभावकों से भी संपर्क कर लें या फिर वेरिफिकेशन भी करवा लें सुरक्षा की दृष्टि से ये बेहद महत्वपूर्ण बात है गलती से भी इस तथ्य को इग्नोर न करें. ईश्वर न करें, अगर कोई घटना हो गई तो आप भी नाहक में फंस जाएंगे, इसलिए कागजी कार्यवाही में कोताही न बरतें

किसी को भी अपने पीजी या हॉस्टल में रुम देने से पहले उसके पहचान पत्र, आधार, फोटो वगैरह ले लें और उसकी एक अलग फाइल बना लें एक फाइल में सभी रहने वालों की पूरी जानकारी रहने से आपको सुविधा होगी

रुम लेने और खाली कराने की प्रक्रिया

किसी भी नए व्यक्ति को कमरा देने से पहले उससे बतौर सिक्योरिटी एक महीने का किराया एडवांस लें इससे यह होगा कि वो व्यक्ति अगर किसी कारणवश आपको समय से किराया न दे पाए तो वहां एडवांस में मिले पैसे से ही किराया वसूल कर लें

अगर आप किसी से अपना कमरा खाली करवाना चाहते हैं तो उसे एक महीना पहले ही नोटिस जारी कर दें हॉस्टल में रहने वाला कोई व्यक्ति भी रुम खाली करना चाहता है तो उसे भी हॉस्टल प्रबंधन को एक महीना पहले सूचित करना होगा हॉस्टल में आने के दौरान ही इस नियम की सख्त हिदायत दे दें इससे आपको कमरे में रखने के लिए किसी का इंतजार नहीं करना होगा

अगर आप अपने हॉस्टल या पीजी के व्यापार को लेकर गंभीर हैं और इसे आगे बढ़ाना चाहते हैं तो आपको नियमित रुप से अपने हॉस्टल में जाना होगा वहां रहने वालों की समस्याओं और परेशानियों को सुनना होगा और यथासंभव, यथाशीघ्र इसका निपटारा करना होगा इससे आपकी विश्वसनीयता बनेगी और आपके हॉस्टल और पीजी का व्यापार निरंतर सफलता की ओर अग्रसर होता जाएगा

लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन

बहुत सारे जगहों पर देखा जाता है कि लोग लाखों रुपये निवेश कर हॉस्टल और पीजी तो खोल लेते हैं पर उसके लिए लाइसेंस और परमिशन नहीं लेते. जागरुक अभिभावक या छात्र ऐसे हॉस्टल में रहना पसंद नहीं करते, इसलिए बेहतर होगा कि आप सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपने हॉस्टल और पीजी का रजिस्ट्रेशन करा लें.

ट्रेड लाइसेंस :
ट्रेड लाइसेंस वो दस्तावेज है जो सरकार की ओर से जारी किया जाता है. इस लाइसेंस का आशय होता है कि सरकार आपको यह अनुमति दे रही है कि आप अपना व्यापार जारी रखें

एफएसएसएआई :
आप अपने हॉस्टल में रहने वालों को बेहतर भोजन वगैरह मुहैया करवा रहे हैं या नहीं ! आपके हॉस्टल में बनने वाले खाने की क्वालिटी कैसी है, इसके लिए एफएसएसएआई आवेदन देकर लाइसेंस प्राप्त करना होता है यह लाइसेंस आपको स्थानीय खाद्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जांच के उपरांत निर्गत की जाती है

एनओसी :
एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र. एनओसी नगर निकायों की ओर से जारी होने वाला दस्तावेज है इसमें आपको स्थानीय पुलिस थाने को अपने व्यवसाय की सूचना और उसकी चौहद्दी और परिसर की संपूर्ण जानकारी से अवगत कराना होता है पुलिस विभाग द्वारा साधारण से जांच और आपके द्वारा दी गई जानकारी से मिलान कर आपको एनओसी सौंप दिया जाता है

इस आलेख में हमनें आपको हॉस्टल और पीजी व्यापार शुरु करने संबंधी तमाम तथ्यों से अवगत कराया है हमें उम्मीद है कि ये आपको बेहद पसंद आएगा और आपके लिए लाभकारी साबित होगा.

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