Goat Farming | बकरी पालन व्यवसाय कैसे शुरू करें जानें पूरा तरीका

Goat Farming | Bakri Palan व्यवसाय कैसे शुरू करें | बकरी पालन से कमाई की पूरी जानकारी 

बकरी पालन भारतीय समाज का बहुत ही पुराना व्यवसाय रहा है बकरी पालन को सदैव किसानी से जोड़ कर देखा जाता रहा है जो भी किसानी करता है वो साथ-साथ बकरी पालन भी करता ही है लेकिन किसानी करने और बकरी पालन में काफी अंतर है दोनों ही अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग प्रशिक्षण के माध्यम से मुनाफे की लागत तक पहुँचते है

अगर हम बात करें ग्रामीण रोजगार की तो यहां आपके लिए एक बेहतर विकल्प है गोट फार्मिंग यानी कि बकरी पालन,आपको नाम सुनकर थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन जब आप इसके फायदे जानेंगे तो आप अपनी सोच बदल देंगे ,क्योंकि आज सफलता की दौड़ में सब एक दूसरे से आगे निकलना चाहते हैं वही बकरी पालन आप सब के लिए एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है ,लेकिन आपको इसके लिए गंभीर होना होगा और मेहनत के साथ समय भी देना होगा।

पहले गाँव के लोग बकरी पालन सिर्फ निजी जरूरतों के लिए ही किया करते थे परन्तु अब बकरी पालन एक व्यवसाय के रूप में विकसित हुआ है। सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही नही बल्कि शहरी इलाकों में भी बकरी पालन का व्यवसाय बड़े पैमाने पर किया जा रहा है जिसे हमलोग goat farming  के नाम से भी जानते है। आज हम आपको इसी व्यवसाय से संबंधित जानकारी देने वाले है।

Table of Contents

बकरी पालन व्यवसाय से क्या फायदा होता है?

1. बकरी पालन के अनेक फायदे हैं जिससे हमें अच्छा पैसा मिल सकता है।

2. यह कम व्यय में एक समयावधि में अच्छा व्यापार साबित हो सकता है।

3. बकरी पालन से हम दूध ,मांश ,खाल प्राप्त कर सकते हैं।

4. सरकार भी ऐसे फार्मिंग के लिए अनेक प्रकार की आर्थिक और तकनीकी सहायता देती है।

5. कुछ समय बाद जब आपकी बकरियां बच्चे देने लगेंगी उसके बाद आपका व्यापार बड़ा होने लगेगा लेकिन इसके लिए मेहनत और धैर्य की आवश्यकता है।

6. बकरी के दूध से अनेक दवाएं बनती है जिससे बकरी के दूध की मांग सदैव ही बनी रहती हैं।

7. बकरी के दूध में प्लेटलेट्स की मात्रा जल्दी से बढ़ाने का गुड़ मौजूद होता है।

बकरी पालन व्यवसाय कैसे शुरू करें?

आप निम्नलिखित बिन्दुओं पर विचार करके सही योजना बकरी पालन के लिए बना सकते हैं: 

बकरी पालन के लिए स्थान का चयन

अगर स्थान की बात करें तो बकरी पालन व्यवसाय बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है। अगर आप इस व्यवसाय को बड़े पैमाने पर करना चाहते है तो आप इसके लिए एक बड़ी जगह चुन लें जो थोड़ी भीड़ भाड़ से अलग हो क्योंकि जानवरों को शांत जगहें ही अच्छी लगती है। अतः आप इसके लिये ऐसी ही किसी जगह का चुनाव करें जो शहरी भीड़ भाड़ से दूर हो । इसके साथ ही साथ बकरी पालन की जगह के आस पास पेड़ पौधें ज्यादा हो ताकि आपके जानवर अच्छे से चर सकें।

बकरी शेड निर्माण योजना करे –

जब आपने बकरी फार्म के लिए सही स्थान का चुनाव करलिए तो अब आपको बकरी की शेड का निर्माण करने का योजना बनाना होगा की बकरियां कैसे सुरक्षित पल सके इसके लिए आपको एक अच्छा साफ,स्वच्छ शेड की आवश्यकता होगी बकरी के शेड बनाने के 2 प्रकार होते है

