गरीब महिलाओं के लिए भारत सरकार द्वारा रोजगार योजना

महिलाओं के विकास के बिना समाज की उन्नति असंभव है| इसीलिए सभी देश महिलाओं के विकास पर जोर दे रहे हैं| भारत की महिलाओं के लिए रोजगार एवं प्रशिक्षण सहयोग योजना 1986-87 में शुरू की गई थी| जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी गरीब महिलाओं का विकास करना है|

विश्व के अन्य देशों के साथ-साथ भारत में महिलाओं के रोजगार वह महिला सशक्तिकरण पर ध्यान दे रहे है| कई प्रकार की योजनाओं के द्वारा सरकार महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा और भेदभाव के प्रति सजग हो रही है| भारत सरकार महिलाओं के लिए विभिन्न रोजगार योजनाएं चला रही है ताकि वे आर्थिक रूप से संपन्न हो और समाज में उनका सम्मान हो | यह योजनाएं पीड़ित और कमजोर महिलाओं की सहायता कर रही हैं|

भारत सरकार द्वारा महिला रोजगार के लिए चलाई जा रही योजनाएं इस प्रकार हैं-

1. महिला स्वरोजगार योजना-

महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए और उनके व्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकारों ने महिला स्वरोजगार योजना चलाई है| इस योजना से गरीब महिलाओं को रोजगार मिलता है| राज्य सरकारों द्वारा इस योजना को इसलिए शुरू किया जा रहा है ताकि रोजगार पाकर महिलाएं अपनी प्रतिदिन की जरूरतों का खर्च उठा सकें इसके लिए महिलाएं किसी पर निर्भर ना रहे|

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है| यह योजना 2005 में शुरू की गई थी लेकिन इस योजना में कुछ कमियों के रहते हुए इसका लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था इसलिए राज्य सरकारों ने इस योजना को सफल बनाने के लिए कई बदलाव किए ताकि यह योजना सफल हो सके|

इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को ₹2500 सहायता राशि प्रदान की जाती थी| जिसे अब राज्य सरकारों ने बढ़ाकर ₹5000 कर दिया है। महिलाओं को यह राशि व्यावसायिक यंत्रों को खरीदने के लिए दी जाती है। ताकि इससे महिलाएं अपना रोजगार शुरू कर सकें।

महिला स्वरोजगार योजना की विशेषताएं-

1) रोजगार के अवसर-

इस योजना में दिए जाने वाले प्रशिक्षण से महिलाओं को कई तरह के रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं जैसे महिलाएं कढ़ाई, बुनाई , पान , फूल ,फल या सब्जी की दुकानें, अचार डालना, सिलाई सेंटर आदि खोल कर अपने परिवार का पालन पोषण कर सकती है

2) विकलांग व गरीब महिलाओं को सुविधा-

इस योजना से गरीब महिलाओं विकलांग, शारीरिक रूप से अक्षम महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है| ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू करके रोजगार प्राप्त कर सकें।

3) महिलाओं को शक्ति करण बनाना-

इस योजना के माध्यम से राज्य ऐसी महिलाओं को जो पिछड़े क्षेत्र से संबंध रखती हैं ,उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है, उन्हें जागरूक करना है ताकि उनका सशक्तिकरण हो सके|

महिला स्वरोजगार योजना की पात्रता शर्तें-

1) महिला स्वरोजगार योजना से लाभ उठाने के लिए लाभार्थी की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
2) स्वरोजगार योजना में केवल गरीब महिलाओं को ही रोजगार के लिए पैसा दिया जाता है|
3) परिवार की वार्षिक आय 35 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए|
4) इस योजना का लाभ केवल राज्य की महिला ही ले सकती है महिला राज्य की स्थाई निवासी होनी चाहिए|

महिला स्वरोजगार योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज-

1) इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला के पास राज्य का मूल निवासी प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
2) आवेदन कर्ता के पास बैंक खाता कामा पासबुक होनी चाहिए।
3) आवेदन कर्ता के पास वोटर कार्ड, आधार कार्ड , राशन कार्ड जैसे प्रमाण पत्र होना चाहिए।
4) आवेदन कर्ता की आय का प्रमाण पत्र होना चाहिए।
5) आवेदन कर्ता का जाति प्रमाण पत्र होना चाहिए।

2) स्वयं सहायता समूह योजना-

स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत महिलाओं को बचत करना सिखाया जाता है। महिलाएं अपनी बचत का थोड़ा सा हिस्सा इन स्वयं सहायता समूह में जमा करवाती रहती हैं। अगर कोई महिला अपना रोजगार शुरू करना चाहती है तो उसे स्वयं सहायता समूह से ऋण प्रदान किया जाता है।

बैंक ऐसे स्वयं सहायता समूह को और अधिक आर्थिक मदद प्रदान करते हैं। स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की संख्या कम से कम 10 और ज्यादा से ज्यादा 20 होनी चाहिए। स्वयं सहायता समूह में इकट्ठे पैसे से महिलाएं गांव में सूक्ष्म या लघु उद्योगों की शुरुआत कर सकती है। जिससे समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिलता है और उन्हें आय प्राप्त होती है।

