सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने सम्पूर्ण जानकारी | How to Become Software Engineer after 12th

कक्षा 12 के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने, सम्पूर्ण जानकारी (How to become Software Engineer after 12th)

आज के समय मे एक नई शिक्षा की जरूरत है जो विद्यार्थीयों को दी जाना चाहिए। भारत के अलावा विदेशो मे हर रोज एक नई प्रकार की शिक्षा का प्रचार हो रहा है जिसमे विद्यार्थीयों को थ्योरिकल से ज्यादा प्रेक्टिल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान के बच्चे भी काफी एडवांस है और आज के कम्प्यूटर के दौर मे तो बच्चो को कुछ भी सिखाने की जरूरत नही पडती। हर समय एक नई टेक्नोलाॅजी को आज के बच्चे सीख रह है और अपने आसपास के बच्चो को भी एडवांस बना रहे है।

आज हम अपने इस लेख मे इसी प्रकार की एक नई शिक्षा के बारे मे बता रहे है जो प्रोफेसन मे साॅफ्टवेयर इंजीनियर के नाम से जानी जाती है। अत: आप इस लेख को अंत तक पढे़ ताकि आपको इससे सम्बंधित पुरी जानकारी मिल सके।

क्या है सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग ? (What is Software engineering ?)

साॅफ्टवेयर इंजनियरिंग एक ऐसे कोर्स से है जिसका साधारण का सा अर्थ है जिसमे कम्पयूटर के लिए डिवाईस, साॅफ्टवेयर इत्यादी बनाये जाते है। एक साॅफ्टवेयर इंजीनियर कम्प्यूटर और मोबाईल के लिए साॅफ्टवेयर बनाता है। एक साॅफ्टवेयर इंजीनियर अपनी स्कील के अनुसार कोडिंग करता है और उस कोड को एक साॅफ्टवेर का रूप देता है।

साॅफ्टवेयर क्या है :

एक सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का ही हिस्सा हैं ओर सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही इसे बनाते है और develop करते हैं। सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के अंदर दिखने वाले सिस्टम होते है जिन्हें आप छू नही सकते परन्तु देख सकते हैं।

कौन बन सकता है सॉफ्टवेयर इंजीनियर ? (Who can become a software engineer)

इससे पहले हमने देखा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्या होता हैं, इस टॉपिक में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए क्या योग्यता चाहिए उसके बारे में देखेंगे।

1) सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए कोई ख़ास योग्यता नही चाहिए बस आप 12 क्लास पास हो।
2) सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए कंप्यूटर में आपका इंटरेस्ट होना चाहिएम
3) कई ऐसी अफवाहे हैं की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए आपका इंग्लिश ओर गणित अच्छा होना चाहिए पर ऐसा कुछ भी नही हैं अगर आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है तो आप का इंटरेस्ट होना चहिए कंप्यूटर में।
4) आप अगर कंप्यूटर या उनकी भाषाओं को सीखने में स्वार्थ रखते हैं तो आप आसानी से सॉफ्टवेयर इंजिनीरिंग सिख सकते हैं।

12 क्लास के बाद सॉफ्टवेयर इंजिनीरिंग (software engineering after class 12)

जैसा की आपको पहले ही पता हैं की क्लास 12 के बाद आप आसानी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं। इसके लिये आपके मन मे 2 आसान से सवाल होने चाहिए ।

पहला : क्या आप को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग अपने प्रोजेक्ट के लिए सीखनी है?

दूसरा : क्या आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जॉब के लिए सीखनी है?

पहला प्रश्न का उत्तर : अगर आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग अपने किसी प्रोजेक्ट के लिए सोखनी हैं तो आप इंटरनेट से या किसी प्राइवेट कोचिंग संस्थान से सीख सकते हैं, उसमे शर्त यह हैं की जिसके लिए आपको कुछ कंप्यूटर की भाषाओं को सीखना पड़ेगा। इन भाषाओं के बारे में आगे बताया गया हैं।

दूसरे प्रश्न का उत्तर : अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोई जॉब करने के लिए कर रहे हैं तो आपको उसके लिए आप कोई भी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री कर सकते हैं।

कुछ महत्वपूर्ण बातें जो 12वी कक्षा के बाद के छात्रों के लिए

क्लास में किसी भी छात्र के ऑप्शनल विषय में गणित है तो वो किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय से यह डिग्री कर सकते हैं, परंतु ऐसा जरूरी भी नही हैं क्योंकि कुछ कॉलेज या विश्वविद्यालय यह डिग्री बिना गणित के background के छात्रों को भी करवाती हैं।