एक जमीन पर और जमीन से कुछ उंची पे दोनों में फर्क यह हैं की अगर आप जमीन से ऊंची शेड बना रहे हैं उसका लागत थोड़ा ज्यादा आता हैं और जो शेड जमीन पर बना रहे हैं उसका खर्च थोड़ा कम होता हैं लेकिन जो शेड जमीन के उप्पेर बनाया जाता हैं उसका फ़ायदा बहुत ज्यादा होता हैं

बकरी का शेड बनवाना आप के एरिया पर निर्भर होता हैं अगर आपके एरिया में बारिश यह सर्दी ज्यादा हैं तो आपको जमीन के उपर ही शेड बनवाना चाहिए अगर आपके जगह में बारिश यह सर्दी कम रहती हैं तो आप जमीन पे भी शेड बनवा सकते है यह सब चीज़ आप पर निर्भर है आपको कैसे बनवाना हैं

जमीन के उपर शेड बनवाने से बकरी जो बीमार होती हैं वो भी बहुत कम हो जाता हैं वही अगर आप जमीन पर शेड बनवाते हैं तो बकरियों का बीमार होना का ज्यादा डर होता हैं जो सफ़ाई हम जमीन के उप्पेर वाले शेड में रख सकते हैं उतना सफ़ाई हम नीचे नहीं रख सकते हैं तो यह हैं इन दोनों का फर्क 

कोन सा शेड का निर्माड करे…कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखें?  

यह बात बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं आपका बजट कितना है आपके पास शेड बनाने के लिए कितना पैसा हैं अगर बजट काम हैं आप छोटे तोर पर बकरी पालन शुरू करने की सोच रहे है तो आप जमीन पर ही शेड बना सकते हैं अगर आपके पास बजट ज्यादा हैं तो आप high quality वाला शेड बनाये जो जमीन के उप्पेर बनता हैं 

1) बकरियों का शेड बनाते समाये यह भी सही से धयान रखे की शुद्ध हवा आने जाने के लिए कोई जगह खुला हो ताकि बकरियों को शुद्ध हवा हमेशा मिलते रहे

2) शेड बनाते समाये बकरियों के लिए शुद्ध पीने का पानी के लिए भी सही व्यवस्था रखे उसके लिए आप अपने जमीन में एक बोरिंग करवा ले ताकि बकरियों को हमेशा शुद्ध पानी मिलता रहे

3) बकरियों के घर में पानी निकलने का उचित व्यवस्था रखे ताकि जब भी आप अपनी बकरी शेड की सफाई करे तो  बकरियों का मल-मूत्र और पानी आराम से शेड से बहार निकल जाये  उसके लिए जमीन थोड़ी ढाल बनवा दे

4) बकरी घर की दाहिने बाई और पीछे की दीवार की लम्बाई कम से कम 15 फिट का रखे और दीवार उसकी 10 इंच मोटी बनवाये ताकि शेड के अंदर का तापमान Normal रहे शेड का छत एल्बेस्टर का बनवा ले यह सस्ती और अच्छी होती हैं

5) शेड के अंदर 3 भाग बनवाये ताकि बकरी बकरा और छोटे बच्चे सब अलग अलग रहे

6) शेड में खाने पीने वाले बकरियों के बर्तन की हमेशा साफ़ सफाई करते रहे ताकि बकरियों को बिमारी से बचाया जा सके 

7) बकरियों की रहने की जगह शहर से काफी दूरी पर होना चाहिए 20 बकरियां होतो एक एकड़ की जमीन काफी है  बकरियों की रहने की जगह पर हरे चारा की उत्पत्ति का साधन होतो काफी फायदेमंद और मुनाफा भरा रहेगा इससे कम खर्चे में बकरियों को पोष्टिक चारा मिलेगा 

बकरी पालन व्यवसाय के लिए कितनी जगह चाहिए?

आपने अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में देखा होगा कि प्रायः हर घरों में महिलाएं बकरी जरूर पालती है फिर चाहे वो निजी जरूरतों के लिए हो या फिर व्यवसाय के लिए बकरी पालन किया जाता हो। अगर जगह की बात करें तो यह बकरी पालन व्यवसाय के स्तर पर भी निर्भर करता है जैसे 

  • छोटे स्तर पर बकरी पालन का व्यवसाय

बकरी पालन व्यवसाय छोटे स्तर पर करने के लिए आपको एक कमरा तैयार करना होगा। आप चाहें तो उसके ऊपर शेड लगाकर भी बकरियां को रख सकते हैं। चूंकि बकरियां झुंड में रहना पसंद करती है अतः आप एक साथ 4 से 5 बकरियां रख सकते हैं ।बकरियों के चरने के लिए आपके पास थोड़ी जगह भी होना चाहिए । अगर आप छोटे स्तर पर बकरी पालन करना चाहते हैं तो इसके लिए कम से कम आपको 40 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता पड़ती है।

  • बड़े स्तर पर बकरी पालन (Goat farming)

अगर आप बड़े स्तर पर बकरी पालन का व्यवसाय करना चाहते है जिसे हमलोग Goat farming के नाम से भी जानते हैं तो इसके लिए आपको बड़ी जगह की जरूरत पड़ती है जहाँ आप ज्यादा संख्या में बकरी पालन का व्यवसाय कर सकें। इसके अलावा आपको बकरियों के चरने के लिए बड़े जगह की भी आवश्यकता पड़ती है जहाँ पर्याप्त मात्रा में पेड़ पौधें मौजूद हो इसलिए इस तरह के बकरी पालन व्यवसाय के लिए शहर से दूर की जगह ली जाती है।  जिसके आस पास जंगल भी हो । अगर जगह की बात करें तो इसके लिए आपको 1000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता पड़ सकती  है।

बकरी पालन व्यवसाय के लिए बकरी की सही नसल का चुनाव करे (Goat bread selection) 

जब आपने बकरी फार्म के लिए सही स्थान चुन कर बकरी का शेड बनवा चुके हैं तो अब आपको बकरी की सही नस्ल चुन कर बकरी पालन का व्यवसाय शुरू करना होगा दोस्तों भारत में कई तरह की नस्ल की बकरी पाई जाती हैं कोई दूध और कोई मांस के लिए पहचानी जाती हैं लेकिन हमें वो नस्ल की बकरी का चुनाव करना होगा जो दूध और मांस दोनों के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं  

हर कोई नस्ल की बकरी लाभदायक नहीं होती हैं सही नस्ल की बकरी के चुनाव के लिए हमें सब से पहले यह बात ध्यान रखना हैं की हम जिस जगह में रहते हैं वहाँ का वातावरण कैसा है उस जगह के वातावरण का मूल्यांकन कर लेना बहुत आवश्यक है तभी इस बात की जानकारी होगी की विभिन्न वातावरण में कौन-कौन सी नस्ल की बकरियां पाली जा सकती है

कुछ नस्ल की बकरियां दूसरे जगह यह वातावरण में नहीं रह पाती हैं जैसे की अगर आप पंजाब में रहते हैं तो वहां आपके लिए बीतल (Beetal) बकरी का चयन सब से लाभदायक होगा यह सब को ध्यान में रख के चुनाव करे ताकि बिजनेस में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा मिल सके 

भारत में कुछ महत्वपूर्ण बकरियों की उपयोगी नस्लें जैसे की: 

1) जमुनापारी (Jamunapari)
2) सिरोही (Sirohi)
3) बर्बरी (Barbara) 
4) बोअर (Boer)
5) सुरति (Surti)
6) बीतल (Beetal)
7) ओस्मनाबादी (Osmanabadi)
8) झाकरण (Jhakrana)
9) सोजत (Sojat)
10) ब्लैक बंगाल (Black bengal) 

Imp Note : बकरियों के नेसल के बारे में अधिक जानकारीके लिए यहाँ से पढ़े

बकरियों को कौन सा चारा खिलाना चाहिए?