स्वयं सहायता समूह योजना के उद्देश्य-

1) इस योजना का उद्देश्य बैंकों एवं ग्रामीण गरीब जनता के बीच परस्पर भरोसा पैदा करना है।
2) ग्रामीण दिलीप महिलाओं में बचत व ऋण दोनों तरह के बैंकिंग कार्यों को प्रोत्साहन देना है|
गरीब महिलाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ऋण संबंधी नीतियों का विकास करना इस योजना का उद्देश्य है।

स्वयं सहायता समूह योजना के लाभ-

1) स्वयं सहायता समूह के निर्माण होने से दूसरे अन्य संस्थाओं पर महिलाओं की पैसों पर निर्भरता कम हो जाती है|
2) स्वयं सहायता समूह को बैंकों से धन दिया जाता है जिससे पैसे के लेनदेन में आसानी हो जाती है|
3) स्वयं सहायता समूह मैं किसी महिला को नेतृत्व दे दिया जाता है जो सारे समूह के प्रबंधन का काम करती है|
इस समूह से महिलाएं अपनी छोटी सी बचत मैं से जरूरत पड़ने पर या आपातकालीन स्थिति अपने समूह के कार्य के लिए पैसों का प्रयोग कर सकती है|

स्वयं सहायता समूह के चयन हेतु शर्तें-

1) सहायता समूह के सदस्यों की संख्या 10 से 20 के बीच होनी चाहिए|
2) समूह की स्थापना तथा इसके उद्देश्यों के प्रति बैंक संतुष्ट होना चाहिए|
3) समूह को अपने पास सामान्य रिकॉर्ड रखना चाहिए|

इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला के पास राज्य का मूल निवासी प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।

3) मुफ्त सिलाई मशीन योजना

मुफ्त सिलाई मशीन योजना को हमारे देश के प्रधानमंत्री के द्वारा देश के गरीब व शिक्षित महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए शुरू किया जा रहा है। योजना के अनुसार भारत सरकार देश की करीब और कामकाजी महिलाओं को फ्री में सिलाई मशीन उपलब्ध कराएगी।

योजना के अनुसार महिलाएं सिलाई मशीन को मुफ्त प्राप्त कर सकेंगे और फ्री सिलाई मशीन से अपना खुद का रोजगार घर बैठे शुरू कर सकती है जिससे वे कपड़े सिलाई करके अच्छी आय प्राप्त कर सकती हैं फ्री सिलाई मशीन से अपना खुद का रोजगार घर बैठे शुरू कर सकते हैं जिससे वह कपड़े सिलाई करके अच्छी आय प्राप्त कर सकती है।

फ्री सिलाई मशीन योजना के अंतर्गत सरकार देश के हर राज्य में 60,000 से अधिक महिलाओं को फ्री में मशीन प्रदान करेगी | इस योजना के अंतर्गत देश की जो गरीब व इच्छुक महिलाएं वह सिलाई मशीन प्राप्त करना चाहती है उन्हें इसके लिए आवेदन करना होगा। इस योजना के अंतर्गत केवल 20 वर्ष से 40 वर्ष की आयु के महिलाएं ही भाग ले सकती है |

मुफ्त सिलाई मशीन योजना के लाभ –

1)  इसी योजना के अंतर्गत देश की गरीब महिलाओं को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा।
2)  महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि में रोजगार प्राप्त करके आत्मनिर्भर बन सकें।
3) यह योजना महिलाओं को मुफ्त में सिलाई मशीन उपलब्ध कराएगी।
4) मुफ्त सिलाई मशीन प्राप्त करके महिलाएं घर बैठकर लोगों के कपड़े सिलाई करके आमदनी प्राप्त कर सकती हैं।

मुफ्त सिलाई मशीन योजना की पात्रता शर्तें-

1) आवेदन करने वाली महिला की आयु कम से कम 20 वर्ष और ज्यादा से ज्यादा 40 वर्ष होनी चाहिए।
2) महिला के पति की वार्षिक आय ₹14000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3) देश की विकलांग विधवा महिलाएं भी योजना के लिए पात्र हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती है।

सिलाई मशीन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज-

1) आवेदन करने वाली महिला का आयु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र होना चाहिए।
2) यदि महिला विकलांग हो तो डॉक्टर से विकलांगता का प्रमाण पत्र अवश्य लेना होगा|
3) आवेदिका के पास आधार कार्ड होना चाहिए|
4) पासपोर्ट साइज फोटो होनी चाहीए|

अतः सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। अतः केंद्र सरकार समय-समय पर महिलाओं को रोजगार प्रदान करने वाली योजनाएं शुरू करती है जिससे गरीब महिलाओं को रोजगार मिल सके और महिलाओं को आय प्राप्त हो सके|

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आज के समय में महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए और उनके विकास के लिए कई सारे कार्य किए जा रहे हैं| ताकि हमारे देश की गरीब , पिछड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें| इसलिए भारत सरकार और राज्य सरकार कई प्रकार की योजनाएं चला रही हैं| किसी भी देश का विकास तभी होता है जब उस देश की महिलाओं का विकास हो|

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