अगर आप किसी अच्छे कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना चाहते है तो उसके लिए आपके क्लास 12 में अच्छे नम्बर होने चाहिए। परंतु यह जरूरी भी नही की आपके अच्छे नंबर हो। एक ऐसा छात्र जो क्लास 12 में सिर्फ पास होने के बाद भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।

आपका कंप्यूटर में इंटरेस्ट हो तो ही आप यह डिग्री जॉइन करे।

क्लास 12 के बाद आसानी से यह डिग्री या कोर्स कर सकते हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में सीखी जाने वाली कंप्यूटर की भाषाएँ (computer languages that needs to learn for software engineering)

वैसे तो कंप्यूटर की दुनिया में नई नई भाषाएँ आती रहती हैं परंतु आपको हम यह कुछ ऐसी महत्वपूर्ण भाषाओ के बारे में बताने जा रहे है जो आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के लिए सीखनी जरुरी हैं।

C/C++ programming language : सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए आपको कंप्यूटर की भाषा को सीखना जरुरी हैं क्योंकि यह कंप्यूटर की भाषाओ का basic है अब भाषा इसी भाषा के आधार पर बनी हैं। यह एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं जो कंप्यूटर प्रोग्राम बनाने के लिए उपयोग में होती हैं।

Java script : यह कंप्यूटर में एक स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज हैं जिसका उपयोग करते हुए आप आसानी से कंप्यूटर के प्रोग्राम में सरलता ला सकते हैं यानी उस प्रोग्राम को आसान बना सकते हैं।

Java : यह multipurpose कंप्यूटर की भाषा है जिसका उपयोग दुनिया में सबसे ज्यादा होता हैं, ज्यादातर सॉफ्टवेयर इंजीनियर इसी लैंग्वेज को prefer करते है क्योंकि इस एक लैंग्वेज के मदद सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोबाइल app, desktop सॉफ्टवेयर, और web एप्लीकेशन आसानी से बना सकते हैं।

Dot Net : यह भी एक multipurpose प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं जिसमे माध्यम से आप 3नो प्लेटफार्म जैसे मोबाईल, कंप्यूटर ओर वेब इतियादी के लिए एक ही प्रोग्राममिंग language से बना सकते हैं।

इन भाषाओं के अलावा भी कई सारी लैंग्वेजेज हैं जिसका उपयोग सॉफ्टवेयर इंजीनियर करते हैं जैसे Python, matlab, इत्यादी।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए किए जाने वाले कोर्सेज (courses for software engineering)

अगर आप 12th के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने की सोच रहे हैं तो आपको इन कोर्सेज को करना होता हैं जो कि स्नातक ओर स्नातकोत्तर लेवल के होते हैं। कुछ निम्न कोर्सेज जो जरूरी हैं।

BCA – अगर आप 12th के बाद करने की सोच रहे है तो आपको इस कोर्स में admission लेना चाहिए 3 साल के इस कोर्स में आपको कंप्यूटर से संबंधित सारी जानकारी साथ ही सॉफ्टवेयर इंजिनीरिंग के दोहरान काम मे आने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में भी बताया जाता हैं जैसे C/C++, java, DotNet etc ओर साथ ही कंप्यूटर के बारे में कई और जानकारियां दी जाती हैं जो आपको एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर करने के दोहरान काम मे आती हैं।

Btech in computer science and engineering – इस कोर्स में भी आपको BCA की तरह कंप्यूटर आपको कंप्यूटर और इसके प्रोग्राममिंग की तरह ही जानकारी दी जाती हैं साथ ही कंप्यूटर की programming languages के बारे में भी बताया जाता हैं। यह भी graduation लेवल का कोर्स हैं, जो कि आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के लिए करना होता हैं।

इस कोर्सेज के अलावा आप MCA, MTECH भी कर सकते हैं या फिर कोई डिप्लोमा जैसे O-LEVEL, PGDCA आदि।

यह सारे कोर्सेज आप भारत की किसी भी मान्यता प्राप्त college से कर सकते हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कार्यक्षेत्र। (Workplaces for software engineering)

वैसे तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए कई कार्य क्षेत्र हैं परंतु हम आपको 2 महत्वपूर्ण क्षेत्रो के बारे में बता रहे हैं