अब बात आती है बकरियों के खाने की ,जहां हम बात करेंगें की बकरियों को अच्छी सेहत के लिए खाने में क्या देना चाहिए।

1. बकरियों को खाने में अच्छा भूसा देना चाहिए और साथ मे बकरियों के दाने का प्रयोग करें।

2. बकरियों को दिन के समय खेत या फार्म पर घास खिलाने के लिए ले जाना चाहिए जिससे उन्हें हरी घास भी मिलेगी और उनके चलने से पैर और शरीर को मजबूती मिलेगी।

3. बकरियों के भोजन में हर रोज हरे चारे का प्रयोग उनके पाचन और स्वाथ्य को अच्छा करता है।

4. बकरियों को ज्यादा मात्रा में अनाज खिलाने से बचें।

5. अच्छे पाचन के लिए बकरियों के भोजन में पाचन चूर्ण का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

6. खाने के साथ बकरियों को आवश्यकता अनुसार पानी भी पिलाना भी जरूरी होता है।

बकरियों के प्रजजन का सही समय –

बकरियों को 15 से 18 माह की आयु में गर्भित करना ठीक होता है अच्छी देखभाल से इस आयु तक बकरियों का वजन 21 से 24 किलो के बीच हो जाता है कम वजन की बकरियों का गर्भित होना हानिकारक माना जाता है, इस वजह से गर्भित काल में बकरी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चों की मृत्यु की ज्यादा संभावना रहती है

बकरी जब गर्म होने लगे तो उसे 12 से 24 घंटे के भीतर बकरे के पास छोड़ देना चाहिए, जिससे बकरी को गर्भ धारण करने में आसानी होती है बकरियां 6 से 7 माह में बच्चे पैदा करती है और एक साथ बकरियां 2 से 3 बच्चे पैदा करती है

बकरियों का टीकाकरण (Goat Vaccination)

बकरियों को रोगमुक्त रखने के लिए उसे समय-समय पर टीकाकरण और डीवॉर्मिंग जरुर करवाते रहना चाहिए पैर और मुहं के रोग में (एफएमडी), गोट प्लेग के रोग (पीपीआर), हेमोरेगिक सेप्टिसेमिया (एचएस), एंथ्रेक्स, गोट पोक्स से संबंधित टीकाकरण और डीवोर्मिंग समय-समय पर कराते रहना चाहिए , जिससे बकरियां सामान्य रूप से अपना विकास कर पाए और हष्ट-पुष्ट रहे

बकरी में कौन कौन सी बीमारी होती है?

जैसे कि बीमारियां इंसानों में पाई जाती हैं ऐसे ही बकरियों में भी बीमारियां हो जाती हैं जो जीवाणु या वायरस के द्वारा हो सकती हैं जिनमे से कुछ खाश बकरियों की बीमारियां निम्न हैं-

निमोनिया या जुकाम

बकरियों में सर्दी अधिक ही जाती है जिससे उन्हें निमोनिया या जुकाम हो सकता है या हल्का जुकाम बाद में निमोनिया का रूप ले सकता है ऐसे में उनमें निम्न लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं जैसे – नाक बहना ,खाँसना ,छींकना या मुह खोलकर सांस लेना ,नाक से तरल का बहना आदि।

उपचार- एंटीबायोटिक 3-5 ml 5 दिन तक दे सकते हैं

आफरा

इस रोग के कारण मुख्यतः बकरियों में पेट फूलना,पेट दर्द करना ,जुगाली न करना ,सांस लेने के तकलीफ होना आदि लक्षण आ जाते हैं जिसके लिए उन्हें सही उपचार देना जरूरी होता है।

उपचार-इसके लिए बकरियों को खाने का सोडा 10-20 ग्राम देना चाहिए ठीक न होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।

खुरपका /मुंहपका

इस रोग में बकरियों के मुंह और खुर(पंजो)के छाले हो जाते हैं जिससे उन्हें चलने और खाना खाने में तकलीफ होती है और बे उच्चताप आदि की शिकार हो जाती हैं, बे जुगाली भी नही कर पातीं।

