खिलौने का बिजनेस कैसे स्टार्ट करें | Kids Toys Business Ideas in Hindi

आज कल अपने बेसिक जरूरतों को पूरा करने के लिए हर कोई , कोई न कोई काम करता है, चाहे को सरकारी नौकरी हो या प्राइवेट नौकरी या फिर व्यापार।और इनमे से ज्यादातर लोग व्यापार की फील्ड से जुड़े होते है, कम उम्र के लोगों से लेकर वृद्ध तक आज इस व्यापार में है, हर व्यापारी किसी न किसी उत्पाद (product) का व्यापार कर रहा है, इन व्यापार में से आज खिलौने का व्यापार एक ऐसा व्यापार है, जिसे हर उम्र के लोग, आसानी से कर सकते है, 

बच्चों के जनसंख्या के हिसाब से भारत सबसे बड़ा देश है। यहां के कुल जनसंख्या का हर तीसरा भारीतय बच्चा है। और हर कोई पैरंट्स अपने बच्चे को खिलौना दिलवाता ही है। इसलिए खिलौने का बिजनेस भारत में काफी तेज़ी से बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़ खिलौना का बिजनेस 15 से 20% प्रति वर्ष के दर से बढ़ रहा है। देश में पिछले कुछ सालों में मेक इन इंडिया के तहत कई नई कंपिनिया भी खुल रही है। जिससे चीनी कंपनी के खिलौने की रंग फीकी होती जा रही है। तो एक खिलौना व्यापार को शुरू करने से लेकर उसे जमाने तक की जानकारियां के विषय मे आज हम निम्न बातो के बारे में जानकारी देंगे-

खिलौना व्यापार(Business) क्या है, खिलौना व्यापारी कौन होते होते है, खिलौना व्यापार के लिए आवश्यक जानकारियां क्या है, खिलौना व्यापार किन किन तरीको से कर सकते हैं, खिलौना व्यापार कैसे करते है, खिलौना व्यापार में लागत कितनी लगती है, खिलौना व्यापार के फायदे क्या है, खिलौना व्यापार में मुनाफा कितना है।

खिलौने का व्यापार क्या है

किसी भी खिलौने को बेचकर उससे मुनाफा कमाना ही खिलौना व्यापार है, ये एक ऐसा व्यापार है, जिसमे हर उम्र के लोग कर सकते है, खिलौना व्यापार कम लागत में ज्यादा मुनाफा कराने वाला व्यापार है, जिसके द्वारा एक खिलौना व्यापारी व्यापार करता है, और मुनाफा कमाता है।

खिलौना व्यापारी कौन होते है

खिलौने का व्यापार करने वाले व्यक्ति को खिलौना व्यापारी कहते है, ये व्यक्ति अपने व्यापार को शुरू करके उससे बाकी व्यापारियों की तरह मुनाफा कमाते है, और अपनी बेसिक जरूरतों को पूरा करते हैं।

खिलौने के व्यापार की शुरुआत कैसे करें

सही स्थान का होना-

खिलौने के बिजनेस में सही स्थान का होना बिजनेस को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती है। ये बिजनेस के लिए आप किसी पर्यटक स्थल, किसी मेन मार्केट, या वैसे स्थान जो खिलौने के लिए प्रसिद्ध हो आप वैसे ही स्थान का चुनाव करें। क्योंके पर्यटक स्थल जैसे स्थानों पे लोग ज़्यादा बच्चों के साथ घूमने आते है जिससे खिलौने की बिक्री अधिक होती है।

इस बिजनेस के लिए आपको काम से कम 200 वर्गफुट का शॉप होना चाहिए जो जो अच्छी तरह डेकोरेशन और फर्निशिंग वर्क होना चाहिए, क्यों के खिलौने के बिज़नेस जे लिए शॉप का आकर्षक दिखना ज़रूरी होता है। और इस बिज़नेस के लिए ज़्यादा स्टोरेज की आवश्यकता होती है क्यों के प्लस्टिक या सॉफ्ट खिलौने के आइटम ज़्यादा स्पेस लेते हैं।