पहला freelancing : अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के बाद अपना खुद का बिज़नेस भी कर सकते हैं जिसमे आप लोगो को सर्विसेज दे सकते हैं। इसमे आप खुद के हिसाब से काम कर सकते हैं। इसके लिये कई online प्लेटफार्म हैं जहाँ आप अपनी सर्विसेज sale कर सकते हैं।

दूसरा – किसी कंपनी के लिए नोकरी : अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर करने के बाद किसी अच्छी और बड़ी कंपनी जैसे ट्विटर, गूगल ओर भी अन्य कंपनी के लिए काम कर सकते हैं।

यह आप पर निर्भर करता हैं कि आप क्या चाहते हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के फायदे। (Benefits of software engineerings)

Softwares engineering को हम 2 तरह से देख सकते हैं पहला सरकारी और दूसरा प्राइवेट/निजी। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में आपको कई तरह से फायदे हैं जिसमे कुछ निम्न हैं।

आर्थिक फायदा : अगर आप सरकारी नौकरी करते हैं या प्राइवेट इससे कोई फर्क नही पड़ता। इस काम के कमाई के अनेक साधन है जिसमे आप प्राइवेट नॉकरी करके भी अच्छा कमा सकते हैं और खुद का बिज़नेस करके भी।

सामाजिक फायदा : सॉफ्टवेयर इंजीनियर को भी लोगों में एक सरकारी नौकरी की तरह देखा जाता हैं तो आपको समाजिक फायदे भी मिलते हैं।

वैसे तो कई वे फायदे हैं पर जो ऊपर बताये है वो महत्वपूर्ण हैं।

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की विशेषताएँ। (Features of a software engineering)

वैसे तो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर खुद में ज्यादा की एक्सपर्ट होता हैं कि उसकी विशेषताओं को गिना नही जा सकता परंतु उनमे से कुछ के बारे में हम आपको बता रहै हैं।

ज्यादातर साॅफ्टवेयर इंजीनियर एक टीम के साथ मिल कर काम करते है इसलिए उन्हे ज्यादा अनुभव होतो है लोगो और अपने क्लाइंटस के साथ व्यवहार करने का।

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दूसरी विशेषताए है साॅफ्टवेर को डिजाइन और डवलप करना।

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तीसरी विशेषता है साॅफ्टवेर या वैब एप्पीकेशन के लिए सिक्यारिंट बनाये रखना।

एक साॅफ्टवेयर को मेंटेन रखना

एक परटीकुलर कोड को एक साॅफ्टवेयर मे तबदील करता है। इत्यादी

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के लिए बेहतर काॅलेज / विश्वविद्यालय। (Best colleges and universities for doing software engineering)

वैसे तो भारत मे कई ऐसे काॅलेज और विश्वविद्यालय है जो यह डिग्री करवाती है परन्तु हम यहा आपके मुख्यतः 3 काॅलेजो के बारे मे बतायेंगे जहा आपको यह कोर्स करना चाहिए।

Noida International University, Noida
Indian Institute of Information Technology (IIITA) Allahabad
R College of engineering, Bangalore

इन कॉलेजों के बारे मे हमने अपनी रिसर्च के आधार पर बताया आप अपने हिसाब से कोई भी कॉलेज मे प्रवेश ले सकते है क्योकि सब कॉलेज अपने – अपने स्तर पर अच्छे है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के बाद स्काॅप । (Scopes after software engineering)

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद कई सारे स्काॅप है जिसमे आप अपना खुद का बिजनस या स्र्टाटअप कर सकते है या किसी भी कम्पनी के लिए काम कर सकते है। अगर आप किसी भी कम्पनी के लिए काम करते है तो आपको एक निश्चित सैलेरी दी जाती है वही आप अगर खुद का व्यवसाय आरम्भ करते है तो आप एक च्छा एमाउंट बना सकते है। भारत मे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलेरी 25,000 से आरम्भ होती है (फ्रेशर के हिसाब से) बाद मे अनुभव के साथ बढती जाती है। अगर आपके पास अच्छा अनुभव है तो आप किसी बडी कम्पनी जैसे गूगल, याहू, इत्यादी के लिए भी काम कर सकते है वहा आपको सैलेरी लाखो मे मिलती है।

निष्कर्ष

हमने अपने इस लेख मे साफ्टवेरयर इंजीनियर कैसे बने व 12 कक्षा के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने इसके बारे मे बताया है उम्मीद है आपको यह पसंद आया होगा।

One Comment

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: