बकरी पालन व्यवसाय कैसे शुरू करें जानें पूरा तरीका (bakri palan) Goat Farming In Hindi

बकरी पालन व्यवसाय कैसे शुरू करें जानें पूरा तरीका – बकरी पालन भारतीय समाज का बहुत ही पुराना व्यवसाय रहा है बकरी पालन को सदैव किसानी से जोड़ कर देखा जाता रहा है जो भी किसानी करता है वो साथ-साथ बकरी पालन भी करता ही है लेकिन किसानी करने और बकरी पालन में काफी अंतर है दोनों ही अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग प्रशिक्षण के माध्यम से मुनाफे की लागत तक पहुँचते है

बकरी पालन व्यवसाय बहुत ही ज्यादा मुनाफ़ा वाला व्यवसाय में से एक हमारे भारत में माना जाता हैं और यह व्यवसाय कोई भी बहुत आसानी से कर सकता हैं अगर उन्हें पूरी तरह से बकरी पालन की सही जानकारी पता हो 

आज मैं आप लोगो को बकरी पालन बिजनेस कैसे शुरू करे उसकी पूरी जानकारी शुरू से आखरी तक डिटेल में बताने जा रहा हूं हमारे इस लेख को शुरू से लेकर आखिर तक पढ़े ताकि आपको जरूरी जानकारी बकरी पालन व्यवसाय के बारे में हासिल हो सके 

भारत में बकरी पालन व्यवसाय का दायरा(Scope) क्या है? 

हमारे भारत में बकरी पालन में अच्छा गुंजाइश माना जाता हैं देश भर में बकरे का मीट की भारी मांग हैं अगर बकरी पालन का बिज़नेस हम अच्छी तरह से करे तो यह बहुत ही ज्यादा लाभदायक हैं क्युकी हमारे भारत में 75% से ज्यादा लोग मांस खाने वाले हैं

हमारे भारत में किसी भी मज़हबी रोक न होने के कारण भारत में बकरी का मांस बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय होता जा रहा हैं और इसकी मांग इंडिया में ही ज्यादा नहीं हैं बल्कि बहार मुल्को में भी बहुत मांग हैं और इंडिया सेकंड नंबर में आता हैं बकरे की मीट के कारोबार के मामले में 

हमारे भारत में sunday हो यह monday यह किसी की शादी हो यह पार्टी बकरे का मीट हमेशा बनता ही रहता हैं और सभी लोग बहुत ही आनंद के साथ खाते है बकरी का मांस स्वादिष्ट होने के साथ साथ इनका दूध भी बहुत ज्यादा सेहतमंद होता है मांसाहारियों के लिए बकरी का मांस और स्वास्थ्य जागरूक लोगों के लिए बकरी के दूध की भारी मांग हैं यह सब के वजह से भारत में बकरी पालन करना बहुत ही ज्यादा लाभदायक हैं

बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने से पहले क्या योजना की आवश्यकता है

आप निम्नलिखित बिन्दुओं पर विचार करके सही योजना बकरी पालन के लिए बना सकते हैं: 

1) स्थान का चयन जहां आप एक बकरी फार्म शुरू करने का सोच रहे हैं – 

बकरी पालन शुरू करने के लिए सब से पहला कदम होता हैं सही जमीन या स्थान का चुनाव करे जहां आपको अपनी बकरी फार्म खोलना हैं ऐसे तो आप बकरी फार्म कही भी खोल सकते हैं बकरी फार्म अगर सहर से दूर गाँव के इलाके में खोलते हैं

जहां आस पास हरा भरा खुला मैंदान और बकरी को चराने वाली जगह हो जहां आप अपने बकरियों को रोज हरा चारा भी खिला सके जहां सुध हवा स्वच्छ पीने का पानी  हो ताकि बकरी की खाने पीने में जो खर्चा होता हैं वो आपका कम से कम हो और आपको ज्यादा फ़ायदा मिल सके अपने बकरी फार्म व्यवसाय से | 

जिस जगह आप फार्म खोलना चाह रहे हैं उस जगह को पूरी तरह से बाउंडरी करवा दे ईंट और सीमेंट की बाउंडरी करवाए ताकि यह आपके बकरी फार्म के लिए ज्यादा सुरक्षित रहेगा जब आपने बाउंडरी करवा लिए हो तब आपको बकरी शेड का निर्माण करना होगा

मेरा भी एक खुद का बकरी फार्म हैं जो सिर्फ 20 डेसिमल का हैं जिसमें मेंने 15 डेसिमल में बकरी पालन के लिए शेड बनवाया हैं और जो बाकी 5 डेसिमल बचा वो मेंने उसमे एक रूम बनवा दिया हैं वहां रहने वाले बकरियों को देख भाल करने वाले के लिए हैं शुरू के दिनों में मेरे पास सिर्फ 5 बकरिया थी और 2 बकरा आज के दिनों में वो बढ़ कर 35 हो गये हैं अगर आप सही तरीके से देख भाल करेंगे तो इससे भी ज्यादा आपके पास हो सकता हैं 

2) बकरी शेड निर्माण योजना करे –

जब आपने बकरी फार्म के लिए सही स्थान का चुनाव करलिए तो अब आपको बकरी की शेड का निर्माण करने का योजना बनाना होगा की बकरियां कैसे सुरक्षित पल सके इसके लिए आपको एक अच्छा साफ,स्वच्छ शेड की आवश्यकता होगी बकरी के शेड बनाने के 2 प्रकार होते है

एक जमीन पर और जमीन से कुछ उंची पे दोनों में फर्क यह हैं की अगर आप जमीन से ऊंची शेड बना रहे हैं उसका लागत थोड़ा ज्यादा आता हैं और जो शेड जमीन पर बना रहे हैं उसका खर्च थोड़ा कम होता हैं लेकिन जो शेड जमीन के उप्पेर बनाया जाता हैं उसका फ़ायदा बहुत ज्यादा होता हैं

बकरी का शेड बनवाना आप के एरिया पर निर्भर होता हैं अगर आपके एरिया में बारिश यह सर्दी ज्यादा हैं तो आपको जमीन के उपर ही शेड बनवाना चाहिए अगर आपके जगह में बारिश यह सर्दी कम रहती हैं तो आप जमीन पे भी शेड बनवा सकते है यह सब चीज़ आप पर निर्भर है आपको कैसे बनवाना हैं

जमीन के उपर शेड बनवाने से बकरी जो बीमार होती हैं वो भी बहुत कम हो जाता हैं वही अगर आप जमीन पर शेड बनवाते हैं तो बकरियों का बीमार होना का ज्यादा डर होता हैं जो सफ़ाई हम जमीन के उप्पेर वाले शेड में रख सकते हैं उतना सफ़ाई हम नीचे नहीं रख सकते हैं तो यह हैं इन दोनों का फर्क 

कोन सा शेड का निर्माड करे…कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखें?  

यह बात बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं आपका बजट कितना है आपके पास शेड बनाने के लिए कितना पैसा हैं अगर बजट काम हैं आप छोटे तोर पर बकरी पालन शुरू करने की सोच रहे है तो आप जमीन पर ही शेड बना सकते हैं अगर आपके पास बजट ज्यादा हैं तो आप high quality वाला शेड बनाये जो जमीन के उप्पेर बनता हैं 

1) बकरियों का शेड बनाते समाये यह भी सही से धयान रखे की शुद्ध हवा आने जाने के लिए कोई जगह खुला हो ताकि बकरियों को शुद्ध हवा हमेशा मिलते रहे

2) शेड बनाते समाये बकरियों के लिए शुद्ध पीने का पानी के लिए भी सही व्यवस्था रखे उसके लिए आप अपने जमीन में एक बोरिंग करवा ले ताकि बकरियों को हमेशा शुद्ध पानी मिलता रहे

3) बकरियों के घर में पानी निकलने का उचित व्यवस्था रखे ताकि जब भी आप अपनी बकरी शेड की सफाई करे तो  बकरियों का मल-मूत्र और पानी आराम से शेड से बहार निकल जाये  उसके लिए जमीन थोड़ी ढाल बनवा दे

4) बकरी घर की दाहिने बाई और पीछे की दीवार की लम्बाई कम से कम 15 फिट का रखे और दीवार उसकी 10 इंच मोटी बनवाये ताकि शेड के अंदर का तापमान Normal रहे शेड का छत एल्बेस्टर का बनवा ले यह सस्ती और अच्छी होती हैं

5) शेड के अंदर 3 भाग बनवाये ताकि बकरी बकरा और छोटे बच्चे सब अलग अलग रहे

6) शेड में खाने पीने वाले बकरियों के बर्तन की हमेशा साफ़ सफाई करते रहे ताकि बकरियों को बिमारी से बचाया जा सके 

7) बकरियों की रहने की जगह शहर से काफी दूरी पर होना चाहिए 20 बकरियां होतो एक एकड़ की जमीन काफी है  बकरियों की रहने की जगह पर हरे चारा की उत्पत्ति का साधन होतो काफी फायदेमंद और मुनाफा भरा रहेगा इससे कम खर्चे में बकरियों को पोष्टिक चारा मिलेगा .

3) बकरी पालन व्यवसाय के लिए बकरी की सही नसल का चुनाव करे (Goat bread selection) 

जब आपने बकरी फार्म के लिए सही स्थान चुन कर बकरी का शेड बनवा चुके हैं तो अब आपको बकरी की सही नस्ल चुन कर बकरी पालन का व्यवसाय शुरू करना होगा दोस्तों भारत में कई तरह की नस्ल की बकरी पाई जाती हैं कोई दूध और कोई मांस के लिए पहचानी जाती हैं लेकिन हमें वो नस्ल की बकरी का चुनाव करना होगा जो दूध और मांस दोनों के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं  

हर कोई नस्ल की बकरी लाभदायक नहीं होती हैं सही नस्ल की बकरी के चुनाव के लिए हमें सब से पहले यह बात ध्यान रखना हैं की हम जिस जगह में रहते हैं वहाँ का वातावरण कैसा है उस जगह के वातावरण का मूल्यांकन कर लेना बहुत आवश्यक है तभी इस बात की जानकारी होगी की विभिन्न वातावरण में कौन-कौन सी नस्ल की बकरियां पाली जा सकती है

कुछ नस्ल की बकरियां दूसरे जगह यह वातावरण में नहीं रह पाती हैं जैसे की अगर आप पंजाब में रहते हैं तो वहां आपके लिए बीतल (Beetal) बकरी का चयन सब से लाभदायक होगा यह सब को ध्यान में रख के चुनाव करे ताकि बिजनेस में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा मिल सके 

भारत में कुछ महत्वपूर्ण बकरियां पाई जाती हैं जैसे की: 

1) जमुनापारी (jamunapari)
2) सिरोही (sirohi)
3) बर्बरी (barbari) 
4) बोअर (Boer)
5) सुरति (Surti)
6) बीतल (Beetal)
7) ओस्मनाबादी (Osmanabadi)
8) झाकरण (Jhakrana)
9) सोजत (Sojat)
10) ब्लैक बंगाल (Black bengal) 

Imp Note : बकरियों के नेसल के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ से पढ़े लिंक पर क्लिक करे

बकरियों का चारा –

बकरियों की अच्छी देखभाल के लिए बकरियों के भोजन का बेहतर रूप से ध्यान रखना आवश्यक है बकरियों को पोष्टिक भोजन ही देना चाहिए जिससे उनका विकास अच्छे से हो सके बकरियों को हरा और सूखा दोनों ही चारा बराबर मात्रा में देना चाहिए हरा चारा में घास, पत्ते, बरसीम और मक्का देना चाहिए

सूखा चारा में मकई का दर्रा , गेहूं का चोकर, मुंग फली , चने का छिलका , मिनरल मिक्सचर पाउडर और नमक इन सभी के मिश्रण में पानी मिलाकर देना चाहिए. इन चारों से बकरियों का विकास अच्छे से होता है और इनका वजन भी सही मात्रा में बढ़ता है

बकरियों के प्रजजन का सही समय –

बकरियों को 15 से 18 माह की आयु में गर्भित करना ठीक होता है अच्छी देखभाल से इस आयु तक बकरियों का वजन 21 से 24 किलो के बीच हो जाता है कम वजन की बकरियों का गर्भित होना हानिकारक माना जाता है, इस वजह से गर्भित काल में बकरी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चों की मृत्यु की ज्यादा संभावना रहती है

बकरी जब गर्म होने लगे तो उसे 12 से 24 घंटे के भीतर बकरे के पास छोड़ देना चाहिए, जिससे बकरी को गर्भ धारण करने में आसानी होती है बकरियां 6 से 7 माह में बच्चे पैदा करती है और एक साथ बकरियां 2 से 3 बच्चे पैदा करती है

बकरियों का टीकाकरण ( Vaccination)

बकरियों को रोगमुक्त रखने के लिए उसे समय-समय पर टीकाकरण और डीवॉर्मिंग जरुर करवाते रहना चाहिए पैर और मुहं के रोग में (एफएमडी), गोट प्लेग के रोग (पीपीआर), हेमोरेगिक सेप्टिसेमिया (एचएस), एंथ्रेक्स, गोट पोक्स से संबंधित टीकाकरण और डीवोर्मिंग समय-समय पर कराते रहना चाहिए , जिससे बकरियां सामान्य रूप से अपना विकास कर पाए और हष्ट-पुष्ट रहे.

बकरियों को बेच कर ज्यादा से ज्यादा पैसा कैसे कमाया जाए ?

भारत में 70% भारतीय मांसाहारी है और अधिक संख्या में लोग बकरे का मांस (मीट) को खाना पसंद करते है कोई भी आयोजन या समारोह हो उसमे बकरे का मीट लोगों की पहली पसंद होती है भारत से ज्यादा विदेशों में बकरे का मीट पसंद किया जाता है, जिस वजह से भारत से विदेशों में बकरियों का मांस अत्यधिक मात्रा में निर्यात किया जाता है

सामान्यता एक बकरी 6000/- से 7000/- रुपये की दर से बेची जाती है अगर साल भर में 20 बकरियां ही पाल कर बेची जाए तो 1 लाख से उपर तक की आमदनी होती है जबकि बकरियों को पालने में कम से कम खर्चा आता है

बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसे कोई भी शुरू कर सकता है और ये व्यवसाय किसी दूसरे काम के साथ-साथ भी किया जा सकता है ये व्यवसाय गाँव में महिलाएं अधिक मात्रा में करती है और इस व्यवसाय से मुनाफा कमाती है बड़े व्यापारी गाँव जा कर ही अधिक संख्या में बकरियां खरीदते है और फिर उसे आगे अच्छे कीमत में बेचते है

बकरी पालन शुरू करने में लागत कितना आएगा और मुनाफा कितना होगा

बकरी पालन शुरू करने में एक बकरी पर साल भर का खर्चा 3500/- से 4000/- तक का आता है और इसे बेचने पर इसके लागत का तीन गुना मुनाफा होता है बकरी पालन कम लागत में अच्छे मुनाफे का व्यवसाय है .

बकरी पालन का फायदा –

बकरी पालन कम लागत में अच्छा व्यवसाय है, बकरी पालन सामान्य वातावरण से साथ-साथ सूखा प्रभावित क्षेत्र में भी किया जा सकता है बकरी पालन में मुनाफा तत्काल समय में मिलता है इस व्यवसाय में किसी भी तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है

ये व्यवसाय बहुत जल्दी बढ़ोतरी करता है क्योंकि बकरियां साल में दो बार बच्चे पैदा करती है और एक साथ 2 से 3 बच्चे पैदा होते है, जिस वजह ये व्यवसाय बहुत कम में कई गुना मुनाफा कराता है बकरियों का मीट भारत और विदेशों में अत्यधिक मात्रा में सेवन किया जाता है, जिस वजह से ये व्यवसाय खूब फलता फूलता है 

बकरी पालन प्रशिक्षण ( Traininng )की जानकारी यहाँ से पढ़े

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