खिलौना के थोक विक्रेता या मैनुफैक्चरिंग कंपनी का चुनाव-

खिलौना का व्यापार शुरू करने से पहले सही खिलौने के थोक विक्रेता या मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का जानकारी होना बहुत ज़रूरी है क्योंके आपको सही जानकारी होगी तो आप उनके पास से कम दाम में थोक में माल ले सकेंगे जिसे आप छोटे छोटे खिलौने वाले को भी सेल कर सकते हैं जिससे आप अधिक मुनाफ़ा कमा सकेंगे।

खिलौने का सही कलेक्शन –

मार्केट में हर दिन नए नए और मँहगे खिलौने आते रहते हैं। तो आप भी खिलौना लेते समय इस बात का खास ध्यान रखें के आप के पास हर प्रकार के खिलौने हो। वर्तमान में रेमोड या इलेक्ट्रॉनिक खिलौने के प्रचलन बहुत बढ़ रहा है ये खिलौने थोड़ा मँहगे आते है। तो आप भी इस बात का ध्यान रखें के आपके पास हर दाम का खिलौना मौज़ूद हो क्यों के हर आदमी का बज़ट अलग अलग होता है। इसके अलावा अपने आस पास के ग्राहक के इनकम को ध्यान में रखते हुए अपने खिलौने का कलेक्शन रखें।

खिलौने के कुछ प्रकार जिसे आप रख सकते हैं

रेमोड वाली गाड़ी
सामान्य प्लास्टिक की गाड़ी
बैटरी वाली गुरिया
सॉफ्ट टॉयज़
बच्चों के शिक्षा संबंधित सिखाने वाली खिलौने
बच्चों के लिए वॉकर
बच्चों के लिए झूला
बच्चों के लिए रिक्शा
उड़ने वाली प्लेन
प्लास्टिक ट्रैन इत्यादि

इसमें से सॉफ्ट टॉयज का मैन्युफैक्चरिंग करना आप चाहे तो खुद भी कर सकते है क्योंके इसका मैनुफैक्चरिंग सेटअप आप कम लागत में डाल सकते हैं। या सॉफ्ट टॉयज के लिए आप किसी नज़दीकी मनुफैटिरिंग वाले से मिल सकते हैं। क्यों के सॉफ्ट टॉयज का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट छोटे शहरों में भी मिल जाता है।

इवेंट पे लगाएं स्टाल

हमारा देश विविधताओं का देश है यहाँ तरह तरह के पर्व त्योहार पे मेले का आयोज़न होता रहता है जैसे दशहरा के मौके पे किसी पूजा स्थल पे दरगाह इत्यदि जगहों पे मेले का आयोज़न होता रहता है या कहीं कहीं खिलौना का प्रदर्शनी मेला भी लगता है जैसे मुंबई में चाइल्ड बेबी ऐंड मैटेरनिटी एक्सपो इंडिया का आयोजन होता है तो इन मौके पर आप भी अपने खिलौनों का स्टॉल लगाकर लाखों की कमाई कर सकते हैं।

खिलौना व्यापार के लिए आवश्यक जानकारियां क्या है

हर व्यापार को करने के लिए उससे जुड़ी जानकारियां होना बहुत जरूरी है, जिससे कोई भी व्यक्ति या व्यापारी उस व्यापार में खुद को जमा सके, और अच्छा मुनाफा कर सके।
खिलौना व्यापार के लिए आवश्यक जानकारियां-

सफलता की संभावनाएं कितनी है

खिलौने के व्यापार के लिए एक व्यक्ति को उस व्यापार में कितनी सम्भावनाए है, इसकी जानकारी होनी बहुत जरूरी है, की उस व्यापार को जमने या सफल होने के कितने चांस या अवसर है, सबसे जरूरी जानकारी एक व्यापार की कितनी सम्भावना है इसकी जानकारी होना है।

व्यापार के लिए निवेश कितना करना होगा

किसी भी व्यापार को करने से पहले जरूरी है ये पता करना की उस व्यापार में शुरुआत में कितना निवेश (investment) करना पड़ता है, क्योंकि हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अलग अलग होती है, तो उसके लिए ये जानकारी बहुत आवश्यक होती है।

किस उत्पाद की मांग कितनी है

किसी भी व्यापार के लिए उसमे बेचने वाले उत्पाद से जुड़ी जानकारियां रखनी जरूरी होती है, जैसे किस उत्पाद की मांग कितनी है, किस जगह पर किस तरह के उत्पाद की मांग है, हमारे प्रतियोगी (Competitor) से जुड़ी जानकारियां होना जरूरी है, जिससे व्यापार में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा किया जा सके।

व्यापार को बढ़ाने के लिए क्या क्या कर सकते है

व्यापार की शुरुआत से उसे जमाने के लिए क्या क्या करना होगा, जैसे कुछ व्यापारी शुरुआत में डिस्काउंट देकर, फ्री गिफ्ट देकर, ग्राहकों को फिक्स करते है जिससे उनके व्यापार में निश्चित ग्राहक जुड़ सके।

खिलौना व्यापार किस किस तरीके से किया जाता है

आज टेक्नोलॉजी के विकास के साथ दुनिया पूरी तरह से डिजिटल और एडवांस हो चुकी हैं, इस विकास के द्वारा ही खिलौना व्यापार भी आज दो तरीको से किया जा सकता है-

ऑनलाइन व्यापार
ऑफलाइन व्यापार

ऑनलाइन व्यापार

इस तरह के व्यापार में व्यापारी अपने उत्पाद (Product) को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेचकर मुनाफे कमाता है, इस तरह के प्लेटफार्म पर शुरू में मुनाफे भी 50 से 60 फीसदी तक हो जाते है, जिससे व्यापार को और बेहतर बनाने के लिए अच्छे मुनाफे होते है।
उदाहरण- Amazon , Flipkart, Myntra व अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म।

ऑफलाइन व्यापार

इस तरह के व्यापार में व्यापारी अपने खिलौने या उत्पाद को बिना ऑनलाइन किये अर्थात एक दुकान में सेट अप के साथ बाज़ार की दुकानों की तरह बेचकर मुनाफे कमाता है, इस तरह के व्यापार में शुरुआत में 30 फीसदी के करीब तक मुनाफा होता है, लेकिन धीरे धीरे मुनाफा भी व्यक्ति की मेहनत और काम से बढ़ने लगती है।

उदाहरण- एक साधारण सी दुकान पर खिलौना व्यापार किया जाता है, और मुनाफा कमाया जाता है।

खिलौना व्यापार कैसे करते है

किसी भी व्यापार को करने के लिए उसकी जानकारियां होना बहुत जरूरी है, और उन जानकारियों के साथ ही व्यापार को शुरू किया जा सकता है, 

खिलौना व्यापार करने के मुख्य पद होते है-

 

खिलौने व्यापार के लिए एक नाम का चयन ( Selection)

किसी भी व्यापार को करने उसके नाम का चयन करना बहुत जरूरी होता है, जिस नाम से वह उस फील्ड में अपनी पहचान बना पाए, और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित कर मुनाफा कमा सके।

खिलौने व्यापार के अपने प्रतियोगीयो (Competitors) की जानकारी रखना

हर व्यापार में कम्पटीशन है, हर व्यापारी अपने ज्यादा से ज्यादा ग्राहक को आकर्षित करने और मुनाफा कमाने के लिए नए नए तरीके, यूनिक काम करता रहता है, इसलिए हमेशा एक खिलौना व्यापार की शुरुआत में अपने प्रतियोगी की अच्छी बुरी सब जानकरी जो वो अपने व्यापार में इस्तेमाल करता है, उसकी जानकारी रखनी चाहिए, जिससे नए व्यापारी शुरुआत में अपना अच्छे से अच्छा उत्पाद और सुविधा देकर ग्राहकों को आकर्षित कर सके।

खिलौना व्यापार में उन उत्पाद का चयन करना जो बाज़ार में मांग है

खिलौना व्यापार को करने के लिए सबसे जरूरी है, जिस एरिया में आप व्यापार करने वाले है, उस बाज़ार में कैसी मांग है।

इसके लिए उस एरिया में छोटे बच्चो के ज्यादा और कम मांग वाले खिलौने का एक पूरा ब्यौरा रखना चाहिए और साथ साथ किस कीमत या दाम के खिलौने उस एरिया में ज्यादा बिकते हैं इसका ब्यौरा रखना चाहिए, जिसकी मदद से दुकान में ज्यादा डिमांड वाली चीज को सेट कर सके, और उन्हें बेचकर मुनाफा कमाया जा सके।

खिलौना व्यापार के लिए परमिट और लाइसेंस बनवाना

किसी भी व्यापार के लिए उस व्यापार से जुड़े परमिट और लाइसेंस होना जरूरी होता है, जिससे आने वाले समय में कोई कानूनी कार्यवाही की परेशानी न हों, 

इसके लिए कानूनी सलाहकार से मदद लेकर परमिट और व्यापार से जुड़ा लाइसेंस भी बनवा ले।

खिलौना व्यापार के लिए एक दुकान का चयन करना या खरीदना

किसी भी व्यापार को चलाने के लिए उसके सेटअप के लिए एक ऐसी जगह होना जरूरी है, जहा उसे सेटअप दिया जाए, इसलिए एक दुकान का चयन कर ले।

खिलौना व्यापार के उत्पादों को दुकान में सेटअप करना

दुकान को लेते ही सबसे पहले दुकान में सेटअप करे, जिससे खिलौने सही तरीके से सेट रहे, और सामान को निकालने और खोजने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

खिलौने व्यापार की दुकान की सजावट करना

हम सब जानते है, एक कहावत है-

“जो दिखता है वो बिकता है”

इस बात के अंदर यही कहा या जो जितना अच्छा दिखता है, लोग उसकी तरफ उतना आते है, यही चीज़ व्यापार से जुड़ी दुकान की सजावट के लिए कहा गया है, की अगर व्यापारी दुकान की सजावट अच्छी करेगा, तो  बहुत से ग्राहक उससे आकर्षित होंगे, और उतना ही बिक्री ज्यादा होगी, और मुनाफा भी उतना ज्यादा होगा।

खिलौना व्यापार की शुरूआत फ़्री गिफ्ट और डिस्काउंट से करना

इस व्यापार की शुरूवात फ्री गिफ्ट देकर और खिलौने पर कुछ डिस्काउंट देकर करना चाहिए, जिससे ग्राहकों को आकर्षित कर उन्हें निश्चित किया जा सके, और उनसे लम्बे समय तक उनके बच्चों के लिए खिलौना बेचकर मुनाफा कमा सके।

इस प्रकार अपने खिलौने व्यापार करके एक व्यापारी खिलौना बेचकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकता है।

खिलौने का बिजनेस में कितनी आएगी लागत

किसी भी व्यापार को बनाने में उसमे लागत लगानी पड़ती है, जिससे उसे शुरू किया जा सके, उसी तरह खिलौना व्यापार में शुरूआती लागत एक लाख से ढेड़ लाख के करीब लगती है इसमें मुख्यतः होती है-