उपचार-इसके लिए बकरी के पैर को डेटॉल से धोएं और फिर लोरेक्सन लगाएं,बुखार के लिए डॉक्टर से सम्पर्क कर इंजेक्शन लगबाएँ।

दस्त-

इसमें बकरी को मल काफी पतली और तरल रूप में बार-बार आते हैं जिससे बकरियों का शरीर कमजोर हो जाता है। उपचार-इसके लिए उन्हें 15 से 20 ग्राम नेबलोंन पाउडर दिया जा सकता है अथवा डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें।

बकरियों की साफ-सफाई-

बकरी पालन में साफ-सफाई का अच्छा ध्यान रखना होता है ,जैसे कि उनके मल और मूत्र को साफ कर उनको एक अच्छा वातावरण देंना।सारी बकरियों को समय-समय पर नहलाना भी चाहिए। महामारी के समय सभी बकरियों को बैक्सीन भी लगवाना चाहिए।

बकरी पालन व्यवसाय करने में कितना खर्च आता है?

बकरी पालन करना एक व्यवसाय है जिसे आप छोटे पैमाने पर भी कर सकते हैं । आप चाहें तो छोटी सी जगह पर भी बकरी पालन कर सकते है क्योंकि बकरियां झुंड में रहना पसंद करती है अतः आप कम जगह में भी एक से ज्यादा बकरियां पाल सकते हैं। आप 25 से 30 हजार खर्च करके भी बकरी पालन कर सकते हैं और अगर आप इसे बड़े पैमाने पर करना चाहते है जिसे goat farming कहते है तो बकरियों के रहने के स्थान के निर्माण से लेकर दाना पानी आदि के खर्चो के लिए कम से 2 से 3 लाख तक का खर्च आ सकता है। 

बकरी पालन व्यवसाय से कमाई कितनी होती है?

बकरी अथवा उसके दूध को बेचने के लिए आपको अपने आसपास अच्छे बाजार को तलाशना होगा जहां आप अपनी बकरियों अथवा दूध को बेंच पाएं,आप चाहे तो आप दूध के लिए किसी डेयरी से भी बात कर सकते हैं,बकरियों को उनके बजन के अनुसार बेंचे ताकि लाभ अधिक हो ,यहां किसी दलाल या विचौलिए से बचके रहें,आमतौर पर एक 30 किलोग्राम के मादा बकरे का मूल्य 12000 या अधिक होता है इस हिसाब से यदि हर साल 20 बकरियों से 10-12 बकरे प्राप्त होते हैं तब 12000×12 =144,000 रुपए होते हैं जो हर साल बढ़ती रहेगी और आपके दूध का विक्रय अलग होता ही रहेगा साथ ही नई मादा बकरी भी बढ़ती रहेंगी।

बकरी पालन व्यवसाय के लिए लोन कैसे मिलेगा?

बेरोजगारी को दूर करने के लिए बकरी पालन को एक अच्छा व्यवसाय माना गया है जिसे स्त्रियां भी घर के काम काज के साथ ही साथ बड़ी ही आसानी से कर सकती है। यदि आप भी बकरी पालन के इच्छुक है और आप के पास पर्याप्त राशि नही है तो चिंता की कोई भी बात नही है क्योंकि भारत सरकार बकरी पालन के लिए लोन भी प्रदान करती है तो चलिये जान लेते है कि सबसे पहले लोन के लिए किन किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फ़ोटो
  • आवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाती प्रमाण पत्र
  • भारत के किसी भी बैंक में खाता
  • पिछले 6 महीनों का बैंक स्टेटमेंट
  • बकरी पालन प्रोजेक्ट का रिपोर्ट
  • भूमि पर मालिकाना अधिकार का प्रमाण पत्र

इन दस्तावेजों के साथ आप अपने नजदीकी बैंक में जाकर बकरी पालन योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते है जहाँ से आपको बहुत ही कम व्याज दर पर लोन मिल जाता है। 