दुकान का किराया- 15000
बिलिंग के लिए बिलिंग मशीन और कंप्यूटर, प्रिंटर में- 50,000
दुकान के लिए खिलौने/ उत्पाद-50,000( शुरू में ज्यादा उत्पाद न ले, महंगे न ले, बस जिनकी मांग हो ज्यादा वही ले)
फर्नीचर दुकान के लिए- 20,000
कर्मचारी है तो उनके लिए- 10,000
बाकी और कुछ भी सजावट या किसी चीज़ में खर्च लेकर ढेड़ लाख के करीब पूरा खर्च आएगा।
जिसके लिए एक खिलौना व्यापार की शुरूआत करने वाले व्यक्ति को मानसिक रूप से तैयार रहना होगा।

खिलौने का व्यापार में मुनाफा कितना है

खिलौना व्यापार में मुनाफा दो तरह का होता है-

ऑफलाइन व्यापार में मुनाफा( शुरुआती)
ऑनलाइन व्यापार में मुनाफा(शुरुआती)

ऑफलाइन व्यापार में मुनाफा(शुरुआती)

ऑफलाइन खिलौना व्यापार के शुरुआती दौर में लगभग 25 से 30 फीसदी तक है मुनाफा होता है, कमाई की बात करें तो आप खिलौने के बिजनेस में अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं क्यों के खिलौना एक ऐसा आइटम है जिसके खराब या बर्बाद होनर का डर नही रहता है। इसलिए इसको बेचने की भी जल्दी नही होती है। और इसका कोई फिक्स रेट भी नही होता है। इसलिए वो आप पे निर्भर करता है के आप अपनी लागत से कितना मुनाफ़ा लेकर ग्राहक से डील कर सकते हैं।

वैसे इन धंधे से जुड़े लोगों जे मुताबिक़ अगर आप के पास 100 रुपया का खिलौना है तो आप उसे खुदरा में 150 तक भी बेच सकते हैं। लेकिन धीरे धीरे ये मुनाफा बढ़ता जाता है, जिससे काम और व्यापार दोनों अपनी जगह बाज़ार में बना लेता है।

ऑनलाइन खिलौना व्यापार(शुरुआती)

ऑनलाइन खिलौना व्यापार में शुरुआत में 50 से 60 फीसदी लगभग मुनाफा हो जाता है, जिससे व्यापारी अपने काम को और बेहतर करने की कोशिश करता है।

फ्रेचाइजी लेने के है अवसर

भारत में बहुत सारी ऐसी कंपनिया है जिसके साथ आप फ्रेंचाइज़ी लेकर काम कर सकते हैं। इनमें से एक कंपनी है “खिलौने वाला” खिलौने वाला आपको अपने साथ बिजनेस करने का मौका दे रही है इसके लिए आपको 3 से 5 लाख तक लग सकता है। अधिक जानकारी के लिए आप khilonewala.in पे जा सकते हैं और यहाँ से जरूरी जानकारी हासिल कर सकते है।

खिलौने का बिजनेस शुरू करने के लिए थोक माल कहाँ से लें

वैसे तो हर शहर में कोई न कोई खास मार्केट होता है खिलौने के थोक विक्रेता के लिए जिसे आप पता कर सकते हैं। लेकिन अगर आप दिल्ली के आस पास से हैं तो आप सदर बाजार या चांदनी चौकी इन जगहों से थोक में माल ले सकते हैं। ये सब जगह खिलौने के थोक विक्री के लिए प्रसिद्ध है।

खिलौना व्यापार के फायदे क्या है

* खिलौना व्यापार ऐसा व्यापार है, जिसको किसी भी जगह किया जा सकता है।
* खिलौना व्यापार एक ऐसा व्यापार है, जिसकी मांग कभी खत्म नही होंगी।
* खिलौना व्यापार एक ऐसा व्यापार है, कम लागत लगाकर धीरे धीरे खुद को इस व्यापार में जमाया जा सकता है।
* कम लागत ज्यादा मुनाफा इस व्यापार की अच्छी चीज है।
* खिलौना व्यापार, व्यापार के साथ साथ बच्चो की खुशियो की वजह बनता है।

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