बकरी पालन व्यवसाय लोन योजना

अगर आप भी बकरी पालन व्यवसाय करना चाहते है तो इसके लिए सरकार आपकी पूरी मदद करती है। आप शायद सुन कर चौंक जाएंगे पर जो लोग बकरी पालन का व्यवसाय करना चाहते है परंतु पूंजी की कमी से वे ऐसा कर नही पाते हैं। ऐसे लोगों को सरकार बकरी पालन करने के लिए लोन भी देती है । लोन की राशि और अवधी बैंक के द्वारा तय की जाती है वहीं आपको लोन की राशि के ऊपर सरकार सब्सिडी भी देती है । हम नीचे आपको बताने वाले है कि आप किन बैंको से ये लोन ले सकते है – 

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के किसी भी नजदीकी शाखा में जाकर आप आवेदन कर सकते है ।  
  • नाबार्ड के अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण बैंक / शहरी बैंक / सहकारी बैंक बकरी पालन के लिए लोन प्रदान करती है ।
  • कैनरा बैंक भी बकरी पालन के लिए लोन देती है ।
  • आई डी बी आई बैंक से भी आप बकरी पालन के लिए लोन ले सकते है ।
  • इसके अलावा आप प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के अंतर्गत भी बकरी पालन के लिए लोन ले सकते है ।

बकरी पालन व्यवसाय लोन योजना 2022 सरकार के द्वारा चलाई गई स्किम है जिसमें सरकार बकरी पालन करने के लिए बहुत ही कम दरों पर 40 लाख तक की लोन राशि प्रदान करती है। हर राज्य की सरकारें बैंकों और NABARD (national bank for agricultural and rural development) के साथ मिलकर बकरी पालन के लिए अलग अलग तरह की सब्सिडी योजनाएं प्रदान करती है।

बकरी पालन व्यवसाय में जरूरी बातें –

सर्वप्रथम आपको बकरी पालन के लिए ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी जिससे आप आधुनिक तरीकों से कम लागत में अधिक मुनाफा ले सकते हैं,कई प्राइवेट और सरकारी संस्थाएं इसके लिए कार्यरत है लेकिन आपको इसके लिए कुछ पैसे भी खर्च करने पड़ सकते हैं।

ट्रेनिंग के बाद आपको जरूरत होगी भूमि की जहां आप बकरी पालन करना चाहते हैं ,लेकिन आप बकरी पालन कि भूमि सुनिश्चित करने से पहले ये देख लें कि भूमि नम न हो और शहर या गावँ से थोड़ी दूरी पर हो तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

अब आपको जरूरत होगी एक अच्छी शेड की जहां पर बकरियां सुरक्षित रह सकें ,शेड को बनाबाते समय ये ध्यान रखें कि हर एक बकरी को रहने के लिए उपर्युक्त स्थान मिल सके।

बकरियां भले ही कम रखें लेकिन अच्छी नस्ल की रखें जिससे आपको मांश और दूध प्राप्त हो सके,एक शेड में एक नस्ल की बकरियां रखना ही ठीक होगा।

आप छोटे मेमनों अथवा बड़ी बकरियों को खरीद सकते हैं,मादा मेमनों को खरीदने से आपको इंतजार ज्यादा करना पड़ेगा।

आप शुरु में 10 से 20 बकरी रख सकते हैं जिससे देखभाल में आसानी हो, बाकी बाद में ज्यादा खरीद सकते हैं या प्रजनन से प्राप्त कर सकते हैं।

बकरी पालन व्यवसाय में ध्यान रखने के तथ्य-

आपको हमेशा ध्यान रखना होगा कि कोई भी बकरी किसी प्रकार से शान्त या अस्वस्थ नजर आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

बकरियों की जुगाली का बेहतर ध्यान रखें जुगाली न करने पर डॉक्टर से सम्पर्क करें।

जिस बकरी का स्वास्थ्य ठीक न लगे उसे बाकी बकरियों से अलग रखना चाहिए।

बकरियों के लिए तापमान (सर्दी, गर्मी) का आवश्यक ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

समय-समय पर बकरियों को नहलाना चाहिए।

बकरियों को समय-समय पर बैक्सीन और जूं से बचने के लिए दबाई लगानी चाहिए।

बकरी पालन प्रशिक्षण ( Traininng )की जानकारी यहाँ से पढ़े

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